🕉️ सावन 2026 (30 जुलाई – 28 अगस्त): सोमवार 3, 10, 17, 24 अगस्त • जलाभिषेक 11 अगस्त (शिवरात्रि) — इस सावन कहां करें दर्शन? राजस्थान के 8 सबसे प्रसिद्ध शिवधामों की पूरी गाइड नीचे। यात्रा नियम → कांवड़ यात्रा 2026
जयपुर। राजस्थान सिर्फ किलों का प्रदेश नहीं — यहां वह गुफा भी है जिसे 'राजस्थान का अमरनाथ' कहते हैं, वह धाम भी जहां 12वें ज्योतिर्लिंग की मान्यता है, और वह शिवालय भी जो चंबल की 150 फीट गहरी घाटी के ठीक ऊपर बसा है। सावन 2026 की दर्शन-यात्रा प्लान करने के लिए प्रदेश के 8 सबसे प्रसिद्ध महादेव मंदिरों की यह गाइड सहेज लीजिए।
एक नज़र में: 8 प्रमुख शिवधाम
| मंदिर | जिला | खासियत |
|---|---|---|
| घुश्मेश्वर महादेव, शिवाड़ | सवाई माधोपुर | 12वें ज्योतिर्लिंग की मान्यता |
| परशुराम महादेव | पाली-राजसमंद सीमा | 'राजस्थान का अमरनाथ' — गुफा मंदिर, 9 कुंड |
| गराड़िया महादेव | कोटा | चंबल के हॉर्सशू मोड़ का व्यू पॉइंट |
| झाड़खंड महादेव | जयपुर | द्रविड़ शैली का गोपुरम (1918) |
| एकलिंगजी | उदयपुर | मेवाड़ के आराध्य देव, कैलाशपुरी |
| अचलेश्वर महादेव | सिरोही (माउंट आबू) | जहां शिव के अंगूठे की पूजा होती है |
| नीलकंठ महादेव | अलवर (टहला) | सरिस्का क्षेत्र का ~10वीं सदी का मंदिर समूह |
| ताड़केश्वर महादेव | जयपुर (चौड़ा रास्ता) | परकोटे का प्राचीन शिवालय |
1. घुश्मेश्वर महादेव, शिवाड़ — ज्योतिर्लिंग की मान्यता
देवगिरि पहाड़ी पर बसे इस धाम की मान्यता है कि शिवपुराण का 12वां और अंतिम ज्योतिर्लिंग यही है। जयपुर से ~100 किमी; ईसरदा स्टेशन से सिर्फ 3 किमी। पूरी गाइड पढ़ें →
2. परशुराम महादेव — राजस्थान का अमरनाथ
अरावली में 3,600+ फीट पर प्राकृतिक गुफा, 500 सीढ़ियां, कभी न सूखने वाले 9 कुंड — और श्रावण शुक्ल षष्ठी-सप्तमी का विशाल मेला। कुंभलगढ़ से सिर्फ 10 किमी। पूरी गाइड पढ़ें →
3. गराड़िया महादेव, कोटा — चंबल का सबसे खूबसूरत नज़ारा
चंबल के घोड़े की नाल जैसे मोड़ के ऊपर बसा शिवालय — मानसून-सावन में राजस्थान का सबसे फोटोजेनिक धाम। कोटा से ~25 किमी। पूरी गाइड पढ़ें →
4. झाड़खंड महादेव, जयपुर — उत्तर में दक्षिण का गोपुरम
1918 में स्थापित, 2000 के बाद ~300 दक्षिण भारतीय कारीगरों ने द्रविड़ शैली का भव्य गोपुरम दिया। सावन सोमवार पर जयपुर की सबसे लंबी कतारें यहीं। पूरी गाइड पढ़ें →
5. एकलिंगजी, उदयपुर — मेवाड़ के आराध्य
कैलाशपुरी (उदयपुर से ~22 किमी) में मेवाड़ राजवंश के आराध्य एकलिंगनाथजी — चतुर्मुख शिव प्रतिमा वाला ऐतिहासिक मंदिर परिसर। एकलिंगजी का पूरा इतिहास — यहां पढ़ें।
6. अचलेश्वर महादेव, माउंट आबू — अंगूठे की पूजा
मान्यता है कि यहां शिव के पैर के अंगूठे की पूजा होती है, जिसने आबू पर्वत को थाम रखा है। माउंट आबू यात्रा गाइड — यहां देखें।
7. नीलकंठ महादेव, टहला (अलवर)
सरिस्का क्षेत्र में ~10वीं सदी का प्राचीन मंदिर समूह — शिल्प व इतिहास प्रेमियों के लिए खजाना; रास्ता जंगल से होकर जाता है, दिन में ही जाएं।
8. ताड़केश्वर महादेव, जयपुर
चौड़ा रास्ता (परकोटा) का प्राचीन स्वयंभू शिवालय — जयपुर की स्थापना से भी पुरानी मान्यताओं वाला, व्यापारियों की पहली हाज़िरी यहीं लगती है।
सावन 2026: दर्शन की मुख्य तिथियां
सोमवार व्रत — 3, 10, 17 (नाग पंचमी संयोग), 24 अगस्त • मुख्य जलाभिषेक — सावन शिवरात्रि 11 अगस्त • व्रत विधि — सोमवार व्रत कथा • यात्रा नियम — कांवड़ यात्रा गाइड






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