🟢 ताज़ा स्थिति (23 अगस्त): हत्याकांड के करीब चार सप्ताह बाद भी कोई गिरफ्तारी नहीं। कलेक्टर-एसपी के लिखित आश्वासन की 5 दिन की मियाद बीतने पर पूर्व विधायक किसनाराम विश्नोई उपखण्ड कार्यालय पहुंचे। DGP द्वारा गठित SIT जांच कर रही है। यह पेज हर बड़े घटनाक्रम के साथ अपडेट होगा — गिरफ्तारी होते ही सबसे पहले यहीं।

⚠️ ध्यान दें: यह मामला 2011 के बहुचर्चित भंवरी देवी (ANM, जोधपुर) प्रकरण से बिल्कुल अलग है। इंटरनेट पर "इंदिरा विश्नोई गिरफ्तार" या "विशनाराम गिरफ्तार" जैसी जो खबरें दिखती हैं, वे पुराने 2011 वाले केस की हैं — लोहावट के इस मामले में अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है।

फलोदी। फलोदी जिले के लोहावट थाना क्षेत्र में हुए भंवरी देवी विश्नोई हत्याकांड ने पूरे मारवाड़ को आंदोलित कर दिया है। धरना, भूख हड़ताल, बाजार बंद और कलेक्ट्रेट घेराव के बावजूद आरोपी अब तक पकड़ से बाहर हैं। यहां पूरा घटनाक्रम एक जगह है — क्या हुआ था, आंदोलन कहां पहुंचा और जांच की स्थिति क्या है।

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क्या हुआ था: 27 जुलाई की रात

जंभेश्वरनगर गांव (लोहावट, फलोदी) में 27 जुलाई 2026 की रात भंवरी देवी विश्नोई पर उस समय धारदार हथियारों से हमला किया गया जब वे घर के बाहर खेत में सो रही थीं। हमले में उनकी दो बेटियां भी घायल हुईं — बड़ी बेटी रामज्योति गंभीर रूप से घायल हुई। भंवरी देवी की मौत ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया और परिजनों ने न्याय की मांग को लेकर मोर्चा खोल दिया।

आंदोलन का घटनाक्रम

तारीखघटनाक्रम
27 जुलाईजंभेश्वरनगर में हत्याकांड — भंवरी देवी की मौत, दो बेटियां घायल
6 अगस्तलोहावट थाने के बाहर बेमियादी धरना शुरू — नेतृत्व पूर्व विधायक किसनाराम विश्नोई; 41 लोग अनशन पर
अगस्त (दूसरा सप्ताह)भियासर कस्बे में बाजार बंद; धरने के समर्थन में पहुंचे एक युवक पर चाकू से हमला
~16 अगस्त10 दिन बाद अनशन टूटा — छोटी बेटी ने जूस पिलाकर अनशन समाप्त कराया
18 अगस्तफलोदी में बड़ा प्रदर्शन — हजारों लोग सड़कों पर, कलेक्ट्रेट घेराव
अगस्त (तीसरा सप्ताह)DGP राजीव कुमार शर्मा ने SIT गठित की; कलेक्टर-एसपी ने लिखित आश्वासन दिया कि 5 दिन में गिरफ्तारी होगी
5 दिन बीतने परगिरफ्तारी नहीं होने पर किसनाराम विश्नोई उपखण्ड कार्यालय पहुंचे — आंदोलन के अगले चरण की चेतावनी

SIT में कौन-कौन, जिम्मा क्या

बढ़ते दबाव के बीच पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा ने विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया, जिसकी कमान DIG देवेंद्र विश्नोई को दी गई। दल में फलोदी एसपी सतनाम सिंह (IPS), सुमित मेहरड़ा (IPS), ASP कैलाश बिश्नोई, ASP सुभाष खोजा और DySP भवानी सिंह शामिल हैं। SIT को अपनी पहली रिपोर्ट तीन दिन के भीतर देने के निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद अब तक किसी गिरफ्तारी की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है — यही आंदोलनकारियों की सबसे बड़ी नाराजगी है।

आंदोलन की मांगें

  • आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी और निष्पक्ष जांच
  • पीड़ित परिवार को सुरक्षा और न्याय
  • जांच में लापरवाही बरतने वालों पर जवाबदेही

आंदोलन की अगुवाई कर रहे पूर्व विधायक किसनाराम विश्नोई साफ कह चुके हैं कि गिरफ्तारी तक आंदोलन रुकेगा नहीं। विश्नोई समाज समेत आसपास के जिलों से भी समर्थन जुट रहा है — 18 अगस्त के फलोदी प्रदर्शन में यह ताकत दिखी।

आगे क्या

अब निगाहें SIT की रिपोर्ट और संभावित गिरफ्तारी पर हैं। प्रशासन की लिखित मियाद बीत चुकी है, इसलिए आंदोलन का अगला चरण भी तय माना जा रहा है। गिरफ्तारी, SIT रिपोर्ट या किसी बड़े घटनाक्रम की पुष्टि होते ही यह पेज अपडेट किया जाएगा।

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