राजस्थान निकाय चुनाव 2026: प्रदेश के 309 नगरीय निकायों के वार्ड पार्षद चुनाव की लोक सूचना 27 अगस्त को जारी हो रही है — और नामांकन का पूरा खेल सिर्फ 4 दिन का है: 27 से 31 अगस्त तक। अगर आप या आपके परिवार में कोई पार्षद का चुनाव लड़ने की सोच रहा है, तो यह लेख पूरा गणित एक जगह देता है — कौन लड़ सकता है, कौन-से कागज चाहिए, खर्च की सीमा कितनी है, और वह बड़ा बदलाव जो इस बार हुआ है: दो से ज्यादा बच्चों वाली अयोग्यता अब लागू नहीं है।
🟢 सबसे जरूरी बात पहले: नामांकन की अंतिम तारीख सोमवार, 31 अगस्त 2026 है — यानी लोक सूचना (27 अगस्त) से गिनें तो कागज तैयार करने के लिए मुश्किल से 4 दिन। जाति/मूल निवास जैसे प्रमाण पत्र पहले से नहीं बने हैं तो आज ही ई-मित्र से आवेदन कर दें — यही चीज सबसे ज्यादा नामांकन रुकवाती है।
कौन लड़ सकता है पार्षद का चुनाव? (पात्रता)
- उम्र कम से कम 21 वर्ष।
- उसी निकाय की मतदाता सूची में नाम होना जरूरी — निकाय चुनाव की वोटर लिस्ट राज्य निर्वाचन आयोग बनाता है, नाम जांचने का तरीका हमारे वोटर लिस्ट टूल पर है।
- वार्ड अगर आरक्षित है (SC/ST/OBC/महिला) तो उसी वर्ग से होना जरूरी — अपने वार्ड का आरक्षण वार्ड आरक्षण लॉटरी पेज पर देखें। निकायों में महिलाओं के लिए 33% आरक्षण है।
- किसी सरकारी सेवा/निकाय के लाभ के पद पर नहीं होना चाहिए, और न्यायालय से अयोग्य घोषित न किया गया हो।
ℹ️ यह शर्त इस बार नहीं है: वर्षों से चली आ रही "दो से अधिक संतान तो चुनाव नहीं" वाली अयोग्यता राज्य सरकार ने नगरपालिका कानून से हटा दी है — राज्य निर्वाचन आयोग के ताजा निर्देश (आदेश क्र. 4831) पुराने 2019 वाले निर्देशों की जगह लागू हैं। यानी दो से ज्यादा बच्चे होने पर भी आप पार्षद का चुनाव लड़ सकते हैं। (पंचायत चुनाव के नियम अलग हैं — यह छूट निकाय चुनाव की है।)
नामांकन का पूरा कार्यक्रम
| चरण | तारीख |
|---|---|
| लोक सूचना (नामांकन शुरू) | 27 अगस्त 2026 |
| नामांकन की अंतिम तारीख | 31 अगस्त 2026 (सोमवार) |
| नामांकन पत्रों की जांच (संवीक्षा) | 1 सितंबर 2026 |
| नाम वापसी | 3 सितंबर 2026, दोपहर 3 बजे तक |
| चुनाव चिह्न आवंटन | 4 सितंबर 2026 |
| मतदान (दो चरण) | 9 व 11 सितंबर 2026 |
| मतगणना (नतीजे) | 14 सितंबर 2026 |
नामांकन पत्र संबंधित निकाय के रिटर्निंग ऑफिसर (RO) के समक्ष दाखिल होता है — कौन-सा निकाय किस चरण में है और आपके वार्ड का RO कौन है, यह लोक सूचना के साथ निकाय कार्यालय पर चस्पा होगा। पूरा चुनावी कैलेंडर यहां देखें।
कौन-से दस्तावेज तैयार रखें
- नामांकन पत्र (निर्धारित प्रपत्र — RO कार्यालय से/लोक सूचना के साथ उपलब्ध)।
- उसी निकाय की मतदाता सूची की प्रविष्टि (वोटर लिस्ट में नाम का प्रमाण)।
- आरक्षित वार्ड के लिए जाति प्रमाण पत्र (SC/ST/OBC)।
- शपथ पत्र — आपराधिक पृष्ठभूमि, संपत्ति व देनदारियों का घोषणा पत्र।
- जमानत राशि नामांकन के साथ जमा होती है (महिला व आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों को रियायत का प्रावधान रहता है) — सटीक राशि 27 अगस्त की लोक सूचना में RO कार्यालय पर प्रकाशित होगी; जारी होते ही यहां जोड़ दी जाएगी।
- पासपोर्ट साइज फोटो व पहचान दस्तावेज (आधार आदि)।
चुनाव में कितना खर्च कर सकते हैं? (खर्च सीमा)
| निकाय | पार्षद/सदस्य की खर्च सीमा |
|---|---|
| नगर निगम (जयपुर, जोधपुर, कोटा आदि) | ₹3.50 लाख |
| नगर परिषद | ₹2.50 लाख |
| नगरपालिका | ₹1.50 लाख |
खर्च का हिसाब रखना अनिवार्य है — आयोग निर्धारित प्रारूप में खर्च रजिस्टर की जांच करता है, और तय सीमा से ज्यादा खर्च अयोग्यता की वजह बन सकता है।
नामांकन के बाद क्या-क्या होगा?
- 1 सितंबर: जांच (संवीक्षा) — कागज अधूरे हों तो नामांकन यहीं खारिज होता है, इसलिए शपथ पत्र व प्रमाण पत्र दोबारा जांच लें।
- 3 सितंबर, 3 बजे तक: नाम वापसी — इसके बाद ही असली उम्मीदवारों की सूची बनती है।
- 4 सितंबर: चुनाव चिह्न मिलेगा — निर्दलीयों को आयोग की मुक्त चिह्न सूची से।
- 9/11 सितंबर: मतदान, और 14 सितंबर को नतीजे — नतीजे उसी दिन हमारे रिजल्ट पेज पर लाइव मिलेंगे।
- जीतकर आए पार्षद 21 सितंबर को महापौर/सभापति/अध्यक्ष चुनेंगे — किस निकाय की कुर्सी किस वर्ग के लिए आरक्षित है, यह सूची यहां है।
सामान्य प्रश्न (FAQ)
क्या दो से ज्यादा बच्चों वाला व्यक्ति पार्षद का चुनाव लड़ सकता है?
हां — निकाय चुनाव में दो-संतान वाली अयोग्यता इस बार हटा दी गई है (आयोग के ताजा निर्देश आदेश क्र. 4831)। पंचायत चुनावों के नियम इससे अलग हैं।
पार्षद चुनाव लड़ने की उम्र कितनी होनी चाहिए?
कम से कम 21 वर्ष — और उसी निकाय की मतदाता सूची में नाम होना चाहिए।
नामांकन की अंतिम तारीख क्या है?
31 अगस्त 2026 (सोमवार)। जांच 1 सितंबर को और नाम वापसी 3 सितंबर दोपहर 3 बजे तक।
क्या सरकारी कर्मचारी पार्षद का चुनाव लड़ सकता है?
नहीं — सरकारी सेवा या निकाय के लाभ के पद पर रहते हुए चुनाव नहीं लड़ा जा सकता; पहले पद छोड़ना होता है।
पार्षद चुनाव में कितना खर्च कर सकते हैं?
नगर निगम में ₹3.50 लाख, नगर परिषद में ₹2.50 लाख और नगरपालिका में ₹1.50 लाख तक — हिसाब रखना अनिवार्य है।
इसे भी पढ़ें
- निकाय चुनाव 2026 का पूरा कार्यक्रम: 9 व 11 सितंबर को मतदान
- अपने वार्ड का आरक्षण देखें (लॉटरी परिणाम)
- आचार संहिता में क्या-क्या बदल जाता है
स्रोत: राज्य निर्वाचन आयोग, राजस्थान का चुनाव कार्यक्रम व निर्देश; खर्च सीमा जिला निर्वाचन कार्यालयों की ब्रीफिंग अनुसार। जमानत राशि व निकायवार चरण-सूची लोक सूचना (27 अगस्त) के साथ अपडेट होगी।






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