राजस्थान का नाम सुनते ही रेत के टीले और तपता रेगिस्तान याद आता है — लेकिन मानसून में राजस्थान घूमने की जगह ढूँढ़ रहे लोगों को कम ही पता है कि जुलाई से सितंबर के बीच यही सूखी धरती हरी चादर ओढ़ लेती है। झीलें छलकती हैं, अरावली की पहाड़ियाँ हरी हो जाती हैं, और किले बादलों के बीच और भी भव्य दिखते हैं। इस गाइड में हम राजस्थान की 12 सबसे खूबसूरत मानसून जगहों, वहाँ कब जाना चाहिए और किन बातों का ध्यान रखना ज़रूरी है — सब बता रहे हैं।
🔄 अपडेट — जून 2026: इस साल मानसून राजस्थान में सामान्य से थोड़ा पहले दस्तक दे रहा है। अपनी यात्रा से पहले राजस्थान में मानसून कब आएगा ज़रूर देखें — जिलेवार आगमन तारीखें वहीं मिलेंगी।
मानसून में राजस्थान घूमने का सबसे अच्छा समय कब है?
राजस्थान में मानसून आमतौर पर जून के आख़िरी हफ़्ते में दक्षिण (उदयपुर, बांसवाड़ा) से प्रवेश करता है और जुलाई के पहले सप्ताह तक पूरे राज्य में फैल जाता है। घूमने के लिहाज़ से जुलाई से सितंबर का समय सबसे बढ़िया है:
- तापमान 25–32°C के बीच रहता है — गर्मियों के 45°C के मुक़ाबले बेहद सुहावना।
- पहाड़ियाँ और किले हरियाली से ढक जाते हैं, झीलें और झरने जीवंत हो उठते हैं।
- ऑफ-सीज़न होने के कारण होटल और टूर पैकेज सस्ते मिलते हैं और भीड़ कम रहती है।
यात्रा की सही प्लानिंग के लिए अपने गंतव्य शहर का लाइव मौसम और 7-दिन का पूर्वानुमान पहले देख लें।
एक नज़र में — मानसून की 12 बेस्ट जगहें
| जगह | ज़िला | मुख्य आकर्षण (मानसून) | बेस्ट महीना | लाइव लिंक |
|---|---|---|---|---|
| उदयपुर | उदयपुर | छलकती झीलें, सज्जनगढ़ मानसून पैलेस | जुलाई–सितंबर | मौसम |
| माउंट आबू | सिरोही | बादल, नक्की झील, गुरु शिखर | जुलाई–अगस्त | मौसम |
| कुंभलगढ़ | राजसमंद | हरी अरावली, बादलों में किला | अगस्त–सितंबर | मौसम |
| बूंदी | बूंदी | बावड़ियाँ, भीमलत झरना | जुलाई–सितंबर | मौसम |
| मेनाल झरना | भीलवाड़ा | "छुपा नियाग्रा", सिर्फ़ मानसून में | अगस्त | मौसम |
| रणथंभौर–सरिस्का | सवाई माधोपुर/अलवर | हरी सफारी, झरने | जुलाई–सितंबर | मौसम |
| चित्तौड़गढ़ | चित्तौड़गढ़ | विशाल दुर्ग, गौमुख कुंड | जुलाई–सितंबर | मौसम |
| पुष्कर | अजमेर | पवित्र झील, हरी अरावली | अगस्त–सितंबर | मौसम |
| जोधपुर | जोधपुर | मेहरानगढ़ + बादल | जुलाई–अगस्त | मौसम |
| जैसलमेर | जैसलमेर | रेगिस्तान में हल्की बारिश | जुलाई–अगस्त | मौसम |
| बांसवाड़ा | बांसवाड़ा | सौ द्वीपों का शहर, माही बांध | अगस्त–सितंबर | बांध |
| जयपुर | जयपुर | आमेर, नाहरगढ़, जल महल | जुलाई–सितंबर | मौसम |
1. उदयपुर — जब पूरा शहर झील बन जाता है
मानसून में उदयपुर राजस्थान का सबसे खूबसूरत शहर बन जाता है। बारिश से पिछोला, फतेह सागर और स्वरूप सागर झीलें लबालब भर जाती हैं और अक्सर ओवरफ़्लो होती हैं — फतेह सागर के ओवरफ़्लो चैनल को देखने के लिए लोग ख़ास तौर पर पहुँचते हैं। अरावली की पहाड़ियाँ चारों ओर हरी हो जाती हैं और सिटी पैलेस झील में अपना अक्स देखता है।
सबसे ख़ास बात — शहर के ऊपर बना सज्जनगढ़ (मानसून पैलेस) सदियों पहले बादलों और मानसून को निहारने के लिए ही बनाया गया था। सहेलियों की बाड़ी के फव्वारे बारिश में अपने पूरे शबाब पर होते हैं। उदयपुर तक पहुँचने से पहले उदयपुर में मानसून कब आएगा देख लें — यहाँ मानसून राज्य में सबसे पहले (24–27 जून) आता है।
2. माउंट आबू — रेगिस्तान में बादलों का घर
माउंट आबू राजस्थान का इकलौता हिल स्टेशन है और मानसून में यहीं का मौसम सबसे जादुई होता है। समुद्र तल से करीब 1220 मीटर ऊँचाई पर बसा यह कस्बा बारिश में सचमुच बादलों से घिर जाता है। नक्की झील में नाव चलाना, गुरु शिखर (अरावली की सबसे ऊँची चोटी, 1722 मीटर) से बादलों का समंदर देखना और सनसेट पॉइंट से ढलते सूरज को निहारना — यह सब मानसून में और निखर जाता है। सिरोही ज़िले का यह इलाका राज्य में सबसे ठंडा रहता है; सिरोही का मौसम देखकर ही निकलें।
3. कुंभलगढ़ — हरी अरावली में बसा अजेय किला
राजसमंद ज़िले का कुंभलगढ़ किला दुनिया की दूसरी सबसे लंबी दीवार (करीब 36 किमी) के लिए मशहूर है। मानसून में जब अरावली की ढलानें घनी हरियाली से ढक जाती हैं, तो बादलों के बीच खड़ा यह किला किसी दूसरी दुनिया का दृश्य लगता है। पास का कुंभलगढ़ वन्यजीव अभयारण्य भी इन्हीं दिनों सबसे हरा-भरा होता है। मौसम की जानकारी के लिए राजसमंद का मौसम देखें।
4. बूंदी — बावड़ियों और भीमलत झरने का शहर
हाड़ौती की बूंदी अपनी प्राचीन बावड़ियों (रानीजी की बावड़ी), तारागढ़ किले और नवल सागर–जैत सागर झीलों के लिए जानी जाती है। मानसून में पूरा शहर हरियाली में डूब जाता है और झीलें भर जाती हैं। बूंदी से करीब 35 किमी दूर भीमलत महादेव झरना सिर्फ़ बारिश के दिनों में पूरे वेग से गिरता है — मानसून यात्रियों के लिए यह छुपा हुआ ख़ज़ाना है। बूंदी का मौसम ज़रूर देखें।
5. मेनाल झरना — राजस्थान का "छुपा नियाग्रा"
भीलवाड़ा–चित्तौड़ सीमा पर स्थित मेनाल झरना सिर्फ़ मानसून में जीवित होता है — बाकी साल यह लगभग सूखा रहता है। घने जंगल के बीच करीब 150 फीट की ऊँचाई से गिरता यह झरना और पास का प्राचीन मेनाल महादेव मंदिर परिसर अगस्त में अपने चरम पर होते हैं। भीड़ से दूर, असली बारिश का रोमांच चाहने वालों के लिए यह जगह बेमिसाल है। निकलने से पहले भीलवाड़ा का मौसम ज़रूर जाँच लें, क्योंकि झरने तक का रास्ता बारिश में फिसलन भरा होता है।
6. रणथंभौर और सरिस्का — हरी होती जंगल सफारी
मानसून में राजस्थान के बाघ अभयारण्य एक अलग रूप में दिखते हैं। रणथंभौर (सवाई माधोपुर) और सरिस्का (अलवर) के कोर ज़ोन प्रजनन काल में 1 जुलाई से बंद रहते हैं, लेकिन बफ़र ज़ोन की सफारी खुली रहती है — और बारिश में हरा-भरा जंगल, झरने व प्रवासी पक्षी इसे यादगार बना देते हैं। सफारी बुक करने से पहले सवाई माधोपुर का मौसम और अलवर का मौसम देख लें।
7. चित्तौड़गढ़ — बारिश में और भव्य होता विशालकाय दुर्ग
भारत का सबसे बड़ा किला, चित्तौड़ दुर्ग, मानसून में हरियाली से घिरकर और भी प्रभावशाली लगता है। विजय स्तंभ, कीर्ति स्तंभ और किले के भीतर का गौमुख कुंड बारिश के मौसम में पानी से भरकर जीवंत हो उठते हैं। इतिहास और बारिश का यह संगम चित्तौड़गढ़ को मानसून यात्रा की बेहतरीन जगह बनाता है। यात्रा से पहले चित्तौड़गढ़ का मौसम देखें।
8. पुष्कर — पवित्र झील और हरी अरावली
अजमेर के पास बसा पुष्कर अपनी पवित्र झील और ब्रह्मा मंदिर के लिए दुनिया भर में मशहूर है। मानसून में अरावली की पहाड़ियाँ हरी हो जाती हैं, पुष्कर झील बारिश के पानी से भर जाती है और कम भीड़ के बीच यह तीर्थनगरी बेहद शांत व सुहावनी लगती है। मौसम के लिए अजमेर का मौसम देखें।
9. जोधपुर — बादलों के बीच नीला शहर
जोधपुर का विशाल मेहरानगढ़ किला जब मानसून के काले बादलों के बीच खड़ा होता है, तो नीले शहर के ऊपर का यह नज़ारा फ़ोटोग्राफ़रों का पसंदीदा बन जाता है। मंडोर गार्डन और राव जोधा डेज़र्ट रॉक पार्क बारिश में हरे हो उठते हैं। थार के किनारे बसे इस शहर में मानसून की हल्की फुहारें भी बड़ी राहत देती हैं — जोधपुर का मौसम देखकर प्लान बनाएँ।
10. जैसलमेर — रेगिस्तान में बारिश का अनोखा रंग
बहुत कम लोग जानते हैं कि जैसलमेर का थार रेगिस्तान मानसून में एक अलग ही जादू बिखेरता है। सोनार किला, सम सैंड ड्यून्स और पटवों की हवेली पर हल्की फुहारें पड़ती हैं और सूखी गडीसर झील पानी से भर उठती है। यहाँ बारिश कम और बिखरी हुई होती है, इसलिए उमस भी कम रहती है। जैसलमेर का मौसम देखकर ही निकलें।
11. बांसवाड़ा — "सौ द्वीपों का शहर" और छलकता माही बांध
दक्षिणी राजस्थान का बांसवाड़ा राज्य में सबसे ज़्यादा बारिश पाने वाला इलाका है। माही नदी के बैकवॉटर में बने सैकड़ों छोटे-छोटे द्वीपों के कारण इसे "सौ द्वीपों का शहर" कहते हैं। मानसून में माही बजाज सागर बांध (राज्य का सबसे लंबा बांध) भरकर छलकता है और इसके गेट खुलने का नज़ारा बेहद रोमांचक होता है। यात्रा से पहले माही बांध का जलस्तर और गेट की स्थिति ज़रूर देखें।
12. जयपुर — गुलाबी नगरी पर बारिश का रंग
मानसून में राजधानी जयपुर और भी रंगीन हो जाती है। बारिश में आमेर किला, नाहरगढ़ से बादलों का नज़ारा, और झील के बीच भरा हुआ जल महल अद्भुत दिखते हैं। सिसोदिया रानी के बाग़ के फव्वारे और गलताजी (मंकी टेम्पल) मानसून में सबसे जीवंत होते हैं। शहर घूमने से पहले जयपुर में मानसून कब आएगा और लाइव मौसम ज़रूर देखें।
मानसून यात्रा में सुरक्षा — इन बातों का रखें ध्यान
- लाइव मौसम पहले देखें: अपने गंतव्य का 7-दिन का पूर्वानुमान देखकर ही यात्रा प्लान करें; भारी बारिश के अलर्ट वाले दिन टालें।
- झरनों में सावधानी: मेनाल और भीमलत जैसे झरनों में पानी का बहाव अचानक तेज़ हो सकता है — पानी में बहुत अंदर न जाएँ।
- बांध और नदी किनारे: बांध के गेट खुलने पर नदियाँ उफान पर होती हैं। यात्रा से पहले बीसलपुर, जवाई और माही बांध की ताज़ा स्थिति देख लें और गेट खुले होने पर नदी किनारे न जाएँ।
- पहाड़ी रास्ते: माउंट आबू और कुंभलगढ़ जैसे घाट वाले रास्तों पर फिसलन और भूस्खलन का ध्यान रखें।
- पैकिंग: रेनकोट/छाता, वॉटरप्रूफ़ बैग, फिसलन-रोधी जूते और मच्छर-रोधी क्रीम साथ रखें।
राजस्थान मौसम के लिहाज़ से अपेक्षाकृत सुरक्षित है — यहाँ समुद्री तूफ़ान या बड़े भूस्खलन का ख़तरा नहीं रहता — फिर भी थोड़ी सावधानी आपकी यात्रा को यादगार बनाती है।





