भरतपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के गृह जिले में महापौर की कुर्सी का फैसला वोट से पहले ही हो गया। नाम वापसी के अंतिम दिन, शुक्रवार 18 सितंबर को, कांग्रेस-समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार विचित्रा सिंह (वार्ड 17, पूर्व महापौर शिव सिंह भोंट की पत्नी) ने अपना नामांकन वापस ले लिया — गृह राज्यमंत्री जवाहर सिंह बेढम से करीब दो घंटे की बातचीत के बाद। मैदान में अब भाजपा की अनुराधा सिंह (वार्ड 61) अकेली हैं; निर्वाचन अधिकारी के अनुसार दोपहर 3 बजे नाम वापसी की प्रक्रिया बंद होने के बाद उनका निर्विरोध निर्वाचन घोषित किया जाना है। जिस निगम में 65 में से 36 पार्षद निर्दलीय जीते थे और भाजपा के सिर्फ 20, वहां 21 सितंबर को वोट ही नहीं पड़ेगा।
🟢 एक लाइन में: भरतपुर निगम (65 वार्ड, बहुमत 33): निर्दलीय 36 · भाजपा 20 · कांग्रेस 7 · बसपा 1 · RLP 1 · महापौर पद सामान्य महिला · भाजपा की अनुराधा सिंह (वार्ड 61) अकेली उम्मीदवार — निर्विरोध · भीलवाड़ा के बाद यह दूसरा निगम जहां भाजपा का महापौर बिना वोट के · उप-महापौर का चुनाव 22 सितंबर को।
18 सितंबर को क्या हुआ
- 16 सितंबर: नामांकन के अंतिम दिन भाजपा से अनुराधा सिंह और निर्दलीय के रूप में विचित्रा सिंह ने पर्चे भरे (विचित्रा सिंह ने दो नामांकन दाखिल किए)। भोंट का दावा था कि कांग्रेस के 7 और निर्दलीयों के समर्थन से उनके पास पर्याप्त पार्षद हैं — संख्या पर बोले, "वोट डालने के दिन स्थिति स्पष्ट होगी"।
- 17 सितंबर: भाजपा जिलाध्यक्ष शिवानी दायमा ने 51 पार्षदों के समर्थन का दावा किया (ईटीवी भारत)।
- 18 सितंबर (शुक्रवार): गृह राज्यमंत्री जवाहर सिंह बेढम ने विचित्रा सिंह से करीब दो घंटे बात की, फिर खुद शिव सिंह भोंट के होटल शिव विलास पैलेस पहुंचे। इसके बाद विचित्रा सिंह ने निगम कार्यालय जाकर नामांकन वापस लिया।
- वापसी के बाद विचित्रा सिंह ने कहा कि वे "भरतपुर के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका" निभाना चाहती हैं; भोंट बोले — "खेला हो गया, यही तो खेला है" — और कहा कि फैसला मुख्यमंत्री के विकास कार्यों को देखते हुए बिना किसी दबाव में लिया। मंत्री बेढम ने दोनों का आभार जताया और इसे भरतपुर के विकास से जोड़ा।
भरतपुर निगम का गणित — और वह क्यों बेमानी हो गया
| दल | पार्षद (65 में) |
|---|---|
| निर्दलीय | 36 |
| भाजपा | 20 |
| कांग्रेस | 7 |
| बसपा / RLP | 1 / 1 |
| बहुमत | 33 |
14 सितंबर की गिनती के बाद भरतपुर राज्य का सबसे बड़ा "निर्दलीय बोर्ड" था — भाजपा को महापौर के लिए 13 निर्दलीय, कांग्रेस-समर्थित खेमे को 26 चाहिए थे। दोनों पक्ष दावे कर रहे थे (भाजपा 51–57, भोंट खेमा "पर्याप्त"), पर गुप्त मतदान में 36 निर्दलीयों का रुख कोई नहीं जानता था। नाम वापसी ने वह अनिश्चितता खत्म कर दी: एक ही उम्मीदवार बचने पर मतदान की ज़रूरत नहीं रहती। भरतपुर के 65 वार्डों के विजेता: भरतपुर नगर निगम — वार्ड सूची व नतीजे।
कौन हैं अनुराधा सिंह
वार्ड 61 से भाजपा पार्षद, जो अपना वार्ड 41 वोटों के अंतर से जीतीं (द सूत्र)। नामांकन के समय भाजपा जिलाध्यक्ष शिवानी दायमा उनके साथ थीं। महापौर पद इस बार सामान्य महिला के लिए आरक्षित था, इसलिए मुकाबला महिला पार्षदों के बीच ही होना था। उनकी उम्र, शिक्षा और पारिवारिक पृष्ठभूमि पर आयोग या पार्टी की ओर से अभी विवरण सार्वजनिक नहीं है — आने पर यहां जोड़ा जाएगा।
विपक्ष की प्रतिक्रिया
कांग्रेस ने भरतपुर में अपना उम्मीदवार नहीं उतारा था और विचित्रा सिंह का समर्थन कर रही थी। द सूत्र के अनुसार पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने ट्वीट कर मुख्यमंत्री के गृह जिले में प्रशासन पर अलोकतांत्रिक दबाव का आरोप लगाया; भाजपा ने इसे विकास के नाम पर स्वेच्छा से लिया गया फैसला बताया है। मुख्यमंत्री ने निकाय चुनाव में भरतपुर में रोड-शो किए थे।
अब आगे क्या
- 21 सितंबर: भरतपुर में महापौर का वोट नहीं; बाकी 5 निगमों — अलवर, बीकानेर, उदयपुर, अजमेर, पाली — में पार्षद सुबह 10 से 2 बजे तक वोट डालेंगे। भीलवाड़ा में भाजपा की जसवंत कंवर 17 सितंबर को ही निर्विरोध चुनी जा चुकी हैं।
- 22 सितंबर: उप-महापौर का चुनाव — भरतपुर में यही अब असली मुकाबला है; 17 सितंबर से ही इस कुर्सी पर खींचतान की खबरें हैं।
- 25 सितंबर: जयपुर, जोधपुर, कोटा में महापौर का वोट — पूरा कार्यक्रम और गणित।
21 सितंबर के 5 निगमों में कौन-कौन मैदान में और किसे कितने निर्दलीय चाहिए: नाम वापसी के बाद अंतिम तस्वीर। महापौर कैसे चुना जाता है: पूरा गाइड।
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- हर निकाय का वार्ड-वार नतीजा — रिजल्ट पेज
स्रोत: ईटीवी भारत राजस्थान (16 व 18 सितंबर 2026 — नामांकन, दायमा का दावा, वापसी, बेढम और भोंट के बयान); राजस्थान पत्रिका, भरतपुर (18 सितंबर — दो घंटे की बातचीत, होटल); अमर उजाला (18 सितंबर — वार्ड 61, भोंट का बयान); द सूत्र (18 सितंबर — 41 वोट का अंतर, गहलोत का ट्वीट); राज्य निर्वाचन आयोग की दलवार विजेता तालिका (65 वार्डों का दलीय गणित)। निर्विरोध निर्वाचन की औपचारिक घोषणा की सूचना आते ही यह लेख अपडेट होगा।






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