🗳️ सीधा जवाब: 14 सितंबर को सिर्फ पार्षद चुने गए। आपके शहर का महापौर / सभापति / अध्यक्ष इन्हीं जीते हुए पार्षदों के वोट से सोमवार, 21 सितंबर 2026 को सुबह 10 से दोपहर 2 बजे के बीच चुना जाएगा और गिनती तुरंत बाद होगी। उप-प्रमुख (उपमहापौर/उपसभापति/उपाध्यक्ष) का चुनाव अगले दिन 22 सितंबर को। यह राज्य निर्वाचन आयोग के 19 अगस्त के कार्यक्रम से तय है।
महापौर का चुनाव कैसे होता है — पूरी प्रक्रिया
राजस्थान में नगर निगम का महापौर, नगर परिषद का सभापति और नगर पालिका का अध्यक्ष जनता सीधे नहीं चुनती। जनता पार्षद चुनती है, और फिर उस निकाय के सभी निर्वाचित पार्षद मिलकर अपने बीच से या तय नियमों के अनुसार प्रमुख चुनते हैं। इसीलिए 14 सितंबर के नतीजे बोर्ड की तस्वीर बताते हैं, पर कुर्सी 21 सितंबर को तय होती है।
| चरण | तारीख | क्या होगा |
|---|---|---|
| लोक सूचना | 15 सितंबर (मंगलवार) | निकाय प्रमुख चुनाव की अधिसूचना |
| नामांकन | 16 सितंबर | बैठक सुबह 10 बजे · नामांकन 11 बजे तक · जांच 11:30 · नाम वापसी दोपहर 2 बजे तक |
| जांच / नाम वापसी / चिह्न | 17–18 सितंबर | अंतिम उम्मीदवार सूची |
| मतदान — निकाय प्रमुख | 21 सितंबर (सोमवार), सुबह 10 – दोपहर 2 | पार्षद वोट देंगे; गिनती तुरंत बाद |
| मतदान — उप-प्रमुख | 22 सितंबर (मंगलवार) | उपमहापौर / उपसभापति / उपाध्यक्ष |
यानी पार्षद चुनकर आने के ठीक एक हफ्ते के भीतर हर शहर को उसका महापौर या सभापति भी मिल जाएगा।
बहुमत का गणित — 10 नगर निगमों में किसे कितने पार्षद चाहिए
बोर्ड बनाने के लिए निकाय के कुल पार्षदों का आधे से एक ज्यादा चाहिए। दस नगर निगमों में यह आंकड़ा:
| नगर निगम | कुल वार्ड | बहुमत | महापौर पद का आरक्षण |
|---|---|---|---|
| जयपुर | 150 | 76 | अनारक्षित (सामान्य) |
| जोधपुर | 100 | 51 | अनारक्षित (सामान्य) |
| कोटा | 100 | 51 | OBC महिला |
| अजमेर | 80 | 41 | सामान्य महिला |
| बीकानेर | 80 | 41 | अनारक्षित (सामान्य) |
| उदयपुर | 80 | 41 | अनारक्षित (सामान्य) |
| भीलवाड़ा | 70 | 36 | सामान्य महिला |
| अलवर | 65 | 33 | सामान्य महिला |
| भरतपुर | 65 | 33 | सामान्य महिला |
| पाली | 65 | 33 | सामान्य महिला |
⚠️ यह बात सबसे ज्यादा चूकती है: जिस पार्टी के सबसे ज्यादा पार्षद जीतें, जरूरी नहीं कि बोर्ड उसी का बने। बहुमत के आंकड़े से कम रह जाने पर निर्दलीय पार्षद निर्णायक हो जाते हैं — और आम तौर पर 14 से 21 सितंबर का यह हफ्ता उन्हीं को साधने में जाता है। इसीलिए नतीजों के दिन निर्दलीयों की संख्या पर वैसे ही नजर रखिए जैसे बड़ी पार्टियों के आंकड़े पर।
महापौर पद का आरक्षण — 6 निगमों में महिला ही बनेगी
13 अगस्त की लॉटरी में दसों नगर निगमों के महापौर पद का आरक्षण तय हुआ था। जयपुर, जोधपुर, उदयपुर और बीकानेर के महापौर पद अनारक्षित (सामान्य) हैं — यहां कोई भी निर्वाचित पार्षद दावेदार हो सकता है। अजमेर, अलवर, भरतपुर, भीलवाड़ा और पाली में पद सामान्य महिला के लिए, और कोटा में OBC महिला के लिए आरक्षित है। यानी दस में से छह निगमों में महापौर महिला होगी — दावेदार उसी वर्ग की निर्वाचित पार्षद होंगी। 47 नगर परिषदों और 252 नगर पालिकाओं के अध्यक्ष पद का वर्ग भी उसी लॉटरी से तय है — अपने शहर का अध्यक्ष आरक्षण यहां देखें।
नतीजों से बोर्ड तक — 14 से 22 सितंबर का पूरा क्रम
- 14 सितंबर: 309 निकायों के पार्षद नतीजे। हर वार्ड का विजेता वार्ड पेज पर, निकाय-दर-निकाय तस्वीर रिजल्ट पेज पर।
- 15 सितंबर: निकाय प्रमुख चुनाव की लोक सूचना।
- 16 सितंबर: नामांकन (सुबह 10 की बैठक, 11 बजे तक नामांकन, 2 बजे तक नाम वापसी)।
- 17–18 सितंबर: जांच, नाम वापसी, चिह्न। जिन निकायों में किसी दल को स्पष्ट बहुमत नहीं, वहां इन दिनों निर्दलीयों की भूमिका तय होती है।
- 21 सितंबर: महापौर / सभापति / अध्यक्ष का चुनाव, सुबह 10 – दोपहर 2, गिनती तुरंत बाद — शहर को उसी दिन प्रमुख मिल जाएगा।
- 22 सितंबर: उप-प्रमुख का चुनाव।
सामान्य प्रश्न (FAQ)
राजस्थान निकाय चुनाव 2026 में महापौर का चुनाव कब है?
21 सितंबर 2026 (सोमवार) को सुबह 10 से दोपहर 2 बजे तक, गिनती तुरंत बाद। उप-प्रमुख का चुनाव 22 सितंबर को है।
महापौर को कौन चुनता है?
जनता नहीं — उस निकाय के निर्वाचित पार्षद। 14 सितंबर को जीते पार्षद ही 21 सितंबर को वोट देते हैं।
जयपुर में बोर्ड बनाने के लिए कितने पार्षद चाहिए?
150 वार्डों के जयपुर नगर निगम में बहुमत के लिए 76 पार्षद। जोधपुर और कोटा (100 वार्ड) में 51; अजमेर, बीकानेर, उदयपुर (80) में 41; भीलवाड़ा (70) में 36; अलवर, भरतपुर, पाली (65) में 33।
किन नगर निगमों में महापौर महिला होगी?
अजमेर, अलवर, भरतपुर, भीलवाड़ा और पाली (सामान्य महिला) तथा कोटा (OBC महिला) — छह निगम। जयपुर, जोधपुर, उदयपुर और बीकानेर के पद अनारक्षित हैं।
अगर किसी पार्टी को बहुमत न मिले तो?
तब बोर्ड उस गठजोड़ का बनता है जो निर्दलीय या अन्य दलों के पार्षदों के साथ बहुमत का आंकड़ा जुटा ले — इसी वजह से निर्दलीय पार्षद निर्णायक बन जाते हैं।
उपमहापौर का चुनाव कब होगा?
22 सितंबर 2026 (मंगलवार) को — महापौर चुनाव के अगले दिन।
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स्रोत: राज्य निर्वाचन आयोग, राजस्थान — निकाय प्रमुख/उप-प्रमुख चुनाव कार्यक्रम (प्रेस नोट 19 अगस्त 2026, क्रमांक एफ.4(1)(1)/नपा/रानिआ/2026/6722); स्वायत्त शासन निदेशालय की 13 अगस्त 2026 की अध्यक्ष/महापौर आरक्षण लॉटरी; वार्ड संख्या आयोग की मतदाता-सूची प्रणाली से — 12 सितंबर 2026 को जांचा गया।






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