मंगलवार दोपहर। स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) के दफ्तर में हलचल तेज थी। राजस्थान SI भर्ती परीक्षा-2021 के पेपर लीक मामले में ₹10,000 के इनामी आरोपी और चयनित SI दिनेश कुमार विश्नोई को जालौर पुलिस की मदद से गिरफ्तार कर लिया गया था। यह गिरफ्तारी एसओजी के लिए एक बड़ी कामयाबी है। आरोपी को अदालत में पेश कर 8 जून तक रिमांड पर लिया गया है, ताकि उससे कड़ाई से पूछताछ की जा सके।

कांस्टेबल से SI बना दिनेश विश्नोई: पूरा सफर

31 वर्षीय दिनेश कुमार विश्नोई, जो चितलवाना, जालौर का रहने वाला है, साल 2015 बैच का पुलिस कांस्टेबल था। उस समय वह उदयपुर में तैनात था। SI भर्ती परीक्षा-2021 में उसका चयन हो गया, जिसके बाद उसकी नियुक्ति चित्तौड़गढ़ पुलिस लाइन में हुई। लेकिन, यह चयन मेहनत का नहीं, बल्कि एक बड़े पेपर लीक गिरोह का हिस्सा होने का नतीजा था। एसओजी के एडीजी विशाल बंसल ने इस बात की पुष्टि की है।

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बहन निरमा कुमारी की पहचान पेपर लीक गिरोह के सरगना से

जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। दिनेश की बहन, निरमा कुमारी, की पहचान पेपर लीक गिरोह के सरगना जगदीश विश्नोई से थी। दोनों भाई-बहन ने मिलकर परीक्षा से पहले ही जगदीश से हल किया हुआ प्रश्न-पत्र हासिल कर लिया था। उन्होंने रटे-रटाए जवाबों के दम पर परीक्षा दी और दिनेश ने मेरिट में अपनी जगह बना ली। यह गिरोह राजस्थान की भर्ती परीक्षाओं में धांधली के लिए कुख्यात रहा है।

पेपर रटकर लाया था 182वीं रैंक: ऐसे हुआ खुलासा

लीक हुए पेपर के दम पर दिनेश विश्नोई ने परीक्षा में असाधारण अंक हासिल किए। उसे हिंदी में 200 में से 141.55 और सामान्य ज्ञान में 200 में से 167.89 अंक मिले। इन अंकों के बल पर उसकी मेरिट लिस्ट में 182वीं रैंक आई और वह सब-इंस्पेक्टर बन गया। लेकिन, यह रैंक उसने कड़ी मेहनत से नहीं, बल्कि नकल के सहारे हासिल की थी। यह RPSC SI भर्ती पेपर लीक का एक अहम पहलू है।

बहन इंटरव्यू में फेल, नकल की पोल खुली

दिलचस्प बात यह है कि दिनेश की बहन निरमा कुमारी ने भी लिखित परीक्षा में भारी अंक बटोरे थे। उसने हिंदी में 180.94 और जीके में 156.90 अंक प्राप्त किए थे। लेकिन, जब वह इंटरव्यू के लिए पहुंची, तो अधिकारियों के सामान्य सवालों के जवाब भी नहीं दे सकी। नकल की पोल खुलने के कारण वह फाइनल सिलेक्शन से बाहर हो गई। यह घटना दर्शाती है कि यह गिरोह परीक्षा प्रणाली को किस हद तक प्रभावित करने की कोशिश करता था।

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सितंबर 2025 से फरार, ₹10,000 का इनाम घोषित

जब मामले में दिनेश की संलिप्तता पाई गई, तो एसओजी ने उसे पूछताछ के लिए समन भेजा। लेकिन, वह हाजिर नहीं हुआ और सितंबर 2025 में चित्तौड़गढ़ पुलिस लाइन से ड्यूटी से फरार हो गया। इसके बाद उस पर ₹10,000 का इनाम घोषित किया गया। आखिरकार, 2 जून को उसे दबोच लिया गया। इस मामले में उसकी बहन निरमा कुमारी अभी भी फरार है, जिसकी तलाश जारी है। यह RPSC SI भर्ती पेपर लीक की जांच का एक महत्वपूर्ण मोड़ है।

अब तक 143 गिरफ्तार, जांच जारी

एसओजी के अनुसार, साल 2021 की इस सब-इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा के पेपर लीक कांड में अब तक कुल 143 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। मामले की परतें लगातार खोली जा रही हैं और यह गिरोह कई सालों से सक्रिय था। यह गिरोह विभिन्न भर्ती परीक्षाओं को निशाना बना रहा था। एसओजी की टीमें अन्य फरार आरोपियों की तलाश में जुटी हुई हैं। यह RPSC SI भर्ती पेपर लीक का दायरा कितना बड़ा है, इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है।

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निष्कर्ष

RPSC SI भर्ती परीक्षा 2021 का पेपर लीक मामला राजस्थान की भर्ती परीक्षाओं में धांधली का एक बड़ा और गंभीर उदाहरण है। दिनेश कुमार विश्नोई जैसे आरोपी, जो कांस्टेबल से SI बने, इस रैकेट का हिस्सा थे। एसओजी की लगातार कार्रवाई से ऐसे गिरोहों पर नकेल कसी जा रही है, लेकिन अभी भी कई आरोपी फरार हैं और जांच जारी है। यह घटना युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की आवश्यकता को रेखांकित करती है। RPSC SI भर्ती पेपर लीक जैसे मामले युवाओं के भरोसे को तोड़ते हैं।