🔴 सीधा जवाब: मतदान 9 और 11 सितंबर को सुबह 7 से शाम 6 बजे तक। बूथ पर मतदाता फोटो पहचान पत्र (EPIC) ले जाना पहली शर्त है — न हो तो आयोग की सूची के 11 वैकल्पिक फोटो दस्तावेजों में से कोई एक मूल दस्तावेज चलेगा (सूची नीचे)। आपके शहर में वोट किस दिन है, यहां देख लें — सभी 309 निकायों में एक ही दिन वोट नहीं पड़ रहे।
राजस्थान के 309 नगरीय निकायों के 10,245 वार्डों में 1.44 करोड़ शहरी मतदाता पार्षद चुनेंगे। राज्य में 16,465 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। यह पेज उसी एक दिन के लिए है — क्या साथ ले जाना है, बूथ कैसे पता करना है, और वे नियम जो बूथ पर जाकर पता चलें तो देर हो चुकी होती है।
1. साथ क्या ले जाना है — पहचान का पूरा नियम
राज्य निर्वाचन आयोग के 30 जुलाई 2026 के आदेश (क्रमांक 5310) के मुताबिक, मतदान के लिए पहचान का प्राथमिक दस्तावेज भारत निर्वाचन आयोग का फोटोयुक्त मतदाता पहचान पत्र (EPIC) ही है। यह आदेश 2019 और जनवरी 2026 के पुराने आदेशों की जगह लागू है।
अगर EPIC प्रस्तुत नहीं कर पा रहे, तो इनमें से कोई एक मूल दस्तावेज ले जाएं:
| # | वैकल्पिक फोटो दस्तावेज |
|---|---|
| 1 | आधार कार्ड |
| 2 | विकसित भारत — गारंटी फॉर रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) (VB-G RAM G) / मनरेगा कार्ड |
| 3 | बैंकों / डाकघर द्वारा जारी फोटोयुक्त पासबुक |
| 4 | श्रम मंत्रालय की योजना के अंतर्गत जारी स्वास्थ्य बीमा स्मार्ट कार्ड / आयुष्मान भारत हेल्थ कार्ड |
| 5 | ड्राइविंग लाइसेंस |
| 6 | पैन कार्ड |
| 7 | भारतीय पासपोर्ट |
| 8 | फोटोयुक्त पेंशन दस्तावेज |
| 9 | केंद्र / राज्य सरकार / लोक उपक्रम / पब्लिक लिमिटेड कंपनियों द्वारा कर्मचारियों को जारी फोटोयुक्त सेवा पहचान पत्र |
| 10 | सांसदों एवं विधानसभा सदस्यों को जारी सरकारी पहचान पत्र |
| 11 | यूनिक डिसएबिलिटी आईडी (UDID) कार्ड — सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय |
⚠️ दो शर्तें जो ज्यादातर लोग नहीं जानते:
(क) वैकल्पिक दस्तावेज चुनाव की घोषणा से पहले जारी हुआ होना चाहिए — यानी 19 अगस्त के बाद बनवाया गया कार्ड इस चुनाव में पहचान के लिए मान्य नहीं होगा।
(ख) अगर दस्तावेज पर वैधता/कालातीत अवधि लिखी है, तो वह उसी अवधि तक मान्य है — एक्सपायर हो चुका लाइसेंस या पासपोर्ट काम नहीं आएगा।
और हां — फोटोकॉपी नहीं चलेगी, मूल दस्तावेज ही ले जाना है।
2. परिवार के बाकी सदस्यों की पहचान
आदेश में एक व्यावहारिक छूट है: परिवार के मुखिया को अपने वैध दस्तावेज के आधार पर परिवार के दूसरे सदस्यों की पहचान कराने की अनुमति है — शर्त यह कि सभी सदस्य उसके साथ आएं और मुखिया उनकी पहचान स्थापित कर सके। यानी घर के बुजुर्ग या नई बहू के पास अपना कार्ड न हो तो पूरा परिवार साथ जाए।
3. अपना बूथ और वार्ड कैसे पता करें
- मतदाता सूची में अपने नाम के आगे लिखी भाग संख्या देखें — मतदान केंद्र इसी से तय होता है।
- मतदान से पहले BLO की मतदाता पर्ची मिलती है, उस पर बूथ का पता और भाग-संख्या दोनों होते हैं।
- पर्ची न मिले तो निकाय कार्यालय में भाग-संख्या बताकर बूथ पूछा जा सकता है।
- अपने वार्ड की सूची में नाम अभी जांचना हो — सभी 309 निकायों के वार्ड पेज यहां हैं।
याद रखें: निकाय चुनाव की सूची राज्य निर्वाचन आयोग बनाता है, जो विधानसभा वाली ECI सूची से अलग होती है। electoralsearch पर नाम दिखना काफी नहीं है।
4. नाम सूची में नहीं है तो?
सीधी बात — इस चुनाव के लिए अब नया नाम नहीं जुड़ सकता। दावा-आपत्ति की विंडो अंतिम प्रकाशन से पहले बंद हो चुकी है। अगर आपका नाम सूची में नहीं है तो 9/11 सितंबर को वोट नहीं डाला जा सकेगा। गड़बड़ी (नाम की स्पेलिंग, फोटो, क्रम) दिखे तो निकाय कार्यालय में तुरंत संपर्क करें — पर नाम जुड़वाने का रास्ता अगले पुनरीक्षण में ही खुलेगा।
5. वोट EVM से पड़ेगा
- इस बार सभी नगरपालिका निर्वाचन EVM से हो रहे हैं (आयोग की 19 जनवरी 2026 की अधिसूचना)।
- अलवर, भरतपुर, जयपुर, जोधपुर और कोटा जिलों में भारत निर्वाचन आयोग की M-3A मशीनें; बाकी 36 जिलों में मल्टी-पोस्ट मशीनें।
- आपको सिर्फ अपने वार्ड के पार्षद के लिए वोट देना है — महापौर/अध्यक्ष का चुनाव जनता नहीं, चुने हुए पार्षद 21 सितंबर को करेंगे।
- मतदान के बाद उंगली पर अमिट स्याही लगाई जाएगी।
6. फर्जी मतदान पर क्या होगा — धारा 172
आयोग ने आदेश में साफ लिखा है कि मिथ्या या कूटरचित पहचान पत्र के आधार पर, या किसी दूसरे मतदाता का प्रतिरूपण करके वोट डालने की कोशिश पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 172 के तहत कार्रवाई होगी। इसमें किसी और के नाम से (चाहे वह जीवित हो या मृत), किसी काल्पनिक नाम से, या एक बार वोट देने के बाद दोबारा मतपत्र मांगना — सब निर्वाचन में प्रतिरूपण का अपराध है।
7. उस दिन शहर में और क्या रहेगा
- छुट्टी: जिला कलेक्टर उसी निर्वाचन क्षेत्र में सार्वजनिक अवकाश घोषित करते हैं जहां उस दिन मतदान है — पूरे राज्य में नहीं।
- सूखा दिवस: मतदान से 48 घंटे पहले से शराबबंदी — 9 सितंबर वाले शहरों में 7 सितंबर शाम 6 बजे से, 11 सितंबर वाले शहरों में 9 सितंबर शाम 6 बजे से। पूरा नियम यहां।
- मतगणना 14 सितंबर को — सभी 309 निकायों की एक साथ। नतीजे यहां लाइव।
बूथ जाने से पहले 1 मिनट की चेकलिस्ट
- मेरे शहर में वोट किस दिन है — 9 या 11? जांचें
- सूची में नाम है? भाग-संख्या नोट की?
- EPIC या 11 में से एक मूल दस्तावेज जेब में रखा?
- दस्तावेज 19 अगस्त से पहले का और एक्सपायर नहीं?
- घर के जिन सदस्यों के पास कार्ड नहीं, वे मुखिया के साथ जा रहे हैं?
सामान्य प्रश्न (FAQ)
निकाय चुनाव में वोट डालने के लिए कौन-सा दस्तावेज चाहिए?
पहला विकल्प मतदाता फोटो पहचान पत्र (EPIC) है। वह न हो तो आयोग की सूची के 11 वैकल्पिक फोटो दस्तावेजों में से कोई एक मूल दस्तावेज — आधार, ड्राइविंग लाइसेंस, पैन, पासपोर्ट, बैंक/डाकघर की फोटोयुक्त पासबुक, आयुष्मान कार्ड, पेंशन दस्तावेज, सेवा पहचान पत्र, मनरेगा/VB-G RAM G कार्ड, UDID कार्ड या सांसद/विधायक को जारी पहचान पत्र।
क्या आधार कार्ड से वोट डाल सकते हैं?
हां, आधार आयोग की वैकल्पिक सूची में पहले नंबर पर है — लेकिन मूल कार्ड ले जाना होगा और वह चुनाव की घोषणा (19 अगस्त) से पहले जारी हुआ होना चाहिए।
क्या फोटोकॉपी या मोबाइल में सेव फोटो चलेगी?
नहीं। आदेश में स्पष्ट है कि मूल दस्तावेज प्रस्तुत करना होगा।
मतदान का समय क्या है?
दोनों चरणों में सुबह 7 से शाम 6 बजे तक। शाम 6 बजे तक कतार में लगे मतदाताओं को वोट देने दिया जाता है।
मेरे परिवार के सदस्य के पास कोई दस्तावेज नहीं है, क्या करें?
परिवार का मुखिया अपने वैध दस्तावेज के आधार पर बाकी सदस्यों की पहचान करा सकता है, बशर्ते सभी सदस्य उसके साथ बूथ पर आएं।
क्या इसी वोट से महापौर भी चुना जाएगा?
नहीं। जनता सिर्फ वार्ड पार्षद चुनती है। महापौर/सभापति/अध्यक्ष का चुनाव 21 सितंबर को चुने हुए पार्षद करेंगे, और उप-प्रमुखों का 22 सितंबर को।
इसे भी पढ़ें
- किस शहर में मतदान कब — सभी 309 निकायों की चरणवार सूची
- अपने वार्ड की वोटर लिस्ट में नाम देखें
- सूखा दिवस और छुट्टी का पूरा नियम
- 14 सितंबर के नतीजे यहां लाइव
स्रोत: राज्य निर्वाचन आयोग, राजस्थान — मतदाता की पहचान हेतु वैकल्पिक दस्तावेजों संबंधी आदेश क्रमांक एफ.1(2)(1)नपा-पंचा/सा.आ./रानिआ/14/5310 दिनांक 30.07.2026 (जो आदेश 559 दिनांक 07.02.2019 व आदेश 603 दिनांक 19.01.2026 को अधिक्रमित करता है); ईवीएम अधिसूचना दिनांक 19.01.2026; चुनाव कार्यक्रम प्रेस नोट दिनांक 19.08.2026 (मतदाता व मतदान केंद्र आंकड़े)।






💬 टिप्पणियाँ
इस खबर पर अपनी राय साझा करें। कृपया शालीन भाषा का प्रयोग करें।
अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आप कीजिए!