🌱 सीधा जवाब (4 अगस्त 2026): बिश्नोई इंजीनियर्स समाज की पावन धरती मुकाम (नोखा, बीकानेर) में 1,011 पौधों का 'सघन वन' खड़ा करने जा रहे हैं — तारबंदी, ड्रिप सिंचाई और 16 प्रजातियों के साथ, पूरी इंजीनियरिंग प्लानिंग से। महाअभियान: 9 अगस्त 2026, सुबह 8 बजे। ₹3 लाख के फंड में से ₹2.91 लाख (97%) जमा हो चुका है — 76 साथियों के योगदान से। टीम की ओर से समाज के हर व्यक्ति को खुला आमंत्रण दिया गया है — 📍 सटीक लोकेशन यहां देखें।
मुकाम (बीकानेर)। सन 1730 में खेजड़ली गांव की अमृता देवी और 363 बिश्नोइयों ने पेड़ों को बचाने के लिए अपनी गर्दनें कटा दी थीं — दुनिया के पर्यावरण इतिहास का सबसे बड़ा बलिदान। गुरु जम्भेश्वर भगवान के 29 नियमों में 'हरा वृक्ष मत काटो' और 'जीवों पर दया करो' उसी दिन से इस समाज की पहचान है। अब उसी समाज के इंजीनियरों की टोली — बिश्नोई इंजीनियर्स — अपने गुरु की समाधि-स्थली मुकाम लौट रही है, हाथ में कुदाल और दिमाग में पूरा इंजीनियरिंग ब्लूप्रिंट लेकर। इस बार संकल्प पेड़ बचाने का नहीं, जंगल उगाने का है।
क्या बन रहा है: 'बिश्नोई अभियंता सघन वन'
- जगह: वन्य जीव रेस्क्यू सेंटर, मुकाम–समराथल रोड — वही जमीन जहां खेजड़ियों की छांव में चिंकारे विचरते हैं। टीम का नारा यही है: "खेजड़ी, चिंकारा और हम — एक परिवार।"
- क्षेत्रफल: 243×111 फीट ≈ 1.54 बीघा — हर ब्लॉक, हर रास्ता और हर पौधे की जगह पहले से नक्शे पर तय।
- मॉडल: सघन वानिकी (Dense Forestry) — 5×5 फीट की ग्रिड में 1,080 पौधों का लेआउट, ताकि कुछ ही सालों में घना जंगल खड़ा हो।
- देखभाल का इंतजाम पहले से: चारों ओर तारबंदी, हर पौधे तक ड्रिप लाइन, पानी का टैंक और खाद — यानी पौधा लगाकर भूल जाने वाला अभियान नहीं, पेड़ बनाकर छोड़ने वाला अभियान।
- मानसून की टाइमिंग भी सोच-समझकर — बारिश के मौसम में लगे पौधे की जड़ें गहरी बैठती हैं और बचने की संभावना सबसे ज्यादा होती है।
कौन-सा पौधा कितना? पूरी सूची (कुल 1,011)
| प्रजाति | संख्या |
|---|---|
| शीशम | 150 |
| नीम | 100 |
| सहजन | 100 |
| बेलपत्र | 100 |
| खेजड़ी — ग्राफ्टेड 'थार शोभा' | 100 |
| खेजड़ी (देसी) | 50 |
| करंज (खारी बादाम) | 50 |
| जामुन | 50 |
| शहतूत | 50 |
| कचनार | 50 |
| इमली | 50 |
| गूंदा | 50 |
| रोहिड़ा | 50 |
| पीपल | 21 |
| बड़ (बरगद) | 21 |
| आम / नींबू / अनार / अमरूद / कीनू | 19 |
| कुल योग | 1,011 |
सूची में दो बातें खास हैं — रोहिड़ा, जो राजस्थान का राज्य पुष्प वृक्ष है और मरुभूमि की शान कहलाता है; और ग्राफ्टेड 'थार शोभा' खेजड़ी, जो देसी खेजड़ी से तेज बढ़ती है और ज्यादा फोग-सांगरी देती है। फलदार पौधे इसलिए, ताकि आने वाले सालों में पक्षियों और वन्य जीवों को भी इस जंगल से भोजन मिले।
ग्राउंड से: काम शुरू हो चुका है (वीडियो)
ये दोनों वीडियो योगदानकर्ताओं के पैसे का जमीनी हिसाब भी हैं — तारबंदी और तैयारी का काम 9 अगस्त से पहले ही चल रहा है।
पैसे का पूरा हिसाब — सबके सामने
सामुदायिक अभियानों में जो बात सबसे कम मिलती है, वही इस अभियान की सबसे बड़ी ताकत है — खर्च का खुला ब्रेक-अप:
| मद | अनुमानित खर्च |
|---|---|
| पौधे (1,011) | ₹35,000 – ₹50,000 |
| गड्ढे खुदाई व पौधारोपण | ₹15,000 – ₹25,000 |
| तारबंदी | ₹80,000 – ₹1,50,000 |
| ड्रिप सिंचाई सिस्टम | ₹40,000 – ₹70,000 |
| पाइप, टैंक व फिटिंग | ₹15,000 – ₹30,000 |
| खाद व शुरुआती देखभाल | ₹20,000 – ₹40,000 |
| कुल अनुमानित लागत | ≈ ₹3.00 लाख |
इस फंड में अब तक 76 साथियों से ₹2,91,476 (97%) जमा हो चुका है — किसी ने ₹350 दिए, किसी ने ₹2,100, और एक साथी (उदय बिश्नोई) ने अकेले ₹1 लाख। हर नाम और हर राशि टीम की वेबसाइट पर लाइव काउंटर में सार्वजनिक है। बचे हुए और अतिरिक्त योगदान से एक स्थायी ग्रीन फंड बनेगा — नियमित सिंचाई, देखभाल और अगले पौधारोपणों के लिए। (वैसे, खेत की तारबंदी पर राजस्थान सरकार 50-70% सब्सिडी भी देती है — तारबंदी योजना की पूरी गाइड यहां है।)
📍 9 अगस्त को कैसे पहुंचें
- तारीख व समय: रविवार, 9 अगस्त 2026 — सुबह 8:00 बजे
- स्थान: वन्य जीव रेस्क्यू सेंटर, मुकाम–समराथल रोड, मुकाम (तहसील नोखा, जिला बीकानेर)
- पहचान: मुक्ति धाम मुकाम मंदिर से समराथल धोरे की ओर जाने वाली सड़क पर — नीचे मैप में सटीक लोकेशन पिन है
- नेविगेशन: यहां टैप करें — गूगल मैप्स में सीधे लोकेशन खुलेगी (27°36'41.3"N 73°37'27.9"E)
निकलने से पहले बीकानेर का मौसम देख लें — मानसून के दिन हैं, और सच कहें तो पौधारोपण के लिए हल्की बूंदाबांदी से अच्छा मुहूर्त कोई नहीं।
टीम का आमंत्रण: शामिल होने के तीन तरीके
आयोजकों ने भागीदारी के तीन रास्ते बताए हैं —
- 1. श्रमदान: टीम ने 9 अगस्त की सुबह गड्ढे खोदने, पौधे लगाने और पानी देने के लिए हर हाथ का स्वागत कहा है — परिवार और बच्चों समेत। आयोजकों का कहना है कि बच्चों के हाथ से लगा पौधा उनकी जिंदगी भर की याद बनता है।
- 2. योगदान: सुझावित राशि ₹2,100 प्रति सदस्य (इच्छानुसार कम-ज्यादा)। भुगतान का तरीका और लाइव योगदान सूची bishnoiengineers.com/green-initiative पर है।
- 3. प्रचार: टीम की अपील है कि यह संदेश परिवार और समाज के ग्रुपों तक ज्यादा से ज्यादा पहुंचे — उनके शब्दों में, "9 अगस्त को मुकाम में जितने हाथ, उतने पेड़।"
यह रिपोर्ट बिश्नोई इंजीनियर्स की आधिकारिक वेबसाइट पर सार्वजनिक विवरण, लाइव योगदान काउंटर और टीम की ओर से साझा की गई पौध-सूची पर आधारित है।
टीम का संकल्प-वाक्य ही इस पूरे अभियान का सार है — "एक पौधा – एक संकल्प। हरियाली हमारी पहचान है।"
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