सोमवार, 8 जून 2026 की सुबह। जयपुर के जगतपुरा इलाके में नंदपुरी रोड पर सन्नाटा चीरती हुई बुलडोजरों की गड़गड़ाहट गूंज उठी। जयपुर विकास प्राधिकरण (JDA) और जिला प्रशासन ने मिलकर एक बड़ा अतिक्रमण हटाओ अभियान शुरू किया, जिसका लक्ष्य नंदपुरी रोड को 80 फीट तक चौड़ा करना था। इस कार्रवाई में पांच धार्मिक स्थलों सहित करीब 10 से 12 अवैध निर्माणों को जमींदोज कर दिया गया। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए 3000 से अधिक सुरक्षाकर्मी तैनात थे और 19 घंटे तक मोबाइल इंटरनेट सेवाएं बंद रहीं।

यह बहुप्रतीक्षित कार्रवाई नंदपुरी रोड पर रेलवे लाइन के समानांतर, नंदपुरी अंडरपास के पास सुबह शुरू हुई। JDA के अधिकारियों का कहना है कि सड़क को उसके स्वीकृत 80 फीट चौड़ाई तक लाना अत्यंत आवश्यक था, क्योंकि वर्तमान में यह मात्र 25-30 फीट तक सिमट गई है। इस सड़क के चौड़ीकरण से जगतपुरा और मालवीय नगर, प्रधान मार्ग, एपेक्स सर्कल जैसे महत्वपूर्ण इलाकों के बीच कनेक्टिविटी में भारी सुधार होगा, जिससे लगभग 50 कॉलोनियों के लाखों निवासियों को सीधा फायदा पहुंचने की उम्मीद है।

हालांकि, इस Jaipur Jagatpura Demolition Drive ने सांप्रदायिक संवेदनशीलता को भी उजागर किया। ध्वस्त किए गए पांच धार्मिक स्थलों में नूरानी मस्जिद, दो मंदिर, एक सत्संग भवन और एक मजार शामिल थे। नूरानी मस्जिद, जो स्थानीय लोगों के चंदे से 1981 में बनी थी, को सुबह सबसे पहले सील किया गया और फिर बुलडोजर से गिरा दिया गया। प्रशासन ने किसी भी प्रकार की अफवाह या गलत सूचना को फैलने से रोकने के लिए पूरे क्षेत्र में मोबाइल इंटरनेट और सोशल मीडिया सेवाओं को सुबह से शाम तक के लिए बंद करने का आदेश दिया था।

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भारी सुरक्षा व्यवस्था और इंटरनेट शटडाउन

इस बड़े Jaipur Jagatpura Demolition Drive को सफल बनाने के लिए अभूतपूर्व सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। लगभग 3,000 से अधिक पुलिसकर्मियों और राजस्थान सशस्त्र पुलिस (RAC) की 12 कंपनियों को तैनात किया गया था। नंदपुरी अंडरपास क्षेत्र को सुबह से ही पूरी तरह से बैरिकेड कर दिया गया था और एहतियात के तौर पर बिजली आपूर्ति भी काट दी गई थी। पुलिस ने ऊँची इमारतों की छतों पर भी मोर्चा संभाला ताकि किसी भी प्रकार के जमावड़े या विरोध को तुरंत रोका जा सके। इस कार्रवाई के दौरान दर्जनों बुलडोजरों का इस्तेमाल किया गया।

संभागीय आयुक्त वी. सरवणा कुमार के आदेश पर जयपुर उत्तर और जयपुर पूर्व पुलिस जिलों में 2जी/3जी/4जी/5जी मोबाइल डेटा, बल्क एसएमएस/एमएमएस और व्हाट्सएप, फेसबुक, एक्स (पूर्व में ट्विटर) जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को निलंबित कर दिया गया। हालांकि, वॉयस कॉल सामान्य रूप से काम करते रहे। यह निलंबन लगभग 19 घंटे तक चला और शाम करीब 7 बजे अभियान शांतिपूर्वक संपन्न होने के बाद सेवाएं बहाल कर दी गईं। इस कदम का मुख्य उद्देश्य कानून-व्यवस्था बनाए रखना और सार्वजनिक शांति को बाधित करने वाली अफवाहों के प्रसार को रोकना था।

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राजनीतिक प्रतिक्रिया और सांप्रदायिक पहलू

इस कार्रवाई पर तुरंत राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आईं। कांग्रेस विधायक रफीक खान ने नूरानी मस्जिद के विध्वंस का कथित तौर पर विरोध किया। हालांकि, उनके बयान का सटीक विवरण अभी सत्यापित किया जाना बाकी है। जिस तरह से एक मस्जिद को दो मंदिरों, एक सत्संग भवन और एक मजार के साथ ध्वस्त किया गया, उसने इस घटना को बेहद संवेदनशील बना दिया है। प्रशासन ने इस पहलू को समझते हुए ही इंटरनेट पर रोक लगाने जैसा कड़ा कदम उठाया, ताकि किसी भी तरह की सांप्रदायिक भड़काऊ सामग्री न फैले और माहौल बिगड़े।

यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि यह कोई पहली कार्रवाई नहीं थी। इसी साल 22 मई को भी इसी नंदपुरी मार्ग पर 134 अतिक्रमण हटाए गए थे। सोमवार की Jaipur Jagatpura Demolition Drive में हटाए गए 10-12 निर्माणों को मिलाकर, इस पूरे रूट पर अब तक 100 से अधिक (कुछ रिपोर्ट्स में 125+) अवैध निर्माण हटाए जा चुके हैं।

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Jaipur Jagatpura Demolition Drive: मुख्य बिंदु

  • अभियान की तिथि: सोमवार, 8 जून 2026
  • स्थान: जगतपुरा, नंदपुरी रोड, जयपुर
  • उद्देश्य: नंदपुरी रोड को 80 फीट तक चौड़ा करना
  • हटाए गए निर्माण: लगभग 10-12 (सोमवार को), कुल 100+ (अब तक)
  • धार्मिक स्थल: 5 (1 मस्जिद, 2 मंदिर, 1 सत्संग भवन, 1 मजार)
  • सुरक्षा बल: 3,000+ पुलिसकर्मी, 12 RAC कंपनियां
  • इंटरनेट/सोशल मीडिया शटडाउन: लगभग 19 घंटे (शाम 7 बजे बहाल)
  • प्रशासनिक आदेश: संभागीय आयुक्त वी. सरवणा कुमार

यह ध्यान देने योग्य है कि राजस्थान उच्च न्यायालय ने हाल ही में सार्वजनिक सड़कों पर JDA द्वारा घरों के विध्वंस / अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई पर रोक लगाई थी। यह स्पष्ट नहीं है कि यह रोक इसी विशेष Jaipur Jagatpura Demolition Drive पर लागू होती है या नहीं। प्रकाशन से पहले इस कानूनी पहलू की पुष्टि करना महत्वपूर्ण होगा।

निष्कर्ष

जयपुर के जगतपुरा में 8 जून 2026 को हुआ यह अतिक्रमण हटाओ अभियान, सड़क चौड़ीकरण की आवश्यकता और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के बीच एक जटिल संतुलन को दर्शाता है। पांच धार्मिक स्थलों का विध्वंस और व्यापक सुरक्षा व्यवस्था के साथ इंटरनेट शटडाउन इस Jaipur Jagatpura Demolition Drive के महत्वपूर्ण पहलू रहे। आगे की कानूनी स्पष्टता और प्रशासन के अगले कदमों पर नजर रहेगी।