🕉️ सावन स्पेशल: 'राजस्थान का अमरनाथ' — सावन (30 जुलाई से) और श्रावण शुक्ल षष्ठी-सप्तमी के मेले में यहां लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं। और प्रसिद्ध महादेव मंदिर → पूरी सूची

पाली/राजसमंद। अरावली की पहाड़ियों में करीब 3,600+ फीट की ऊंचाई पर एक प्राकृतिक गुफा में विराजे परशुराम महादेव — जिन्हें श्रद्धालु 'राजस्थान का अमरनाथ' कहते हैं। मान्यता है कि भगवान परशुराम ने अपने फरसे से यह गुफा बनाई और यहां शिव की कठोर तपस्या की। कुंभलगढ़ किले से महज ~10 किमी दूर यह धाम सावन में आस्था का सबसे बड़ा केंद्र बन जाता है।

एक नज़र में

विवरणजानकारी
स्थानपाली-राजसमंद सीमा, अरावली (कुंभलगढ़ से ~10 किमी)
ऊंचाई~3,600+ फीट
पहुंच~500 सीढ़ियां उतरकर गुफा मंदिर तक
खासियतस्वयंभू शिवलिंग, प्राकृतिक गणेश-शिव आकृतियां, 9 कुंड (मान्यता: कभी नहीं सूखते)
मुख्य मेलाश्रावण शुक्ल षष्ठी-सप्तमी (2026 में ~18–19 अगस्त)
निकटतम स्टेशनफालना / रानी (पाली)

मान्यता और इतिहास

शास्त्रों से जुड़ी मान्यता के अनुसार विष्णु के छठे अवतार भगवान परशुराम ने इसी गुफा में शिव की आराधना कर दिव्यास्त्र प्राप्त किए। गुफा की छत से जल टपकता रहता है और भीतर 9 कुंड हैं — श्रद्धालुओं की आस्था है कि ये कुंड भीषण गर्मी में भी नहीं सूखते। गुफा में गणेशजी और शिव की प्राकृतिक आकृतियां भी बनी हैं।

यात्रा कैसे करें?

  • सड़क: उदयपुर (~90 किमी) या पाली की ओर से सादड़ी होते हुए; कुंभलगढ़ से ~10 किमी।
  • सीढ़ियां: पार्किंग/मुख्य द्वार से करीब 500 सीढ़ियां उतरकर गुफा तक — लौटते समय चढ़ाई ध्यान रखें।
  • साथ में देखें: कुंभलगढ़ किला, रणकपुर जैन मंदिर — तीनों एक ही ट्रिप में हो जाते हैं।

सावन में क्यों जाएं?

सावन (30 जुलाई – 28 अगस्त 2026) में गुफा के आसपास की अरावली हरी चादर ओढ़ लेती है, झरने बहने लगते हैं और श्रावण शुक्ल षष्ठी-सप्तमी (2026 में ~18–19 अगस्त, पंचांग से पुष्टि करें) के मेले में लाखों कांवड़िये व पदयात्री पहुंचते हैं। जल चढ़ाने की तिथियों के लिए देखें — सावन शिवरात्रि 2026।

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