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धर्म

37 लेख
राजस्थान के बुजुर्गों के लिए मुफ्त तीर्थ यात्रा योजना 2026-27 का लाभ उठाएं, आवेदन प्रक्रिया जानें

राजस्थान: बुजुर्गों के लिए मुफ्त तीर्थ यात्रा, 56 हजार यात्री करेंगे सफर

राजस्थान सरकार की 'वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना 2026-27' के तहत करीब 56 हजार बुजुर्गों को मुफ्त तीर्थ यात्रा का मौका मिलेगा। आवेदन 27 मई से शुरू हो चुके हैं।

मोहनलाल·27 दिन पहले
नागौर में गुर्जर समाज के युवाओं की बैठक, जिसमें बच्चों की शिक्षा पर चर्चा हो रही है।

नागौर में गुर्जर समाज की नई सोच: मृत्यु भोज छोड़ा, बच्चों की शिक्षा पर फोकस

नागौर के मकराना में गुर्जर समाज ने मृत्यु भोज और पेरावणी जैसी कुरीतियों को छोड़ा। अब युवाओं ने बच्चों की शिक्षा, सरकारी योजनाओं और पशुपालन पर ध्यान केंद्रित किया है।

राजस्थान 365 डेस्क·29 दिन पहले
सांवरिया सेठ मंदिर, चित्तौड़गढ़ - भक्तों द्वारा चढ़ाए गए सिक्कों और नोटों से भरा दान पात्र, जो भारत के सबसे अमीर मंदिरों में

भारत के टॉप 10 अमीर मंदिरों में सांवरिया सेठ का कौन सा स्थान?

राजस्थान का सांवलिया सेठ मंदिर भारत के सबसे अमीर मंदिरों में से एक है। जानिए, किस स्थान पर है यह कृष्णधाम और इसका वार्षिक चढ़ावा कितना है।

मोहनलाल·31 दिन पहले
उदयपुर के मांगीलाल का कमाल: मोर पंखों पर उकेर रहे हैं भील संस्कृति, बारीकी देख दंग रह जाएंगे आप

उदयपुर के मांगीलाल का कमाल: मोर पंखों पर उकेर रहे हैं भील संस्कृति, बारीकी देख दंग रह जाएंगे आप

उदयपुर के कलाकार मांगीलाल भील ने मोर पंखों पर अपनी अद्भुत कलाकारी से भील संस्कृति को जीवंत कर दिया है। उनकी इस अनूठी शैली की हर तरफ चर्चा हो रही है।

मोहनलाल·51 दिन पहले
बाड़मेर का रहस्यमयी कुआं: जमीन के नीचे छिपी है 150 साल पुरानी ब्रिटिश कालीन सुरंग, पाकिस्तान तक होती थी पानी की सप्लाई

बाड़मेर का रहस्यमयी कुआं: जमीन के नीचे छिपी है 150 साल पुरानी ब्रिटिश कालीन सुरंग, पाकिस्तान तक होती थी पानी की सप्लाई

बाड़मेर के गडरारोड़ में 150 साल पुराना एक रहस्यमयी कुआं मिला है, जो ब्रिटिश कालीन सुरंग से जुड़ा है। यह ऐतिहासिक जल-तंत्र अपनी बनावट और पाकिस्तान तक पानी की सप्लाई के दावों को लेकर चर्चा में है।

मोहनलाल·52 दिन पहले
जयपुर के स्ट्रीट फूड का नया 'तड़का': अजीबो-गरीब नामों वाली डिशेज का क्रेज, स्वाद के साथ मार्केटिंग का अनोखा मेल

जयपुर के स्ट्रीट फूड का नया 'तड़का': अजीबो-गरीब नामों वाली डिशेज का क्रेज, स्वाद के साथ मार्केटिंग का अनोखा मेल

गुलाबी नगरी जयपुर में स्ट्रीट फूड का अंदाज बदल रहा है। अब स्वाद के साथ-साथ डिशेज के अनोखे नाम ग्राहकों को अपनी ओर आकर्षित कर रहे हैं।

मोहनलाल·55 दिन पहले
धौलपुर की विलुप्त होती 'छप्पर उठाने' की परंपरा: क्या सीमेंट के मकानों ने छीन लिया हमारा आपसी भाईचारा?

धौलपुर की विलुप्त होती 'छप्पर उठाने' की परंपरा: क्या सीमेंट के मकानों ने छीन लिया हमारा आपसी भाईचारा?

धौलपुर की 'छप्पर उठाने' की परंपरा कभी सामुदायिक एकता का प्रतीक हुआ करती थी। आधुनिक निर्माण शैली के बीच यह सामाजिक उत्सव अब इतिहास के पन्नों में सिमट रहा है।

मोहनलाल·56 दिन पहले
राजस्थान की तपती गर्मी में 'कूलिंग एजेंट' बनी 125 साल पुरानी राठी रबड़ी, स्वाद ऐसा कि वीआईपी भी हैं मुरीद

राजस्थान की तपती गर्मी में 'कूलिंग एजेंट' बनी 125 साल पुरानी राठी रबड़ी, स्वाद ऐसा कि वीआईपी भी हैं मुरीद

राजस्थान के जालौर जिले की 125 साल पुरानी राठी रबड़ी भीषण गर्मी में लोगों को राहत देने वाला एक पारंपरिक कूलिंग एजेंट बनी हुई है। अपने अनोखे स्वाद के कारण यह आम लोगों के साथ-साथ वीआईपी लोगों की भी पहली पसंद है।

मोहनलाल·57 दिन पहले
जैन परंपराओं में 'मौन' का महत्व: अभिषेक, पूजा और भोजन के समय अनुशासन क्यों है जरूरी?

जैन परंपराओं में 'मौन' का महत्व: अभिषेक, पूजा और भोजन के समय अनुशासन क्यों है जरूरी?

जैन धर्म में मौन को एक महत्वपूर्ण साधना माना गया है। यह लेख बताता है कि पूजा और भोजन के समय अनुशासन का पालन करना क्यों आवश्यक है।

मोहनलाल·59 दिन पहले
भीलवाड़ा में पद संकीर्तन यात्रा: भक्ति की गूंज और सोशल मीडिया पर विरोध के सुर

भीलवाड़ा में पद संकीर्तन यात्रा: भक्ति की गूंज और सोशल मीडिया पर विरोध के सुर

भीलवाड़ा में आयोजित पद संकीर्तन यात्रा में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। आयोजन के बाद सोशल मीडिया पर इसे लेकर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं और विरोध देखने को मिला।

मोहनलाल·59 दिन पहले
उदयपुर क्लासिकल डांस फेस्टिवल: झीलों की नगरी में कला का महाकुंभ, 400 कलाकारों ने बिखेरे संस्कृति के रंग

उदयपुर क्लासिकल डांस फेस्टिवल: झीलों की नगरी में कला का महाकुंभ, 400 कलाकारों ने बिखेरे संस्कृति के रंग

उदयपुर में आयोजित क्लासिकल डांस फेस्टिवल में 400 से अधिक कलाकारों ने अपनी कला का प्रदर्शन किया। इस आयोजन ने भारतीय शास्त्रीय नृत्य की भव्यता को एक नई पहचान दी है।

मोहनलाल·60 दिन पहले