🕉️ सावन स्पेशल: जयपुर में हैं तो सावन सोमवार का अभिषेक यहीं — दक्षिण शैली के गोपुरम वाला 100+ साल पुराना शिवधाम। और प्रसिद्ध महादेव मंदिर → पूरी सूची

जयपुर। वैशाली नगर की क्वींस रोड पर खड़ा झाड़खंड महादेव मंदिर दो दुनियाओं का संगम है — स्थापना 1918 में सेठ बब्बूलाल माहेश्वरी ने की (गर्भगृह व परकोटा 1931 तक बना), और साल 2000 के बाद दक्षिण भारत से आए करीब 300 कारीगरों ने इसे तमिलनाडु के मंदिरों जैसी द्रविड़ शैली का भव्य गोपुरम दिया। नाम का किस्सा भी दिलचस्प है — तब यह इलाका घने झाड़ों का खंड था, इसी से 'झाड़खंड महादेव'।

एक नज़र में

विवरणजानकारी
स्थानक्वींस रोड, वैशाली नगर, जयपुर
स्थापना1918 (सेठ बब्बूलाल माहेश्वरी); गर्भगृह 1931 तक
वास्तुकलाद्रविड़ शैली का गोपुरम (2000 के बाद, ~300 दक्षिण भारतीय कारीगर) + उत्तर भारतीय गर्भगृह
दर्शनसुबह ~4:30 से (सावन में विस्तारित); सुबह-शाम आरती
कैसे पहुंचेंजयपुर जंक्शन से ~6–7 किमी; अजमेर रोड/200 फीट बाइपास से सीधी पहुंच

सावन सोमवार की रौनक

सावन (30 जुलाई – 28 अगस्त 2026) के हर सोमवार यहां भोर से ही अभिषेक की कतारें लगती हैं — जयपुर के कांवड़िये हरिद्वार से लाया गंगाजल यहीं चढ़ाते हैं। सावन शिवरात्रि (11 अगस्त) और नाग पंचमी (17 अगस्त, तीसरे सोमवार का संयोग) पर विशेष शृंगार-अभिषेक होता है।

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जयपुर के अन्य प्रमुख शिवालय

ताड़केश्वर महादेव (चौड़ा रास्ता — परकोटे का प्राचीन शिवालय), चमत्कारेश्वर महादेव और आमेर क्षेत्र के शिवालय भी सावन में दर्शनीय हैं — विस्तृत सूची के लिए देखें राजस्थान के प्रसिद्ध महादेव मंदिर

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