अजमेर। REET 2026 की विज्ञप्ति माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (BSER) ने अभी जारी नहीं की है — पर तैयारी करने वालों के लिए सिलेबस कोई रहस्य नहीं है। पिछली परीक्षा REET 2024 (27–28 फरवरी 2025, करीब 14 लाख अभ्यर्थी) का बोर्ड-प्रकाशित पाठ्यक्रम ही मानक है, और नई विज्ञप्ति में बदलाव हो तो वह इसी ढांचे में जोड़ा जाता है — जैसे 2024 में पांचवां विकल्प और 1/3 निगेटिव मार्किंग जुड़े थे। नीचे लेवल-1 (कक्षा 1–5) और लेवल-2 (कक्षा 6–8) का पूरा सिलेबस हिंदी में, हर खंड के प्रश्न-अंक, पैटर्न के नियम और बोर्ड की आधिकारिक PDF के लिंक। विज्ञप्ति कब आएगी, इस पर अलग से: REET 2026 नोटिफिकेशन कब आएगा।
🟢 एक लाइन में: दोनों लेवल में 150 प्रश्न · 150 अंक · 2 घंटे 30 मिनट · हर प्रश्न में 5 विकल्प — उत्तर न देना हो तो पांचवां गोला भरना अनिवार्य · गलत उत्तर पर 1/3 अंक कटेगा · 10% से ज़्यादा प्रश्नों में कोई गोला न भरा तो अयोग्य · लेवल-1: बाल विकास, भाषा-I, भाषा-II, गणित, पर्यावरण (30-30) · लेवल-2: बाल विकास, भाषा-I, भाषा-II (30-30) + गणित-विज्ञान या सामाजिक अध्ययन (60)।
REET का परीक्षा पैटर्न — दोनों लेवल
| खंड | लेवल-1 (कक्षा 1–5) | लेवल-2 (कक्षा 6–8) |
|---|---|---|
| I. बाल विकास एवं शिक्षण विधियां | 30 प्रश्न · 30 अंक | 30 प्रश्न · 30 अंक |
| II. भाषा-I (हिंदी/अंग्रेजी/संस्कृत/उर्दू/सिंधी/पंजाबी/गुजराती में से एक) | 30 · 30 | 30 · 30 |
| III. भाषा-II (भाषा-I से अलग, उन्हीं में से) | 30 · 30 | 30 · 30 |
| IV. गणित | 30 · 30 | IV(a) गणित व विज्ञान या IV(b) सामाजिक अध्ययन — 60 प्रश्न · 60 अंक |
| V. पर्यावरण अध्ययन | 30 · 30 | |
| कुल | 150 प्रश्न · 150 अंक · 2:30 घंटे | 150 प्रश्न · 150 अंक · 2:30 घंटे |
- प्रश्नों का स्तर: लेवल-1 के प्रश्न राज्य सरकार के कक्षा 1–5 के पाठ्यक्रम पर आधारित, पर कठिनाई कक्षा 10 तक; लेवल-2 में कक्षा 6–8 का पाठ्यक्रम, कठिनाई कक्षा 12 तक — यह बात बोर्ड ने हर खंड के नीचे लिखी है।
- पांचवां विकल्प (2024 से): OMR में हर प्रश्न के 5 गोले हैं। जिस प्रश्न का उत्तर नहीं देना, उसमें पांचवां गोला भरना अनिवार्य है। कुल प्रश्नों के 10% से ज़्यादा में कोई भी गोला न भरने पर अभ्यर्थी अयोग्य घोषित हो सकता है।
- निगेटिव मार्किंग: हर गलत उत्तर पर 1/3 अंक की कटौती — 2024 में पहली बार लागू।
- पारियां (2024 में): पहली पारी सुबह 10:00–12:30, दूसरी दोपहर 3:00–5:30। दोनों लेवल के आवेदक दोनों पारियों में बैठे थे। शुल्क था लेवल-1 ₹550, लेवल-2 ₹550, दोनों ₹750।
लेवल-1 सिलेबस (कक्षा 1 से 5) — खंडवार
खंड I — बाल विकास एवं शिक्षण विधियां (30 प्रश्न)
- बाल विकास: वृद्धि व विकास की संकल्पना, आयाम और सिद्धांत; विकास को प्रभावित करने वाले कारक (विशेषकर परिवार व विद्यालय) और अधिगम से उनका संबंध; वंशानुक्रम व वातावरण की भूमिका।
- व्यक्तिगत विभिन्नताएं: अर्थ, प्रकार, प्रभावित करने वाले कारक। व्यक्तित्व: संकल्पना, प्रकार, कारक, मापन। बुद्धि: संकल्पना, सिद्धांत, मापन, बहुबुद्धि सिद्धांत और निहितार्थ।
- विविध अधिगमकर्ताओं की समझ: पिछड़े, मंदबुद्धि, प्रतिभाशाली, सृजनशील, अलाभान्वित-वंचित, विशेष आवश्यकता वाले (CWSN), अधिगम अक्षमता वाले बच्चे; अधिगम की कठिनाइयां; समायोजन की संकल्पना, तरीके और शिक्षक की भूमिका।
- अधिगम: अर्थ-संकल्पना, प्रभावित करने वाले कारक, सिद्धांत और निहितार्थ; बच्चे कैसे सीखते हैं — अधिगम की प्रक्रियाएं, चिंतन, कल्पना, तर्क; अभिप्रेरणा।
- शिक्षण-अधिगम: राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा (NCF) 2005 के संदर्भ में व्यूह-रचना व विधियां; आकलन, मापन व मूल्यांकन का अर्थ-उद्देश्य, समग्र व सतत मूल्यांकन (CCE), उपलब्धि परीक्षण का निर्माण, सीखने के प्रतिफल (Learning Outcomes); क्रियात्मक अनुसंधान; शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 — शिक्षक की भूमिका व दायित्व।
- राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020: प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल व शिक्षा, बुनियादी साक्षरता व संख्या-ज्ञान, स्कूलों में पाठ्यक्रम व शिक्षण-शास्त्र, शिक्षक, समतामूलक व समावेशी शिक्षा, मानक-निर्धारण व प्रत्यायन।
- राजस्थान की समसामयिक बाल-कल्याणकारी शैक्षिक योजनाएं।
खंड II व III — भाषा-I और भाषा-II (30 + 30 प्रश्न)
दोनों भाषाएं हिंदी, अंग्रेजी, संस्कृत, उर्दू, सिंधी, पंजाबी, गुजराती में से चुनी जाती हैं — भाषा-II भाषा-I से अलग होनी चाहिए। हर भाषा का ढांचा एक जैसा है: अपठित गद्यांश/पद्यांश पर आधारित समझ, व्याकरण, और उस भाषा का शिक्षण-शास्त्र (सिद्धांत, विधियां, कौशल-विकास, शिक्षण सामग्री, मूल्यांकन)। बोर्ड की PDF में अंग्रेजी खंड इस तरह है —
- अंग्रेजी भाषा-I: अपठित गद्यांश — Synonyms, Antonyms, Spellings, Word-formation, One Word Substitution; Parts of Speech, Tenses, Determiners, Degrees of Comparison; Framing Questions (Wh-questions), Active-Passive Voice, Narration, English Sounds व Phonetic Symbols; अंग्रेजी शिक्षण के सिद्धांत, विधियां व उपागम; भाषा-कौशल का विकास, शिक्षण सामग्री (पाठ्यपुस्तक, मल्टीमीडिया); CCE व अंग्रेजी में मूल्यांकन।
- अंग्रेजी भाषा-II: अपठित गद्यांश — Linking Devices, Subject-Verb Concord, Inferences; अपठित कविता — Alliteration, Simile, Metaphor, Personification, Assonance, Rhyme; Modal Auxiliaries, Idioms व Phrases, साहित्यिक शब्द (Elegy, Sonnet, Short Story, Drama); ध्वनियां व प्रतीक; Communicative Approach, अंग्रेजी सीखने की चुनौतियां (घर की भाषा, बहुभाषिकता); मूल्यांकन की विधियां, उपचारात्मक शिक्षण।
- हिंदी/संस्कृत/उर्दू/अन्य: अपठित गद्यांश-पद्यांश, शब्द-भेद, संधि-समास-उपसर्ग-प्रत्यय, पर्यायवाची-विलोम, वाक्य-रचना व अशुद्धि-शोधन, मुहावरे-लोकोक्तियां, और भाषा-शिक्षण की विधियां व मूल्यांकन — भाषा-वार पूरा खंड बोर्ड की PDF (नीचे लिंक) में है।
खंड IV — गणित (30 प्रश्न)
- एक करोड़ तक की पूर्ण संख्याएं, स्थानीय मान, तुलना; जोड़-घटा-गुणा-भाग; भारतीय मुद्रा; वैदिक गणित।
- भिन्न की संकल्पना — उचित भिन्न, समान हर वाली भिन्नों की तुलना, मिश्र भिन्न, असमान हर वाली भिन्नों की तुलना, भिन्नों का जोड़-घटाव; अभाज्य व भाज्य संख्याएं, अभाज्य गुणनखंड, लघुत्तम समापवर्त्य (LCM) व महत्तम समापवर्तक (HCF)।
- ऐकिक नियम, औसत, लाभ-हानि, साधारण ब्याज।
- समतल व वक्र सतह; समतल व ठोस ज्यामितीय आकृतियां और उनके गुण; बिंदु, रेखा, किरण, रेखाखंड; कोण व उनके प्रकार।
- लंबाई, भार, धारिता, समय, क्षेत्रफल का मापन — मानक इकाइयां व उनके संबंध; वर्ग व आयत का क्षेत्रफल-परिमाप।
- शिक्षण-शास्त्र: गणित की प्रकृति/तार्किक चिंतन, पाठ्यक्रम में गणित का स्थान, गणित की भाषा, सामुदायिक गणित, आंकड़ों का प्रबंधन; औपचारिक-अनौपचारिक मूल्यांकन, शिक्षण की समस्याएं, त्रुटि-विश्लेषण, निदानात्मक व उपचारात्मक शिक्षण।
खंड V — पर्यावरण अध्ययन (30 प्रश्न)
- परिवार: व्यक्तिगत संबंध, एकल-संयुक्त परिवार, सामाजिक बुराइयां (बाल विवाह, दहेज, बाल श्रम, चोरी), नशा और उसके दुष्प्रभाव।
- वस्त्र व आवास: मौसम के अनुसार वस्त्र, रख-रखाव, हथकरघा-पावरलूम; जीवों के आवास, घरों के प्रकार, सफाई, निर्माण सामग्री।
- व्यवसाय: आस-पास के व्यवसाय, लघु व कुटीर उद्योग, राजस्थान के प्रमुख उद्योग, उपभोक्ता संरक्षण, सहकारी समितियां।
- हमारी संस्कृति व सभ्यता: राजस्थान के मेले-त्योहार, राष्ट्रीय प्रतीक व पर्व, वेशभूषा-आभूषण, खान-पान, वास्तुकला, पर्यटन स्थल, महान व्यक्तित्व, विरासत (दुर्ग, महल, स्मारक), चित्रकला, राजस्थानी कहावतें, लोकदेवता; राजस्थान का सामान्य ज्ञान।
- परिवहन व संचार: साधन, पैदल-यात्री व यातायात नियम, संकेत, संचार साधनों का जीवन-शैली पर प्रभाव।
- व्यक्तिगत स्वच्छता: शरीर के बाहरी-आंतरिक अंग, संतुलित आहार, सामान्य रोग (गैस्ट्रोएंटेराइटिस, अमीबायोसिस, एनीमिया, फ्लोरोसिस, मलेरिया, डेंगू) — कारण व रोकथाम, पल्स पोलियो।
- जीव जगत: पौधों-जंतुओं के संगठन स्तर, जैव विविधता, राज्य पुष्प-वृक्ष-पक्षी-पशु, आरक्षित वन व वन्यजीव (राष्ट्रीय उद्यान, अभयारण्य, टाइगर रिज़र्व, विश्व विरासत), संरक्षण, कृषि पद्धतियां।
- जल: जल, वन, आर्द्रभूमि व मरुस्थल की मूल जानकारी; प्रदूषण व नियंत्रण; जल के गुण, स्रोत, प्रबंधन; कलात्मक जल-स्रोत, राजस्थान में पेयजल व सिंचाई के स्रोत।
- पृथ्वी व अंतरिक्ष: सौरमंडल, भारतीय अंतरिक्ष यात्री। पर्वतारोहण: उपकरण, समस्याएं, भारत की प्रमुख महिला पर्वतारोही।
- शिक्षण-शास्त्र: पर्यावरण अध्ययन की संकल्पना, क्षेत्र व महत्व, एकीकृत पर्यावरण अध्ययन, पर्यावरण शिक्षा के अधिगम सिद्धांत, विज्ञान व सामाजिक विज्ञान से अंतर्संबंध; अवधारणा प्रस्तुत करने के उपागम, गतिविधि, प्रयोग, चर्चा, CCE, शिक्षण सामग्री, शिक्षण की समस्याएं, ICT।
लेवल-2 सिलेबस (कक्षा 6 से 8) — खंडवार
खंड I — बाल विकास एवं शिक्षण विधियां (30 प्रश्न)
ढांचा लेवल-1 जैसा ही है (बाल विकास, व्यक्तिगत विभिन्नताएं, व्यक्तित्व, बुद्धि, विविध अधिगमकर्ता, समायोजन, NCF 2005, आकलन-मूल्यांकन, क्रियात्मक अनुसंधान, RTE 2009, NEP 2020, राजस्थान की बाल-कल्याणकारी योजनाएं), पर अधिगम वाले हिस्से में बोर्ड ने सिद्धांतों के नाम खोलकर लिखे हैं — व्यवहारवाद, गेस्टाल्ट, संज्ञानवाद, रचनावाद — और साथ में अनुभवजन्य अधिगम, संकल्पना-मानचित्रण, खोजपरक उपागम और समस्या-समाधान।
खंड II व III — भाषा-I और भाषा-II (30 + 30 प्रश्न)
विषय-सूची लेवल-1 जैसी (ऊपर देखें), फर्क स्तर का है — कक्षा 6–8 का पाठ्यक्रम और कक्षा 12 तक की कठिनाई। अंग्रेजी में वही बिंदु: Synonyms-Antonyms, Tenses, Determiners, Voice, Narration, Phonetics (भाषा-I); Linking Devices, Concord, Inferences, अपठित कविता व अलंकार, Modals, Idioms, Literary Terms, Communicative Approach (भाषा-II)।
खंड IV(a) — गणित व विज्ञान (60 प्रश्न, गणित-विज्ञान शिक्षक के लिए)
गणित:
- घातांक व घात — समान आधार पर गुणा-भाग, घातांक के नियम; बीजीय व्यंजक — जोड़-घटा-गुणा-भाग, सर्वसमिकाएं; गुणनखंड; एक चर वाले रैखिक समीकरण; वर्ग-वर्गमूल, घन-घनमूल; दशमलव; परिमेय संख्याएं।
- ब्याज — साधारण व चक्रवृद्धि, लाभ-हानि; अनुपात-समानुपात, समानुपाती भाग, भिन्न; प्रतिशत, दर, वृद्धि व अवमूल्यन।
- रेखा, किरण व कोण; समतल आकृतियां — त्रिभुज, त्रिभुजों की सर्वांगसमता, चतुर्भुज, वृत्त, बहुभुज; क्षेत्रफल-परिमाप — त्रिभुज, आयत, समांतर चतुर्भुज, समलंब; पृष्ठीय क्षेत्रफल व आयतन — घन, घनाभ, लंब वृत्तीय बेलन; सममिति।
- सांख्यिकी — आंकड़ों का संग्रह-वर्गीकरण, बारंबारता सारणी, मिलान चिह्न, दंड आलेख, आयतचित्र, वृत्त आलेख (पाई); ग्राफ के प्रकार; प्रायिकता।
- शिक्षण-शास्त्र — गणित की प्रकृति व तार्किक चिंतन, पाठ्यक्रम में महत्व, गणित की भाषा, सामुदायिक गणित; मूल्यांकन, उपचारात्मक शिक्षण, शिक्षण की समस्याएं।
विज्ञान:
- सजीव-निर्जीव — परिचय, अंतर, लक्षण; सूक्ष्मजीव — जीवाणु, विषाणु, कवक (लाभदायक-हानिकारक)।
- सजीव — पौधों के प्रकार व भाग, पोषण, श्वसन-उत्सर्जन, पादप व जंतु कोशिका (संरचना-कार्य), पौधों में जनन, जंतुओं में पोषण, शारीरिक गति।
- मानव शरीर व स्वास्थ्य — सूक्ष्मजीव-जनित रोग (टीबी, खसरा, डिप्थीरिया, हैजा, टाइफाइड) व रोकथाम, शरीर के तंत्र, संक्रामक रोग, भोजन के स्रोत-घटक, कमी से होने वाले रोग, संतुलित आहार; जंतु जनन व किशोरावस्था — लैंगिक-अलैंगिक जनन, यौवनारंभ, हार्मोन, प्रजनन स्वास्थ्य।
- यांत्रिकी — बल व गति, बलों के प्रकार (पेशीय, घर्षण, गुरुत्व, चुंबकीय, स्थिर-वैद्युत), गति के प्रकार, दाब, वायुमंडलीय दाब; ऊर्जा — पारंपरिक व वैकल्पिक स्रोत, संरक्षण; ऊष्मा व ताप — थर्मामीटर, चालन-संवहन-विकिरण।
- प्रकाश व ध्वनि — स्रोत, परावर्तन, गोलीय दर्पण, प्रतिबिंब, अपवर्तन, लेंस; ध्वनि के लक्षण, संचरण, ध्वनि प्रदूषण; विद्युत व चुंबकत्व — धारा, परिपथ, धारा के ऊष्मीय-चुंबकीय-रासायनिक प्रभाव, चुंबक; प्राकृतिक घटनाएं — तड़ित, भूकंप।
- पदार्थ की संरचना — परमाणु-अणु, परमाणु संरचना, तत्व-यौगिक-मिश्रण, पदार्थ के गुण, पृथक्करण, प्रतीक-सूत्र-रासायनिक समीकरण, भौतिक-रासायनिक परिवर्तन; रासायनिक पदार्थ — ऑक्साइड, अम्ल-क्षार-लवण, ऑक्सीजन, नाइट्रोजन व नाइट्रोजन चक्र, हाइड्रोकार्बन (परिचय), कोयला-पेट्रोलियम-प्राकृतिक गैस, दहन व ज्वाला।
- पौधों-जंतुओं का संरक्षण — वनोन्मूलन, ग्रीनहाउस प्रभाव व ग्लोबल वार्मिंग, संकटग्रस्त प्रजातियां, अभयारण्य, राष्ट्रीय उद्यान; कृषि प्रबंधन — कृषि पद्धतियां, फसलों के प्रकार।
- शिक्षण-शास्त्र — विज्ञान की प्रकृति व संरचना, प्राकृतिक विज्ञान के उद्देश्य, प्राकृतिक संसाधन, पर्यावरण, प्रदूषण-नियंत्रण, जैव विविधता, अनुकूलन, अपशिष्ट प्रबंधन; विज्ञान शिक्षण की विधियां, नवाचार, पाठ्य सामग्री/सहायक सामग्री, मूल्यांकन, शिक्षण की समस्याएं, उपचारात्मक शिक्षण।
खंड IV(b) — सामाजिक अध्ययन (60 प्रश्न, सामाजिक विज्ञान शिक्षक के लिए)
- भारतीय सभ्यता, संस्कृति व समाज: सिंधु घाटी सभ्यता, वैदिक संस्कृति, जैन व बौद्ध धर्म, महाजनपद।
- मौर्य-गुप्त साम्राज्य व गुप्तोत्तर काल: राजनीतिक इतिहास व प्रशासन, अर्थव्यवस्था, साहित्य व वास्तुकला, भारतीय संस्कृति में योगदान, भारत (600–1000 ई.), वृहत्तर भारत।
- मध्यकाल व आधुनिक काल: चोल साम्राज्य, भक्ति व सूफी आंदोलन, मुगल-राजपूत संबंध, मुगल प्रशासन-अर्थव्यवस्था-वास्तुकला; भारतीय राज्यों के प्रति ब्रिटिश नीतियां, 1857 की क्रांति, अर्थव्यवस्था पर ब्रिटिश शासन का प्रभाव, पुनर्जागरण व सामाजिक सुधार, राष्ट्रीय आंदोलन (1885–1947)।
- भारतीय संविधान व लोकतंत्र: निर्माण व विशेषताएं, प्रस्तावना, मूल अधिकार-कर्तव्य, कानून व सामाजिक न्याय, जेंडर, बाल अधिकार व संरक्षण, लोकतंत्र में चुनाव व मतदाता जागरूकता।
- सरकार — गठन व कार्य: संसद, राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री व मंत्रिपरिषद; राज्य सरकार, पंचायती राज व नगरीय स्वशासन (राजस्थान के संदर्भ में), जिला प्रशासन, न्यायपालिका।
- पृथ्वी व हमारा पर्यावरण: सौरमंडल, अक्षांश-देशांतर, पृथ्वी की गतियां, वायुदाब व पवनें, चक्रवात-प्रतिचक्रवात, महासागरीय परिसंचरण, ज्वालामुखी, भूकंप, जलवायु प्रदेश, पृथ्वी के परिमंडल, पर्यावरणीय समस्याएं व समाधान।
- भारत का भूगोल व संसाधन: भौतिक प्रदेश, जलवायु, वनस्पति, वन्यजीव, मृदा, फसलें, उद्योग, खनिज, जनसंख्या, मानव संसाधन, विकास के आर्थिक-सामाजिक कार्यक्रम।
- राजस्थान का भूगोल व संसाधन: भौतिक प्रदेश, जलवायु व अपवाह तंत्र, झीलें, जल संरक्षण व संग्रहण, कृषि, मृदा, फसलें, खनिज व ऊर्जा संसाधन, प्रमुख नहरें व नदी-घाटी परियोजनाएं, परिवहन, उद्योग, जनसंख्या, पर्यटन स्थल, वन व वन्यजीव।
- राजस्थान का इतिहास: प्राचीन सभ्यताएं व जनपद, प्रमुख राजवंश, 1857 में राजस्थान का योगदान, प्रजामंडल, जनजातीय व किसान आंदोलन, राजस्थान का एकीकरण, प्रमुख व्यक्तित्व।
- राजस्थान की कला व संस्कृति: विरासत (दुर्ग, महल, स्मारक), मेले-त्योहार, लोक कलाएं, चित्रकला, लोक नृत्य व लोक नाट्य, लोकदेवता, लोक संत, लोक संगीत व वाद्य, हस्तशिल्प व वास्तुकला, वेशभूषा-आभूषण, भाषा व साहित्य।
- शिक्षण-शास्त्रीय मुद्दे I व II: सामाजिक विज्ञान/अध्ययन की संकल्पना व प्रकृति, कक्षा-कक्ष प्रक्रियाएं, गतिविधियां व संवाद, शिक्षण की समस्याएं, आलोचनात्मक चिंतन; पूछताछ/आनुभविक साक्ष्य, शिक्षण सामग्री व सहायक सामग्री, ICT, परियोजना कार्य, सीखने के प्रतिफल, मूल्यांकन।
पास होने के लिए कितने अंक, और सर्टिफिकेट कब तक वैध
REET पात्रता परीक्षा है — पास होने पर पात्रता प्रमाण-पत्र मिलता है, नौकरी नहीं; भर्ती के लिए अलग से REET मुख्य परीक्षा (अध्यापक भर्ती) होती है, जिसमें REET-पात्र ही बैठ सकते हैं। पिछली REET में न्यूनतम उत्तीर्णांक सामान्य वर्ग के लिए 60% था और आरक्षित वर्गों (SC, ST, OBC, MBC, EWS, दिव्यांग, विधवा-परित्यक्ता, सहरिया) को विज्ञप्ति की तालिका के अनुसार छूट — नई विज्ञप्ति में यह तालिका फिर छपेगी, तभी अंतिम मानें। 2021 से REET का प्रमाण-पत्र आजीवन वैध है (NCTE के 2020 के निर्णय के अनुरूप)। REET मुख्य परीक्षा की चयन-प्रक्रिया अलग है: REET मेन्स मेरिट लिस्ट व जॉइनिंग।
REET 2026 कब — और अभी क्या करें
- विज्ञप्ति अभी नहीं आई है। बोर्ड REET की सूचना rajeduboard.rajasthan.gov.in और साल-विशेष साइट (पिछली बार reet2024.co.in) पर देता है; तारीख, आवेदन-अवधि और शुल्क उसी विज्ञप्ति में होते हैं। अपडेट: REET 2026 नोटिफिकेशन कब आएगा।
- सिलेबस इसी को मानें। पिछली बार विज्ञप्ति (12 दिसंबर 2024) और परीक्षा (27 फरवरी 2025) के बीच सिर्फ ढाई महीने थे — सिलेबस विज्ञप्ति का इंतज़ार करने की चीज़ नहीं है।
- सबसे ज़्यादा अंक: लेवल-2 में गणित-विज्ञान या सामाजिक अध्ययन का 60 अंकों का खंड और दोनों लेवल में बाल विकास (30) — ये दो हिस्से 40–60% अंक तय करते हैं। पर्यावरण अध्ययन और सामाजिक अध्ययन में राजस्थान से जुड़े बिंदु (लोकदेवता, मेले, दुर्ग, नहरें, राजवंश, प्रजामंडल) बोर्ड ने खुद रेखांकित किए हैं।
- पिछले पेपर: REET 2024 के प्रश्न-पत्र और अंतिम उत्तर-कुंजी बोर्ड की साइट पर सार्वजनिक हैं — पैटर्न और कठिनाई समझने का सबसे सीधा तरीका।
आधिकारिक सिलेबस PDF
- REET लेवल-1 सिलेबस — बोर्ड की PDF (हिंदी व अंग्रेजी, 20 पेज)
- REET लेवल-2 सिलेबस — बोर्ड की PDF (हिंदी व अंग्रेजी, 25 पेज)
- reet2024.co.in — पिछली परीक्षा की विज्ञप्ति, प्रश्न-पत्र व उत्तर-कुंजियां
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- REET 2026 नोटिफिकेशन कब आएगा — अब तक की आधिकारिक जानकारी
- RPSC 2nd Grade (वरिष्ठ अध्यापक) सिलेबस व परीक्षा पैटर्न
- RPSC 1st Grade (स्कूल लेक्चरर) सिलेबस
- राजस्थान में अभी कौन-सी भर्ती खुली है — भर्ती ट्रैकर
स्रोत: माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, राजस्थान, अजमेर — REET-2024 पाठ्यक्रम (लेवल-1, लेवल-2) व विज्ञप्ति संख्या 01/2024 दिनांक 12.12.2024 (reet2024.co.in); पांचवें विकल्प व निगेटिव मार्किंग के नियम बोर्ड की 2024 की सूचना के अनुसार। REET 2026 की विज्ञप्ति आने पर पैटर्न/शुल्क/तिथियां बदल सकती हैं — यह पेज तब अपडेट होगा।






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