🌾 सीधा जवाब (20 अगस्त 2026): 'फ्री राशन के नियम बदल गए, अब राशन की जगह खाते में पैसे आएंगे' — यह दावा गलत है। मुफ्त अनाज योजना (PMGKAY) दिसंबर 2028 तक स्वीकृत है; 'खाते में पैसे' वाला नियम 2015 का है और आज तक सिर्फ चंडीगढ़ व पुडुचेरी में पायलट के तौर पर चला है; राजस्थान में ऐसा कोई आदेश नहीं है। इस अफवाह की आड़ में 'बैंक डिटेल अपडेट कराओ' वाली ठगी जरूर चल रही है — उससे बचने का तरीका नीचे है।
जयपुर। WhatsApp ग्रुपों और YouTube पर इन दिनों एक ही थंबनेल घूम रहा है — 'फ्री राशन के नियम बदले! अब खाते में आएंगे पैसे'। लाखों व्यू वाले ये वीडियो देखकर राजस्थान के करोड़ों NFSA लाभार्थियों के मन में दो डर बैठ रहे हैं: कहीं मुफ्त गेहूं बंद तो नहीं हो रहा, और पैसे पाने के लिए कहीं कुछ 'अपडेट' तो नहीं कराना है। दोनों सवालों के जवाब सरकारी दस्तावेजों में साफ हैं — और दोनों जवाब वीडियो के दावों के उलट हैं।
वायरल दावा क्या है
वीडियो और मैसेज कहते हैं कि सरकार ने फ्री राशन योजना के नियम बदल दिए हैं, अब राशन की दुकान से अनाज मिलना बंद होगा और उसकी जगह हर परिवार के बैंक खाते में सीधे पैसे भेजे जाएंगे — कुछ वीडियो इसमें रकम और तारीख भी जोड़ देते हैं। स्रोत के नाम पर या तो कुछ नहीं होता, या 'सरकारी आदेश' का ऐसा हवाला होता है जो कहीं दिखाया नहीं जाता।
सच #1: फ्री राशन बंद नहीं हो रहा — दिसंबर 2028 तक स्वीकृत है
NFSA (राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम) के तहत हर पात्र सदस्य को हर महीने 5 किलो मुफ्त अनाज प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (PMGKAY) से मिलता है। केंद्रीय कैबिनेट ने इस योजना को 1 जनवरी 2024 से पूरे पांच साल — दिसंबर 2028 तक — के लिए मंजूरी दी थी। इसे बंद करने, घटाने या 'पैसों में बदलने' का कोई नया फैसला 20 अगस्त 2026 तक न कैबिनेट से आया है, न खाद्य मंत्रालय की किसी अधिसूचना से।
सच #2: 'खाते में पैसे' वाला नियम नया नहीं — 2015 का है, और सिर्फ 2 जगह लागू है
अफवाह की जड़ में एक असली चीज है, इसीलिए यह भरोसेमंद लगती है। NFSA के तहत Cash Transfer of Food Subsidy Rules, 2015 नाम का नियम सच में मौजूद है, जो राज्य चाहें तो अनाज की जगह खाद्य सब्सिडी सीधे बैंक खाते में देने की छूट देता है। लेकिन इसकी पूरी कहानी यह है:
- यह नियम 10 साल पुराना है — सितंबर 2015 से चंडीगढ़ और पुडुचेरी में तथा मार्च 2016 से दादरा-नगर हवेली के शहरी इलाकों में पायलट के रूप में लागू हुआ।
- उसके बाद से किसी भी राज्य ने इसे नहीं अपनाया — राजस्थान ने भी नहीं। राज्यों ने अनाज की जगह नकद देने से साफ इनकार किया है।
- इसे देशभर में लागू करने की कोई नई घोषणा, तारीख या अधिसूचना 2026 में जारी नहीं हुई है।
यानी वीडियो जो 'नया बदलाव' बता रहे हैं, वह एक दशक पुराना, दो केंद्रशासित प्रदेशों तक सिमटा पायलट है।
सच #3: राजस्थान में आपके राशन का क्या होगा
राजस्थान में NFSA का अनाज पहले की तरह राशन डीलर के यहां POS मशीन से ही मिलता रहेगा — खाद्य विभाग की ओर से इसे नकद में बदलने का कोई आदेश जारी नहीं हुआ है। राशन कार्ड धारकों के लिए असली काम की चीजें ये तीन हैं:
- eKYC पूरी कराएं: परिवार के हर सदस्य की आधार-eKYC राशन दुकान की POS मशीन पर मुफ्त होती है — प्रक्रिया राशन eKYC गाइड में है।
- छूटे नाम जुड़वाएं: खाद्य सुरक्षा सूची में पात्र सदस्यों के नाम जोड़ने की प्रक्रिया यहां है।
- सूची में नाम जांचें: जिलेवार सूची देखने का तरीका राशन कार्ड लिस्ट गाइड में है।
इस अफवाह का असली खतरा: 'पैसे पाने के लिए डिटेल अपडेट करो' वाली ठगी
ऐसी हर वायरल अफवाह के पीछे-पीछे ठगों की टोली चलती है। 'खाते में राशन के पैसे पाने के लिए' बैंक डिटेल, आधार नंबर या OTP मांगने वाले कॉल-मैसेज-लिंक इसी अफवाह पर सवार हैं। तीन नियम याद रखें:
- सरकार राशन/सब्सिडी के लिए फोन या WhatsApp पर कभी कोई जानकारी नहीं मांगती — न OTP, न खाता नंबर, न 'रजिस्ट्रेशन फीस'।
- कोई लिंक 'राशन कैश योजना में रजिस्ट्रेशन' का दावा करे तो खोलें ही नहीं — ऐसी कोई योजना राजस्थान में है ही नहीं।
- ठगी हो जाए तो 1930 पर या cybercrime.gov.in पर तुरंत शिकायत करें — जितनी जल्दी रिपोर्ट, पैसा रुकने की संभावना उतनी ज्यादा।
ऐसे किसी भी वायरल दावे की 5-सेकंड जांच
- आदेश दिखाओ: दावा सच है तो अधिसूचना/आदेश की कॉपी होगी — वीडियो में सिर्फ 'सूत्रों के अनुसार' है तो शक करें।
- सरकारी वेबसाइट देखें: राशन से जुड़ा हर असली बदलाव food.rajasthan.gov.in या खाद्य मंत्रालय (dfpd.gov.in) पर आता है।
- PIB Fact Check खोजें: बड़ी अफवाहों का खंडन pib.gov.in पर आ जाता है।
- तारीख मिलाएं: 'नया नियम' बताकर 2015 जैसी पुरानी चीजें ही सबसे ज्यादा घुमाई जाती हैं।
- पैसे/OTP की मांग = ठगी — बिना अपवाद।
अब आगे क्या
फ्री राशन के नियम में अगर वाकई कोई बदलाव आता है — केंद्र की अधिसूचना या राजस्थान खाद्य विभाग का आदेश — तो उसकी पुष्टि के साथ यह पेज उसी दिन अपडेट होगा। तब तक आपका राशन वैसे ही मिलता रहेगा जैसे मिल रहा है, और करने लायक एकमात्र काम eKYC व नाम-जुड़वाई है। कोई भी वायरल 'सरकारी बदलाव' परखने के लिए ऊपर वाली 5-सेकंड जांच अपनाएं — और ऐसे दावों का सच जानने के लिए यह पेज अपनों तक पहुंचाएं।






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