🗳️ सीधा जवाब (19 अगस्त 2026): आचार संहिता अभी लागू नहीं है — यह उसी दिन लगेगी जिस दिन राज्य निर्वाचन आयोग निकाय चुनाव की तारीखें घोषित करेगा। लेकिन संकेत साफ हैं: 309 निकायों की आरक्षण लॉटरी 13 अगस्त को संपन्न, आयोग का आचार संहिता पालना आदेश 11 अगस्त को जारी, और EVM-वाहन-बजट से जुड़े आदेश भी निकल चुके हैं — यानी घोषणा अब किसी भी दिन। लगते ही क्या-क्या रुकेगा, नीचे पूरी लिस्ट है। घोषणा होते ही तारीखों के साथ यह पेज अपडेट होगा।

जयपुर। सरकारी दफ्तरों में इन दिनों एक ही सवाल घूम रहा है — तबादला अभी हो जाएगा या संहिता में अटक जाएगा? और आम आदमी का सवाल इसका उल्टा है — कहीं मेरी पेंशन, राशन या चल रहे काम न रुक जाएं? दोनों के जवाब नियमों में साफ हैं, बस दोनों को अलग-अलग समझना जरूरी है।

आचार संहिता कब लगेगी — और अभी तक क्यों नहीं लगी

आदर्श आचार संहिता किसी अलग आदेश से नहीं, चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के साथ अपने आप लागू होती है और परिणाम आने तक चलती है। 19 अगस्त तक राज्य निर्वाचन आयोग (sec.rajasthan.gov.in) ने नगरीय निकाय आम चुनाव 2026 की तारीखें घोषित नहीं की हैं — इसीलिए संहिता अभी नहीं लगी है। लेकिन तैयारी के तीन पक्के प्रमाण सामने हैं:

विज्ञापन
  • 11 अगस्त 2026: आयोग ने 'नगरीय निकाय आम चुनाव, 2026 — आदर्श आचार संहिता के प्रावधानों की पालना बाबत्' आदेश जारी किया — विभागों को संहिता की तैयारी का निर्देश।
  • 13 अगस्त 2026: 309 निकायों की वार्ड व अध्यक्ष आरक्षण लॉटरी संपन्न — चुनाव की सबसे बड़ी कानूनी पूर्व-शर्त पूरी।
  • EVM मशीनों, वाहन-लाउडस्पीकर और चुनाव बजट से जुड़े आदेश भी अगस्त में जारी हो चुके हैं।

संहिता लगते ही ये 7 चीजें रुक जाएंगी

  1. नई घोषणाएं: चुनाव वाले निकाय क्षेत्रों में कोई नई योजना, राहत या रियायत की घोषणा नहीं।
  2. उद्घाटन-शिलान्यास: मंत्री-नेता किसी काम का लोकार्पण या शिलान्यास नहीं कर सकते।
  3. नए कामों की स्वीकृति: नई वित्तीय स्वीकृतियां/वर्क ऑर्डर रुक जाते हैं — पहले से चल रहे काम जारी रहते हैं
  4. तबादले-पोस्टिंग: चुनाव से जुड़े क्षेत्रों-विभागों में अधिकारियों-कर्मचारियों के तबादले आयोग की अनुमति के बिना नहीं होते।
  5. सरकारी संसाधन: सरकारी वाहन, भवन, मशीनरी और कर्मचारियों का चुनाव प्रचार में इस्तेमाल पूरी तरह बंद।
  6. प्रचार के नियम: सभा-रैली-जुलूस के लिए पूर्व अनुमति, लाउडस्पीकर के लिए तय समय-सीमा, बिना इजाजत निजी दीवारों पर पोस्टर-लेखन नहीं।
  7. सरकारी उपलब्धियों का विज्ञापन: सार्वजनिक पैसे से उपलब्धि-विज्ञापन और होर्डिंग हटाए जाते हैं।

आम आदमी पर असल असर: क्या रुकेगा, क्या नहीं

चलता रहेगा ✅अटक सकता है ⏸️
पेंशन, राशन, छात्रवृत्ति के चालू भुगताननई योजनाओं की घोषणा/शुरुआत
पहले से स्वीकृत और चल रहे निर्माण कार्यनए कामों की स्वीकृति और नए वर्क ऑर्डर
अस्पताल, स्कूल, आपात व जरूरी सेवाएंचुनाव क्षेत्रों में तबादले (बिना SEC अनुमति)
पहले से जारी प्रक्रियाओं के नियमित कामनई रियायतों/अनुदानों के फैसले

ध्यान रखें: निकाय चुनाव की संहिता का दायरा मुख्यतः चुनाव वाले नगरीय क्षेत्रों और उनसे जुड़े विभागों पर होता है — विधानसभा चुनाव की तरह पूरे राज्य पर एक जैसा नहीं। सटीक दायरा घोषणा के दिन आयोग की अधिसूचना से ही तय होगा, और वही अंतिम प्रमाण है।

इस बार के निकाय चुनाव में क्या नया है

  • दो संतान वाली रोक खत्म: दो से अधिक संतान होने पर चुनाव लड़ने की अयोग्यता नगरीय निकाय और पंचायतीराज — दोनों कानूनों से हटा दी गई है (राजस्थान अधिनियम 6 व 7, 2026)। नामांकन की पात्रता में यह सबसे बड़ा बदलाव है।
  • कुष्ठ रोग वाली अयोग्यता हटी।
  • आयोग के नए निर्देश 4831 ने 2019 के पुराने निर्देशों की जगह ली है — नामांकन के परिशिष्टों समेत प्रक्रिया इन्हीं से चलेगी।
  • चुनाव कब तक हो सकते हैं और अदालत में क्या चला, इसकी पृष्ठभूमि निकाय-पंचायत चुनाव देरी और पंचायत चुनाव कब होंगे में पढ़ें।

अब आगे क्या

अगला पड़ाव एक ही है — राज्य निर्वाचन आयोग की प्रेस कॉन्फ्रेंस/अधिसूचना, जिसके साथ तारीखें आएंगी और आचार संहिता उसी क्षण से लागू हो जाएगी। घोषणा होते ही यह पेज चुनाव के पूरे कार्यक्रम (नामांकन, मतदान, मतगणना की तारीखों) और संहिता के आधिकारिक दायरे के साथ अपडेट होगा। तब तक sec.rajasthan.gov.in की अधिसूचनाएं ही आधिकारिक स्रोत हैं — WhatsApp पर घूम रही किसी 'तारीखों की लिस्ट' पर भरोसा न करें।