✅ सीधा जवाब: राजस्थान में सरपंच बनने के लिए आपकी उम्र कम से कम 21 साल हो और आपका नाम उसी ग्राम पंचायत की मतदाता सूची में हो। कोई शैक्षणिक योग्यता ज़रूरी नहीं, और मार्च 2026 से दो से ज़्यादा बच्चों वाले भी चुनाव लड़ सकते हैं। घर में चालू शौचालय की शर्त और सरकारी मानदेय पाने वालों पर रोक अब भी लागू है।

पंचायत चुनाव की तैयारी तेज़ है: सरपंच सीटों की आरक्षण लॉटरी 24 सितंबर को हो चुकी है, और पार्टियां जिलों में बैठकें कर रही हैं। अब हर गांव में यही सवाल है: "मैं चुनाव लड़ सकता हूं या नहीं?" इसका जवाब इंटरनेट पर पुराने नियमों से भरा पड़ा है। कई जगह अब भी 8वीं पास और दो बच्चों वाली शर्त लिखी मिलती है, जबकि दोनों शर्तें अब खत्म हो चुकी हैं। नीचे 2026 के चुनाव पर लागू नियम हैं, हर नियम के साथ उसका आधार।

सरपंच योग्यता 2026: एक नज़र में

शर्त2026 में स्थितिआधार
न्यूनतम उम्र21 वर्ष (नामांकन पत्रों की जांच के दिन)राज्य निर्वाचन आयोग
मतदाता सूचीउस ग्राम पंचायत के किसी भी वार्ड की सूची में नामराज्य निर्वाचन आयोग
शैक्षणिक योग्यताज़रूरी नहीं (2015 की 8वीं/5वीं पास शर्त हटाई जा चुकी)पंचायती राज अधिनियम
दो से ज़्यादा बच्चेअब रोक नहीं (मार्च 2026 से)अधिनियम संख्या 6, 2026
घर में चालू शौचालयअब भी ज़रूरीराज्य निर्वाचन आयोग
सरकारी मानदेय/वेतन पाने वालेचुनाव नहीं लड़ सकतेराज्य निर्वाचन आयोग
प्रस्तावकज़रूरी नहींराज्य निर्वाचन आयोग
चुनाव खर्च सीमाअधिकतम ₹1 लाख, प्रचार में सिर्फ 1 वाहन2026 के चुनाव नियम

1. उम्र: 21 साल, और गिनती किस दिन से

सरपंच (और पंच) पद के लिए न्यूनतम उम्र 21 वर्ष है। ध्यान देने वाली बात यह है कि उम्र की गिनती नामांकन पत्रों की संवीक्षा (जांच) वाले दिन से होती है, यानी अगर उस तारीख तक आप 21 के हो चुके हैं तो आप योग्य हैं। अधिकतम उम्र की कोई सीमा नहीं है।

2. मतदाता सूची: अपने वार्ड से बंधे नहीं

सरपंच का चुनाव वही लड़ सकता है जिसका नाम उस ग्राम पंचायत के किसी भी एक वार्ड की मतदाता सूची में हो। आपको उसी वार्ड का होना ज़रूरी नहीं जिसमें आप रहते हैं; पंचायत की सूची में नाम होना काफी है। अगर नाम नहीं है, तो आयोग के नियम के अनुसार नाम जुड़वाने का आवेदन चुनाव की लोक सूचना जारी होने से कम से कम 10 दिन पहले देना होता है; लोक सूचना के बाद नाम नहीं जुड़ते। इसलिए अभी अपना नाम जांच लें।

3. पढ़ाई: अनपढ़ भी लड़ सकते हैं

2015 में राजस्थान ने सरपंच के लिए 8वीं पास (अनुसूचित क्षेत्र में 5वीं पास) की शर्त लगाई थी, और 2015 का पंचायत चुनाव इसी नियम से हुआ। यह शर्त बाद में संशोधन से हटा दी गई। फरवरी 2026 में सरकार ने विधानसभा में साफ किया कि शैक्षणिक योग्यता वापस लाने का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। यानी 2026 में सरपंच बनने के लिए कोई भी डिग्री या कक्षा पास होना ज़रूरी नहीं।

सावधान: राज्य निर्वाचन आयोग की वेबसाइट पर पड़ा पुराना FAQ अब भी 8वीं पास की शर्त और दो बच्चों वाला नियम दिखाता है। वह 2015 के नियमों का दस्तावेज़ है, 2026 का नहीं।

4. बच्चों की संख्या: दो-संतान नियम खत्म

यह सबसे बड़ा बदलाव है। राजस्थान पंचायती राज (संशोधन) अधिनियम, 2026 (अधिनियम संख्या 6) को राज्यपाल की मंज़ूरी 24 मार्च 2026 को मिली और 25 मार्च 2026 को राजपत्र में छपते ही यह तुरंत लागू हो गया। इसने पंचायती राज अधिनियम 1994 की धारा 19 से संतान वाले सभी प्रावधान हटा दिए। राज्य निर्वाचन आयोग ने 13 जुलाई 2026 को यह संशोधन सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को भेज दिया है। यानी तीन या ज़्यादा बच्चों वाले व्यक्ति भी अब सरपंच, पंच, प्रधान या जिला प्रमुख का चुनाव लड़ सकते हैं। शहरी निकायों के लिए ऐसा ही संशोधन (अधिनियम संख्या 7, 2026) अलग से हुआ है।

5. जो शर्तें अब भी लागू हैं

  • घर में चालू शौचालय: आयोग के अनुसार उम्मीदवार के घर में क्रियाशील शौचालय होना अनिवार्य है। मार्च 2026 का संशोधन सिर्फ संतान संबंधी प्रावधान हटाता है, इस शर्त को नहीं, इसलिए यह अब भी लागू मानें।
  • सरकारी मानदेय या वेतन: राज्य सरकार से किसी भी प्रकार का मानदेय पाने वाला व्यक्ति पंचायत चुनाव नहीं लड़ सकता। आशा सहयोगिनी, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता या संविदा कर्मी हैं तो नामांकन से पहले अपनी स्थिति रिटर्निंग अधिकारी से स्पष्ट कर लें।
  • आरक्षित सीट: जो सीट जिस वर्ग (SC, ST, OBC) के लिए आरक्षित है, उस पर उसी वर्ग का व्यक्ति लड़ सकता है। महिला के लिए आरक्षित सीट पर उसी वर्ग की महिला। सामान्य सीट पर सभी वर्ग लड़ सकते हैं।
  • एक ही जगह से: एक से ज़्यादा जगह नामांकन भर सकते हैं, लेकिन चुनाव एक ही जगह से लड़ सकते हैं; बाकी जगह से नाम वापस लेना होगा।

6. चुनाव खर्च और प्रचार के नियम

  • सरपंच पद के लिए अधिकतम चुनाव खर्च ₹1 लाख। (पंचायत समिति सदस्य ₹1.5 लाख, जिला परिषद सदस्य ₹3 लाख।)
  • प्रचार में सरपंच उम्मीदवार सिर्फ एक वाहन इस्तेमाल कर सकता है; बस, ट्रक, मिनी बस और पशु-चालित वाहन प्रतिबंधित हैं।
  • रात 10 से सुबह 6 बजे तक लाउडस्पीकर बंद।
  • खर्च का पूरा हिसाब परिणाम के 15 दिन के भीतर देना होगा। नियम तोड़ने पर ₹2,000 जुर्माना और 6 साल तक चुनाव लड़ने पर रोक लग सकती है।
  • सरपंच का चुनाव दलीय आधार (पार्टी चिह्न) पर नहीं होता। सरपंच उम्मीदवार चुनाव अभिकर्ता (Election Agent) नियुक्त नहीं कर सकता, लेकिन हर मतदान केंद्र के लिए एक Polling Agent रख सकता है।

जमानत राशि: आयोग के पिछले दिशानिर्देशों में सरपंच की जमानत राशि ₹500 (आरक्षित वर्ग व महिला के लिए ₹250) थी। 2026 की राशि चुनाव कार्यक्रम की अधिसूचना के साथ तय होगी; नामांकन से पहले रिटर्निंग अधिकारी से पुष्टि करें।

नामांकन से पहले अपनी तैयारी: चेकलिस्ट

  1. पंचायत की मतदाता सूची में अपना नाम देखें; नहीं है तो अभी जुड़वाएं।
  2. अपनी सीट का आरक्षण देखें: सरपंच आरक्षण 2026 — अपने गांव की सीट खोजें।
  3. उम्र का प्रमाण (जन्म प्रमाण पत्र, 10वीं की मार्कशीट या आधार) तैयार रखें।
  4. आरक्षित सीट से लड़ना है तो जाति प्रमाण पत्र पहले से बनवा लें।
  5. घर में शौचालय चालू हो, ताकि उससे जुड़ी घोषणा में दिक्कत न आए।
  6. पंचायत का कोई बकाया या सरकारी ज़मीन पर अतिक्रमण का मामला हो तो नामांकन से पहले रिटर्निंग अधिकारी से अपनी स्थिति साफ कर लें, ताकि जांच में आपत्ति न लगे।

सामान्य प्रश्न (FAQ)

राजस्थान में सरपंच बनने के लिए कितनी उम्र चाहिए?
कम से कम 21 वर्ष, जो नामांकन पत्रों की जांच के दिन गिनी जाती है। अधिकतम उम्र की कोई सीमा नहीं।

सरपंच बनने के लिए कितनी पढ़ाई चाहिए?
2026 में कोई शैक्षणिक योग्यता ज़रूरी नहीं। 2015 की 8वीं पास (अनुसूचित क्षेत्र में 5वीं) वाली शर्त हटाई जा चुकी है।

क्या तीन बच्चों वाला व्यक्ति सरपंच बन सकता है?
हां। राजस्थान पंचायती राज (संशोधन) अधिनियम 2026 (अधिनियम संख्या 6), जो 25 मार्च 2026 से लागू है, ने दो-संतान की शर्त पूरी तरह हटा दी है।

क्या सरपंच बनने के लिए उसी वार्ड का वोटर होना ज़रूरी है?
नहीं। ग्राम पंचायत के किसी भी वार्ड की मतदाता सूची में नाम होना काफी है।

सरपंच चुनाव में कितना खर्च कर सकते हैं?
अधिकतम ₹1 लाख, और हिसाब परिणाम के 15 दिन के भीतर देना होता है।

क्या सरकारी कर्मचारी सरपंच का चुनाव लड़ सकता है?
नहीं। राज्य सरकार से किसी भी प्रकार का मानदेय या वेतन पाने वाला व्यक्ति पंचायत चुनाव नहीं लड़ सकता।

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स्रोत: राजस्थान पंचायती राज (संशोधन) अधिनियम 2026 (अधिनियम संख्या 6, राजपत्र 25 मार्च 2026) व राज्य निर्वाचन आयोग का 13 जुलाई 2026 का परिपत्र; राज्य निर्वाचन आयोग, "सामान्य प्रश्न — पंच/सरपंच" (उम्र, मतदाता सूची, शौचालय, मानदेय, प्रस्तावक, आरक्षण, अभिकर्ता); विधानसभा में सरकार का जवाब (राजस्थान पत्रिका, 5 फरवरी 2026); खर्च सीमा व प्रचार नियम — अमर उजाला (27 सितंबर 2026)। फोटो: दौसा के मतदान केंद्र पर मतदाता, लोकसभा चुनाव 2014 — भारत निर्वाचन आयोग (GODL-India), विकिमीडिया कॉमन्स के जरिए (प्रतीकात्मक)।