जोधपुर। मंगलवार दोपहर 3 बजे। पुलिस थाना मंडोर के बाहर लगी भीड़ के बीच दो युवक हथकड़ियों में जकड़े खड़े थे। ये वे बदमाश थे जिन्होंने जोधपुर से लेकर बाड़मेर तक सैकड़ों सीसीटीवी फुटेज खंगालने के बाद पुलिस के हत्थे चढ़े। अंतरराज्यीय वाहन चोर गिरोह के इन दो सदस्यों की गिरफ्तारी ने कई अनसुलझी वारदातों के तार जोड़ने की उम्मीद जगा दी है।

जोधपुर पुलिस कमिश्नरेट के पुलिस थाना मंडोर ने साइबर सेल और डीएसटी बाड़मेर के साथ मिलकर यह कार्रवाई की। यह गिरोह तकनीकी रूप से इतना माहिर था कि गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार अपने हथकंडे बदल रहा था। पुलिस टीमों ने जोधपुर से लेकर पचपदरा (बाड़मेर) तक सैकड़ों सीसीटीवी कैमरे खंगाल कर इन्हें ट्रेस किया। आरोपियों के कब्जे से एक सफेद रंग की स्कॉर्पियो बरामद कर ली गई है, वहीं इनसे वाहन चोरी की कई अन्य वारदातों का भी बड़ा खुलासा होने की पूरी संभावना है।

एक ही इलाके से चोरी हुई थीं दो लग्जरी गाड़ियां

पुलिस उपायुक्त (पूर्व) मनीष कुमार ने बताया कि पुलिस थाना मंडोर क्षेत्र में वाहन चोरी की दो बड़ी वारदातें हुई थीं। 28 मार्च 2026 को पुनित नगर निवासी धीरज गहलोत के घर के बाहर से रात के समय अज्ञात चोर उनकी ब्लैक स्कॉर्पियो (एस-11 मॉडल) चुरा ले गए थे। इसके बाद 13 मई 2026 को भानू विहार (फूलबाग) निवासी मोहन परिहार की सफेद स्कॉर्पियो भी घर के बाहर से चोरी हो गई। एक ही थाना क्षेत्र से दो लग्जरी वाहनों की चोरी को गंभीरता से लेते हुए पुलिस आयुक्त शरत कविराज ने अपराधियों की धरपकड़ के विशेष निर्देश दिए थे।

चार दिन का अनवरत अभियान और 3 टीमों का समन्वय

एडीसीपी (पूर्व) वीरेन्द्र सिंह और एसीपी (मंडोर) अनिल शर्मा के सुपरविजन में मंडोर थानाधिकारी शेषकरण बारहठ के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। इस टीम में पुलिस थाना बनाड़ के थानाधिकारी लेखराज सियाग को भी शामिल किया गया। जांच में सामने आया कि गिरोह अंतरराज्यीय स्तर पर सक्रिय है।

इस पर पुलिस थाना मंडोर, साइबर सेल (जोधपुर पूर्व) और डीएसटी (बाड़मेर) ने आपसी समन्वय स्थापित किया। इन टीमों ने चार दिन तक अनवरत काम करते हुए जोधपुर से पचपदरा (बाड़मेर) तक के सैकड़ों सीसीटीवी फुटेज चेक किए और आरोपियों को नामजद करने में सफलता हासिल की।

बाड़मेर से दबोचे गए दोनों शातिर, पूछताछ जारी

सटीक आसूचना और सतत निगरानी के जरिए पुलिस ने इस गिरोह के दो सदस्यों को दस्तयाब कर लिया। कड़ी पूछताछ में आरोपियों ने जोधपुर में दोनों स्कॉर्पियो चुराने की वारदातें कबूल कर लीं। पुलिस ने बाड़मेर के बायतू भोपाजी (बेरड़ों की ढाणी) निवासी मुकेश कुमार सैन (25) पुत्र चनणाराम और सदर बाड़मेर (डाबलीसरा) निवासी रेखाराम जाट (20) पुत्र हनुमानराम को गिरफ्तार कर लिया है।

इनके कब्जे से द्वितीय प्रकरण में चोरी हुई सफेद स्कॉर्पियो बरामद हो गई है। पुलिस की विशेष टीमों में बाड़मेर डीएसटी प्रभारी एसआई आदेश कुमार और जोधपुर पूर्व साइबर सेल के एएसआई राकेश सिंह का भी अहम योगदान रहा। पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश और पहली स्कॉर्पियो की बरामदगी में जुटी है।

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लेकिन कहानी यहीं नहीं रुकती। यह गिरफ्तारी सिर्फ एक शुरुआत है। पुलिस को शक है कि इस गिरोह का नेटवर्क और भी बड़ा हो सकता है। क्या यह गिरोह सिर्फ स्कॉर्पियो ही चुराता था, या इनके निशाने पर दूसरी गाड़ियां भी थीं? यह सवाल पुलिस के साथ-साथ आम जनता के मन में भी है।

तकनीकी कुशलता और बदलता modus operandi

यह गिरोह सिर्फ शारीरिक बल पर ही नहीं, बल्कि तकनीकी ज्ञान का इस्तेमाल कर रहा था। सीसीटीवी कैमरों से बचने के लिए यह रात के अंधेरे का फायदा उठाता और गाड़ियों के लॉक सिस्टम को हैक करने के लिए विशेष उपकरणों का प्रयोग करता। चोरी के बाद गाड़ियों के नंबर प्लेट बदलना और उन्हें अलग-अलग जिलों में खपाना, इनकी कार्यशैली का हिस्सा था। पुलिस इन सभी पहलुओं की जांच कर रही है।

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जांच में सामने आया कि...

गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में कई चौंकाने वाले खुलासे हो सकते हैं। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इन गाड़ियों को कहां बेचा जाता था और इनके खरीदार कौन थे। क्या इस गिरोह का संबंध बड़े सिंडिकेट से है? यह जांच का अहम हिस्सा है। बाड़मेर और जोधपुर पुलिस के बीच समन्वय इस मामले में महत्वपूर्ण साबित हुआ है, जिससे अपराधियों को भागने का मौका नहीं मिला।

निष्कर्ष

जोधपुर और बाड़मेर पुलिस ने मिलकर जिस तरह से इस अंतरराज्यीय वाहन चोर गिरोह का पर्दाफाश किया है, वह सराहनीय है। दो लग्जरी स्कॉर्पियो चोरी के मामले में दो अपराधियों की गिरफ्तारी और एक गाड़ी की बरामदगी एक बड़ी सफलता है। पुलिस द्वारा सैकड़ों सीसीटीवी फुटेज खंगालना और टीमों के बीच समन्वय, अपराधियों को पकड़ने में निर्णायक साबित हुआ। अब पुलिस गिरोह के बाकी सदस्यों की तलाश कर रही है और चोरी हुई दूसरी स्कॉर्पियो की बरामदगी के प्रयास जारी हैं। इस मामले से जुड़े और भी खुलासे होने की उम्मीद है।