🐍 नाग पंचमी 2026: सोमवार, 17 अगस्त — इस बार तीसरे सावन सोमवार के साथ दुर्लभ संयोग। पूजा मुहूर्त: सुबह ~6:04–8:39। सावन की पूरी गाइड: सावन 2026 सोमवार व्रत लिस्ट
जयपुर। श्रावण शुक्ल पंचमी यानी नाग पंचमी इस साल 17 अगस्त 2026, सोमवार को है। खास बात — इस दिन तीसरा सावन सोमवार भी है, यानी नाग पूजा और शिव आराधना का दुर्लभ संयोग एक ही दिन। राजस्थान में जोधपुर के मंदोर की नाग पंचमी परंपरा प्रसिद्ध है।
नाग पंचमी 2026: तिथि व मुहूर्त
| विवरण | समय |
|---|---|
| नाग पंचमी | सोमवार, 17 अगस्त 2026 |
| पंचमी तिथि प्रारंभ | 16 अगस्त, शाम ~4:52 बजे |
| पंचमी तिथि समाप्त | 17 अगस्त, शाम ~5:00 बजे |
| पूजा मुहूर्त | सुबह ~6:04 से 8:39 (2 घं. 35 मि.) |
| विशेष संयोग | तीसरा सावन सोमवार उसी दिन |
मुहूर्त दिल्ली पंचांग आधारित हैं — राजस्थान के शहरों में कुछ मिनट का अंतर संभव है; स्थानीय पंचांग से पुष्टि करें।
पूजा विधि (स्टेप-बाय-स्टेप)
- प्रातः स्नान कर व्रत/पूजा का संकल्प लें।
- घर के मुख्य द्वार या पूजा स्थल पर नाग देवता का चित्र/प्रतिमा (या गोबर/मिट्टी से आकृति) स्थापित करें।
- हल्दी, रोली, चावल, फूल अर्पित करें; प्रतिमा पर दूध, जल व मिठाई चढ़ाएं।
- 'ॐ नागेन्द्रहाराय नमः' का जाप करें व नाग पंचमी कथा सुनें।
- सावन सोमवार का संयोग होने से शिवलिंग पर जलाभिषेक/रुद्राभिषेक अवश्य करें — विधि: सावन सोमवार व्रत कथा व विधि।
क्या न करें
- जीवित सांप को दूध न पिलाएं — यह उनके लिए घातक है और वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के विरुद्ध है; पूजा प्रतिमा/चित्र की करें।
- इस दिन भूमि खोदना, हल चलाना व सुई-धागे का काम परंपरा में वर्जित माना गया है।
राजस्थान की परंपरा: मंदोर का मेला
जोधपुर के मंदोर में नाग पंचमी पर परंपरागत मेला लगता आया है — नागों की देवली/स्थानों पर पूजन होता है और बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। शेखावाटी व हाड़ौती अंचल में भी घर-घर नाग आकृति पूजन की परंपरा है।






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