✅ सीधा जवाब: वार्ड पंच का चुनाव वही लड़ सकता है जिसकी उम्र नामांकन वाले दिन तक 21 साल पूरी हो और जिसका नाम उसी ग्राम पंचायत की मतदाता सूची में हो। पढ़ाई की कोई शर्त नहीं, और बच्चों की संख्या पर अब कोई रोक नहीं। वार्ड आरक्षित है तो उसी वर्ग का व्यक्ति लड़ेगा, और महिला वार्ड से सिर्फ महिला। नामांकन में प्ररूप 4, प्ररूप 4घ और शौचालय की घोषणा लगती है, और आरक्षित वार्ड पर जाति प्रमाण पत्र भी। जमानत राशि और ₹50 के स्टाम्प पेपर वाला शपथ पत्र सिर्फ सरपंच के लिए हैं, वार्ड पंच के लिए नहीं।

🗓️ बाकी चरणों में वार्ड पंच का नामांकन: दूसरा चरण 29 अक्टूबर (मतदान 30 अक्टूबर), तीसरा 4 नवंबर (मतदान 5 नवंबर), चौथा 15 नवंबर (मतदान 16 नवंबर)। हर बार सिर्फ एक दिन, सुबह 8 से 11 बजे तक, ग्राम पंचायत मुख्यालय पर। उसी दिन 11:30 बजे जांच और दोपहर 2 बजे तक नाम वापसी। आपकी पंचायत किस चरण में है: अपना जिला चुनकर देखें →

राजस्थान के इस पंचायत चुनाव में 1,30,589 वार्ड पंच चुने जाने हैं, सरपंच के 14,403 पदों के करीब नौ गुना। पहले चरण की पंचायतों में मतदान 24 अक्टूबर को है, और बाकी तीन चरणों में वार्ड पंच के नामांकन 29 अक्टूबर, 4 नवंबर और 15 नवंबर को होंगे। वार्ड पंच की योग्यता लगभग सरपंच जैसी ही है, क्योंकि दोनों पर पंचायती राज अधिनियम की एक ही धारा 19 लागू होती है। फर्क नामांकन के कागज़ों में है: सरपंच वाली जमानत और शपथ पत्र वार्ड पंच पर लागू नहीं होते। नीचे हर नियम उसके असली दस्तावेज़ के साथ है, ज़्यादातर राज्य निर्वाचन आयोग के 6 अक्टूबर 2026 के आदेश 10055 से, जो पंच और सरपंच के नामांकन के साथ लगने वाले दस्तावेज़ों पर आयोग का ताज़ा निर्देश है।

योग्यता की चार शर्तें और तीन रोक इस एक मिनट के वीडियो में हैं। वीडियो सरपंच पद पर है, पर ये शर्तें वार्ड पंच पर भी ऐसे ही लागू होती हैं:

वीडियो: सरपंच बनने की योग्यता 2026: तीन बच्चे और अनपढ़ भी लड़ सकेंगे चुनाव

(वीडियो 4 अक्टूबर का है। उसके बाद आयोग ने 6 अक्टूबर को पहले तीन चरणों का मतदान एक-एक दिन पहले कर दिया, इसलिए तारीखें ऊपर वाली मानें। वीडियो में बताई खर्च सीमा सरपंच पद की है।)

वार्ड पंच की योग्यता 2026: एक नज़र में

शर्तवार्ड पंच के लिएआधार
न्यूनतम उम्र21 साल; अधिकतम कोई सीमा नहींपंचायती राज अधिनियम 1994, धारा 19
मतदाता सूचीउसी ग्राम पंचायत की सूची में नाम, किसी भी वार्ड मेंधारा 19
पढ़ाईकोई शर्त नहींपंचायती राज (संशोधन) अधिनियम 2019
बच्चों की संख्याकोई रोक नहींसंशोधन अधिनियम 2026; आयोग का आदेश 10055
शौचालयघर में कार्यशील स्वच्छ शौचालय, और खुले में शौच नहींधारा 19; आदेश 10055
सरकारी वेतन वाला पदसरकारी नौकरी, या स्थानीय निकाय, विश्वविद्यालय, सरकार के नियंत्रण वाले निगम या सहकारी समिति, या किसी पंचायती राज संस्था में वेतन वाला पद हो तो नहीं लड़ सकतेधारा 19
आपराधिक मामला6 महीने या ज़्यादा की सज़ा, या 5 साल या ज़्यादा सज़ा वाले अपराध में आरोप तय हों तो नहींधारा 19
पंचायत का बकायाकर या फीस नोटिस के 2 महीने बाद भी बकाया हो तो नहीं; नामांकन से पहले चुका दें तो लड़ सकते हैंधारा 19; आदेश 10055
आरक्षित वार्डSC, ST, OBC वार्ड पर उसी वर्ग का उम्मीदवार; महिला वार्ड से कोई पुरुष नहींनिर्वाचन नियम 25; आदेश 10055
जमानत राशिनहीं लगतीनियम 56(3); आदेश 10055

1. उम्र और मतदाता सूची: वार्ड से बंधे नहीं

धारा 19 की पहली पंक्ति ही योग्यता है: पंचायत की मतदाता सूची में दर्ज हर व्यक्ति पंच का चुनाव लड़ सकता है, जब तक उस पर धारा 19 की कोई अयोग्यता लागू न हो। उम्र के लिए वही शर्त है जो विधानसभा के लिए, लेकिन धारा 19 का परंतुक 25 की जगह 21 साल कर देता है। यानी वार्ड पंच के लिए कम से कम 21 साल, और ऊपर कोई सीमा नहीं।

कानून पंचायत की सूची की बात करता है, किसी खास वार्ड की नहीं। इसलिए जिस वार्ड में आपका नाम है, उसके अलावा उसी पंचायत के किसी दूसरे वार्ड से भी आप नामांकन भर सकते हैं, बशर्ते उस वार्ड का आरक्षण आप पर लागू हो। नामांकन पत्र (प्ररूप 4) में अपना मतदाता क्रमांक "वार्ड नंबर और पंचायत के नाम" के साथ लिखना होता है। वोट वही डालेंगे जिनका नाम उस वार्ड की सूची में है। अपना नाम और क्रमांक अपनी पंचायत की वार्ड-वार मतदाता सूची में अभी देख लें।

पंच का नामांकन और उसकी जांच एक ही दिन होती है, इसलिए हर चरण के लिए जन्म की आखिरी तारीख यह है:

चरणनामांकन और जांचमतदानजन्म इस तारीख को या पहले
दूसरा29 अक्टूबर 2026 (गुरुवार)30 अक्टूबर29 अक्टूबर 2005
तीसरा4 नवंबर 2026 (बुधवार)5 नवंबर4 नवंबर 2005
चौथा15 नवंबर 2026 (रविवार)16 नवंबर15 नवंबर 2005

पढ़ाई की शर्त 2019 में और दो से ज़्यादा बच्चों वाली रोक मार्च 2026 में हट चुकी है। दोनों बदलावों का पूरा ब्योरा और धारा 19 की हर अयोग्यता सरपंच बनने की योग्यता 2026 में है, जो वार्ड पंच पर भी इसी तरह लागू होती है। संविदा कर्मी, आंगनबाड़ी, आशा या राशन डीलर हैं तो आयोग का मार्गदर्शन यहां पढ़ें।

2. वार्ड पंच के लिए क्या-क्या डॉक्यूमेंट चाहिए

आयोग ने 6 अक्टूबर 2026 को पंच और सरपंच के नामांकन के साथ लगने वाले दस्तावेज़ों की 10 बिंदुओं वाली सूची जारी की, और इस विषय पर पहले के सारे आदेश इससे बदल दिए। वार्ड पंच के उम्मीदवार के लिए उसका मतलब यह है:

  1. नामांकन पत्र (प्ररूप 4): हर खाना भरा होना चाहिए, सिर्फ संतान वाला खाना छोड़ सकते हैं। इसमें पूरा नाम, लिंग, जाति (SC, ST, OBC हों तो), पिता या पति का नाम और मतदाता क्रमांक लिखना है, और तीन घोषणाएं हैं: आप योग्य हैं, आप पर धारा 19 की कोई अयोग्यता नहीं, और आप SC, ST, OBC में आते हैं या नहीं।
  2. घोषणा पत्र (प्ररूप 4घ): पूरा भरना ज़रूरी। इसमें विचाराधीन आपराधिक मामलों की जानकारी, किसी मामले में सज़ा हुई हो तो उसकी जानकारी, और संपत्ति की जानकारी देनी होती है। संतान वाला बिंदु अब भरना ज़रूरी नहीं। आयोग के मुताबिक आपराधिक मामलों वाले बिंदु योग्यता तय करते हैं, जबकि संपत्ति की जानकारी सिर्फ मतदाताओं के लिए है; उसके आधार पर कोई अयोग्य नहीं होता।
  3. शौचालय की घोषणा: घर में कार्यशील स्वच्छ शौचालय होने और खुले में शौच न जाने का घोषणा पत्र, आयोग के प्ररूप में। इसे किसी अधिकारी या नोटरी से प्रमाणित करवाने की ज़रूरत नहीं।
  4. जाति प्रमाण पत्र: सिर्फ तब, जब आप SC, ST या OBC के लिए आरक्षित वार्ड से लड़ रहे हैं। यह कलेक्टर या राज्य सरकार के अधिकृत अधिकारी का जारी किया होना चाहिए।
  5. नो-ड्यूज: सिर्फ तब, जब आप पर पंचायत का कोई कर या फीस बकाया है, या आप पहले किसी पंचायती राज संस्था के सभापति या उपसभापति रहे हैं और नोटिस के बाद भी संस्था का बकाया नहीं चुकाया। ऐसे में नामांकन से पहले बकाया जमा करके रसीद या नो-ड्यूज लगाएं। जिन पर कोई बकाया नहीं, उन्हें नो-ड्यूज की ज़रूरत नहीं।
  6. सांख्यिकी सूचना का फॉर्म: नामांकन के साथ भरवाया जाता है, पर इसके न होने पर नामांकन खारिज नहीं होता।
राज्य निर्वाचन आयोग का आदेश 10055: पंच-सरपंच के नामांकन के साथ प्ररूप 4, प्ररूप 4घ और सिर्फ सरपंच के लिए उपाबंध-1B शपथ पत्र
आदेश 10055 (6 अक्टूबर 2026), बिंदु 1 से 3: प्ररूप 4 का कोई खाना खाली नहीं "(संतान संबंधी योग्यता को छोड़कर)", प्ररूप 4घ में संतान वाले बिंदु के प्रावधान "विलोपित कर दिये गये है", और ₹50 के स्टाम्प पेपर वाला उपाबंध-1B शपथ पत्र "(केवल सरपंच पद के लिए)"। स्रोत: राज्य निर्वाचन आयोग, आदेश 10055, पृष्ठ 1
आयोग के आदेश 10055 का बिंदु 4: शौचालय की घोषणा आयोग के प्ररूप में, इसे प्रमाणित करवाने की आवश्यकता नहीं
बिंदु 4: शौचालय की घोषणा आयोग के प्ररूप में नामांकन के साथ जमा करनी है, और "इसे प्रमाणित करवाने की आवश्यकता नहीं है"। स्रोत: राज्य निर्वाचन आयोग, आदेश 10055, पृष्ठ 2
आयोग के आदेश 10055 के बिंदु 6 और 7: चरित्र प्रमाण पत्र आवश्यक नहीं, आरक्षित वार्ड पर जाति प्रमाण पत्र
बिंदु 6 और 7: चरित्र प्रमाण पत्र "संलग्न किया जाना आवश्यक नहीं है"; आरक्षित वार्ड से लड़ने वाला SC, ST या OBC उम्मीदवार कलेक्टर या अधिकृत अधिकारी का जाति प्रमाण पत्र देगा, सामान्य वार्ड से लड़ने पर कोई रोक नहीं, और कोई पुरुष महिला के लिए आरक्षित वार्ड से नामांकन नहीं भर सकता। स्रोत: राज्य निर्वाचन आयोग, आदेश 10055, पृष्ठ 2

वार्ड पंच को ये नहीं लगाने

  • जमानत राशि: आदेश के बिंदु 8 के शीर्षक में ही लिखा है "केवल सरपंच पद के लिए"। सरपंच के उम्मीदवार नियम 56(3) के तहत ₹500 जमा करते हैं (महिला, SC, ST, OBC ₹250)। वार्ड पंच के लिए कोई जमानत नहीं।
  • ₹50 के स्टाम्प पेपर वाला शपथ पत्र (उपाबंध-1B): यह भी केवल सरपंच पद के लिए है।
  • चरित्र प्रमाण पत्र: किसी भी उम्मीदवार के लिए ज़रूरी नहीं।
आयोग के आदेश 10055 का बिंदु 8: जमानत राशि केवल सरपंच पद के लिए, सामान्य 500 रुपये और महिला, SC, ST, OBC 250 रुपये
बिंदु 8, "जमानत राशि के संबंध में (केवल सरपंच पद के लिए)": नियम 56(3) के अनुसार सरपंच पद के लिए सामान्य वर्ग ₹500, महिला, अनुसूचित जाति, जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग ₹250। स्रोत: राज्य निर्वाचन आयोग, आदेश 10055, पृष्ठ 2

प्रस्तावक: पंच-सरपंच के नामांकन पत्र (प्ररूप 4) में प्रस्तावकों का कोई खाना नहीं है, और आयोग की इस 10 बिंदुओं वाली सूची में भी प्रस्तावक का ज़िक्र नहीं है। पांच प्रस्तावकों वाला नियम पंचायत समिति और जिला परिषद सदस्य के नामांकन पत्र में है। नीचे आयोग की 2026 की विधि पुस्तिका से पूरा प्ररूप 4 है: इसका जमानत वाला खाना भी "only applicable for Sarpanch" है।

पंचायती राज निर्वाचन नियम 1994 का प्ररूप 4: पंच-सरपंच का नामांकन पत्र, जिसमें जमानत वाला खाना सिर्फ सरपंच के लिए
प्ररूप 4, पंच/सरपंच का नामांकन पत्र: मतदाता क्रमांक "relevent ward number and name of panchayat" के साथ, और नियम 56(3) वाली जमानत "(only applicable for Sarpanch)"। स्रोत: राज्य निर्वाचन आयोग, पंचायती राज निर्वाचन विधि पुस्तिका 2026, पृष्ठ 141

फॉर्म कहां से मिलेगा: आयोग ने ये फॉर्म रिटर्निंग अधिकारी, उपखंड अधिकारी और जिला निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय में उपलब्ध कराए हैं; पहले वहीं से लें। वहां न मिलें तो उनकी फोटोकॉपी चलेगी, और ऐसा टाइप किया फॉर्म भी जिसमें सारी प्रविष्टियां हूबहू हों। लेकिन हाथ से लिखकर बनाया गया नामांकन पत्र या प्ररूप स्वीकार नहीं होगा।

कोई खाना खाली न छोड़ें: नामांकन पत्र या साथ के घोषणा पत्र का कोई खाना (संतान वाले को छोड़कर) खाली मिला तो रिटर्निंग अधिकारी उम्मीदवार को मेमो देगा। पहले दिए शपथ पत्र में काट-छांट नहीं चलेगी, अलग से नया देना होगा। मेमो के बाद भी खाना नहीं भरा तो नामांकन अस्वीकार किया जा सकता है।

आयोग के आदेश 10055 का बिंदु 10: फॉर्म कहां से मिलेंगे, हस्तलिखित नामांकन पत्र स्वीकार्य नहीं, खाली खाना छोड़ने पर मेमो
बिंदु 10 और आदेश का आखिरी पैरा: "हस्तलिखित नामनिर्देशन पत्र एवं संलग्न प्ररूप/पत्र स्वीकार्य नहीं होंगे", और मेमो के बाद भी खाली खाना न भरने पर "उसका नाम निर्देशन पत्र अस्वीकार करने योग्य होगा"। स्रोत: राज्य निर्वाचन आयोग, आदेश 10055, पृष्ठ 3

3. नामांकन का दिन: खुद जाना होगा, सब तीन घंटे में

नियम 25 के अनुसार नामांकन पत्र उम्मीदवार को खुद रिटर्निंग अधिकारी को देना होता है, उस पर उसके हस्ताक्षर या अंगूठे का निशान हो। साथ में पहचान कराने वाला एक व्यक्ति जा सकता है; प्ररूप 4 की रसीद में उसका नाम पहचानकर्ता के तौर पर लिखा जाता है। नामांकन पत्रों की जांच के समय सिर्फ उम्मीदवार खुद मौजूद रह सकते हैं (नियम 27)।

समयनामांकन वाले दिन क्या होता है
सुबह 8 से 11 बजेनामांकन पत्र जमा; 11 बजे के बाद कोई फॉर्म नहीं लिया जाता
सुबह 11:30 बजेनामांकन पत्रों की जांच (संवीक्षा)
दोपहर 2 बजे तकनाम वापसी
दोपहर 2 बजे के बादउम्मीदवारों की सूची और चुनाव चिन्ह
पंचायती राज निर्वाचन नियम 25: पंच का नामांकन पत्र खुद रिटर्निंग अधिकारी को देना, आरक्षित वार्ड पर जाति प्रमाण पत्र, महिला वार्ड से पुरुष नहीं
नियम 25: पंच का उम्मीदवार "shall deliver in person to the Returning Officer" अपना नामांकन पत्र (प्ररूप 4 के साथ प्ररूप 4घ); आरक्षित वार्ड पर कलेक्टर या अधिकृत अधिकारी का प्रमाण पत्र; और "no male candidate" महिला के लिए आरक्षित वार्ड से। स्रोत: पंचायती राज निर्वाचन विधि पुस्तिका 2026, पृष्ठ 101

निर्विरोध: नाम वापसी के बाद किसी वार्ड में सिर्फ एक उम्मीदवार बचा, तो रिटर्निंग अधिकारी उसे वहीं निर्वाचित घोषित कर देता है, और उस वार्ड में पंच के लिए वोट नहीं पड़ते (नियम 29)। एक से ज़्यादा उम्मीदवार हों तो हर उम्मीदवार को चिन्ह मिलता है: वार्ड पंच के लिए आयोग के 40 मुक्त चिन्ह अलग हैं, और उम्मीदवारों की सूची हिन्दी वर्णमाला के क्रम में बनती है। पार्टी का चिन्ह नहीं मिलता, क्योंकि पंच का चुनाव दलीय आधार पर नहीं होता। सारे चिन्ह यहां देखें: पंचायत चुनाव चिन्ह 2026।

पंचायती राज निर्वाचन नियम 29(2): वार्ड में एक ही उम्मीदवार हो तो रिटर्निंग अधिकारी उसे निर्वाचित घोषित करेगा
नियम 29(2): "If there is only one candidate in a ward and his nomination has been accepted the Returning Officer shall declare him to be duly elected." स्रोत: पंचायती राज निर्वाचन विधि पुस्तिका 2026, पृष्ठ 102

4. वार्ड पंच का चुनाव कैसे होता है: गुलाबी मतपत्र, उसी शाम नतीजा

पंचायती राज अधिनियम की धारा 12 के अनुसार हर ग्राम पंचायत को कम से कम पांच वार्डों में बांटा जाता है, और हर वार्ड से एक पंच सीधे चुना जाता है। सरपंच को पूरी पंचायत के मतदाता चुनते हैं, जबकि वार्ड पंच को सिर्फ उस वार्ड के मतदाता।

  • मतदान: सरपंच वाले दिन ही, उसी बूथ पर, सुबह 7 से शाम 6 बजे तक, मतपेटी से। हर मतदाता को दो मतपत्र मिलते हैं: सरपंच का सफेद और पंच का गुलाबी। मतदान का पूरा तरीका: पंचायत चुनाव में वोट कैसे डालें।
  • मतपत्र: उस पर सिर्फ चिन्ह छपे होते हैं; हर चिन्ह के सामने उम्मीदवार का नाम मतदान दल काले बॉल पेन से हाथ से लिखते हैं, और आखिरी उम्मीदवार के बाद नोटा।
  • गिनती: मतदान खत्म होते ही उसी ग्राम पंचायत मुख्यालय पर। यानी वार्ड पंच का नतीजा उसी रात आ जाता है। दो उम्मीदवारों के वोट बराबर हों तो रिटर्निंग अधिकारी लॉटरी से फैसला करता है (नियम 51)। नतीजे की रात का पूरा तरीका: सरपंच चुनाव परिणाम 2026।
  • अगले दिन: चुने गए वार्ड पंच और सरपंच मिलकर उप-सरपंच चुनते हैं, और उप-सरपंच वार्ड पंचों में से ही बनता है: उप-सरपंच का चुनाव कैसे होता है। वार्ड पंच को कितना भत्ता मिलता है, यह पंचायत पदों के मानदेय और भत्ते में देखें।
आयोग के निर्देश 9809 का अंश: पंच पद हेतु मतपत्र गुलाबी रंग का होगा
निर्देश 9809: "पंच पद हेतु मतपत्र गुलाबी रंग एवं पैकिंग पेपर भी गुलाबी रंग का होगा।" स्रोत: राज्य निर्वाचन आयोग, निर्देश 9809 (2 अक्टूबर 2026), पृष्ठ 2
आयोग के निर्देश 9809 का अंश: मतपत्र पर सिर्फ प्रतीक चिन्ह होंगे और उम्मीदवार का नाम काले बॉल पेन से हाथ से लिखा जाएगा
निर्देश 9809: मतपत्रों पर "मात्र प्रतीक चिन्ह" होंगे और चिन्ह के सामने खाली जगह पर "अभ्यर्थी का नाम काले बाल पैन से मतदान दलों के अधिकारी/कार्मिकों द्वारा लिखा जाएगा"। स्रोत: राज्य निर्वाचन आयोग, निर्देश 9809
आयोग के आदेश 1323 का अंश: पंच-सरपंच की मतगणना मतदान समाप्ति के तुरंत बाद ग्राम पंचायत मुख्यालय पर
आदेश 1323 (3 फरवरी 2026): पंच-सरपंच का चुनाव मतपेटी से, और "मतगणना, मतदान समाप्ति के तुरंत पश्चात् ग्राम पंचायत मुख्यालय पर ही की जाएगी"। स्रोत: राज्य निर्वाचन आयोग, आदेश 1323

नामांकन से पहले चेकलिस्ट

  1. अपनी पंचायत का चरण और नामांकन की तारीख देखें: जिलेवार चरण।
  2. अपने वार्ड का आरक्षण पक्का कर लें। वार्ड पंच पदों का आरक्षण 24 सितंबर को हर उपखंड मुख्यालय पर लॉटरी से तय हुआ था।
  3. ऊपर की तालिका से देख लें कि नामांकन वाले दिन आपकी उम्र 21 साल पूरी हो रही है।
  4. मतदाता सूची में अपना नाम, वार्ड नंबर और क्रमांक मिला लें; यही प्ररूप 4 में लिखना है।
  5. प्ररूप 4, प्ररूप 4घ और शौचालय की घोषणा रिटर्निंग अधिकारी के कार्यालय से लेकर एक दिन पहले पूरी भर लें, कोई खाना खाली न रहे।
  6. आरक्षित वार्ड से लड़ना है तो जाति प्रमाण पत्र पहले से साथ रखें।
  7. पंचायत का कोई कर, फीस या पुराना बकाया हो तो नामांकन से पहले चुकाकर रसीद साथ रखें।
  8. सरकारी, संविदा या मानदेय वाला कोई पद है तो अपनी स्थिति पहले साफ कर लें।
  9. नामांकन वाले दिन 11 बजे से पहले खुद ग्राम पंचायत मुख्यालय पहुंचें।

इसे भी पढ़ें

स्रोत: राज्य निर्वाचन आयोग, राजस्थान: पंच-सरपंच के नामांकन के साथ लगने वाले दस्तावेज़, आदेश 10055 (6 अक्टूबर 2026); पंच-सरपंच चुनाव मतपेटी से कराने के दिशा-निर्देश 9809 (2 अक्टूबर 2026); पंच-सरपंच मतगणना आदेश 1323 (3 फरवरी 2026); चुनाव कार्यक्रम प्रेस नोट (3 अक्टूबर 2026) और संशोधित समय-सारणी आदेश 10090 (6 अक्टूबर 2026); पंचायती राज निर्वाचन विधि पुस्तिका 2026 (प्ररूप 4, नियम 25, 27, 29, 51 और 56)। राजस्थान पंचायती राज अधिनियम 1994, धारा 12 और 19। फोटो: जयपुर जिले की बस्सी तहसील के गांव विमलपुरा के मतदान केंद्र पर कतार में मतदाता, विधानसभा चुनाव 2013, भारत निर्वाचन आयोग (GODL-India), विकिमीडिया कॉमन्स के जरिए (प्रतीकात्मक)।