एक नज़र में
- कहां और कब: जयपुर, जवाहर सर्किल के पास पत्रिका गेट — शुक्रवार, 24 जुलाई 2026।
- कौन: NEET और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के अभ्यर्थी। खासखबर के मुताबिक बड़ी संख्या में छात्र जुटे। किसी रिपोर्ट में गिनती नहीं दी गई, इसलिए हम भी कोई आंकड़ा नहीं दे रहे।
- मांग: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा और पेपर लीक के जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई।
- जयपुर में पुलिस कार्रवाई: किसी रिपोर्ट में लाठीचार्ज या हिरासत का जिक्र नहीं। प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा।
- आज की बात: शुक्रवार को दिल्ली में दो केंद्रीय मंत्रियों और आंदोलन के दो नेताओं की बातचीत हुई। अल जज़ीरा के मुताबिक सरकार ने इस्तीफे की मांग पर जवाब देने के लिए शनिवार दोपहर तक का समय मांगा है — यानी आज।
शुक्रवार शाम जयपुर के पत्रिका गेट पर जो भीड़ जुटी, उसमें ज़्यादातर चेहरे उन्हीं छात्रों के थे जिन्होंने इस साल दो बार NEET की तैयारी की — एक बार मई के लिए, दूसरी बार जून के लिए। नारे शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के लगे। खासखबर की रिपोर्ट में एक और बात दर्ज है जो आम प्रदर्शनों में कम दिखती है: मौके पर मौजूद कुछ मीडियाकर्मियों के खिलाफ भी नारेबाजी हुई।
अब सबसे ज़रूरी सवाल, जो हमसे भी कई अभ्यर्थियों ने पूछा।
परीक्षा दोबारा हो चुकी है, रिजल्ट भी आ गया — तो प्रदर्शन किस बात का?
यह भ्रम वाजिब है। तारीखें देखिए: 3 मई की परीक्षा 12 मई को रद्द कर दी गई। दोबारा परीक्षा 21 जून को हुई — दोपहर 2 से शाम 5:15 बजे तक, पेन-पेपर मोड में, देश के 551 शहरों और विदेश के 14 शहरों में। रिजल्ट 16 जुलाई को आ गया। यानी अभ्यर्थी जो सबसे बड़ी चीज़ मांग सकते थे — दोबारा परीक्षा — वह उन्हें मिल चुकी है।
तो आंदोलन इसलिए नहीं चल रहा कि पेपर दोबारा हो। वह इसलिए चल रहा है कि जिनकी वजह से पेपर लीक हुआ, उनका क्या हुआ। तीन मांगें साफ हैं: शिक्षा मंत्री का इस्तीफा, CBSE की ऑन-स्क्रीन मार्किंग में गड़बड़ी पर जवाबदेही, और सार्वजनिक परीक्षाओं के संचालन में ढांचागत सुधार।
यह फर्क समझना ज़रूरी है, क्योंकि कई जगह इसे "NEET रद्द करने की मांग" बताया जा रहा है। वह मांग अब नहीं है — वह पूरी हो चुकी है।
यह पूरा मामला राजस्थान से ही खुला था
राष्ट्रीय कवरेज में यह हिस्सा अक्सर छूट जाता है, और यही सबसे अहम है।
द वीक की 13 मई की रिपोर्ट के मुताबिक सीकर के एक हॉस्टल संचालक और एक शिक्षक स्थानीय पुलिस के पास यह शिकायत लेकर पहुंचे कि एक प्रश्न-पत्र लीक हुआ है। इसके बाद NTA को सीधे एक ईमेल भेजा गया, जिसमें बताया गया कि एक "गेस पेपर" और असली NEET UG 2026 के प्रश्न-पत्र में कितनी समानता है।
आगे की कड़ी इस तरह जुड़ी:
- NTA ने इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) को अलर्ट किया।
- IB ने प्राथमिक जांच के बाद राजस्थान SOG से संपर्क किया।
- SOG ने सीकर के कोचिंग संस्थानों में जाकर करीब 150 लोगों से पूछताछ की — संचालक, शिक्षक और कोऑर्डिनेटर।
- राजस्थान के जांचकर्ताओं ने ही यह स्थापित किया कि लीक हुई PDF के 120 प्रश्न असली पेपर से मिलते हैं।
- इसके बाद जांच CBI को सौंपी गई। SOG ने करीब 24 मुख्य संदिग्ध, साथ ही 150 छात्रों और करीब 70 अभिभावकों का विवरण CBI को दिया।
द फेडरल ने अपनी रिपोर्ट में सीकर को इस पूरे प्रकरण का "ग्राउंड ज़ीरो" कहा। मतलब यह कि राजस्थान इस कहानी में दो वजहों से केंद्र में है — एक, यहीं से गड़बड़ी पकड़ी गई; दो, जांच का बड़ा हिस्सा यहीं से निकला।
और यह बात दोहराने लायक है: राष्ट्रीय स्तर पर परीक्षा रद्द होने की शुरुआत किसी बड़ी एजेंसी की सतर्कता से नहीं, बल्कि सीकर के दो लोगों की शिकायत से हुई।
जांच अब कहां तक पहुंची
| पड़ाव | स्थिति |
|---|---|
| राजस्थान SOG | प्राथमिक जांच पूरी; ~24 संदिग्ध + 150 छात्र + ~70 अभिभावकों का विवरण CBI को सौंपा |
| CBI FIR व छापे | छह राज्यों में — राजस्थान, बिहार, झारखंड, महाराष्ट्र, हरियाणा, उत्तर प्रदेश |
| गिरफ्तारियां | आउटलुक के मुताबिक जयपुर, गुरुग्राम और नासिक से पांच गिरफ्तारियां। PIB की एक विज्ञप्ति में मुख्य सरगना की गिरफ्तारी का जिक्र है। |
| कथित नेटवर्क | मेडबाउंड टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार व्हाट्सएप आधारित नेटवर्क, जिसमें MBBS छात्र और डॉक्टर भी शामिल; अभ्यर्थियों ने कथित तौर पर ₹2 से ₹5 लाख तक दिए |
| NTA और सुप्रीम कोर्ट | NTA ने हलफनामा देकर ढांचागत व सुरक्षा सुधारों का हवाला दिया — प्रश्न-पत्र अब इंडिया पोस्ट के जरिए, दर्ज चेन-ऑफ-कस्टडी के साथ। NTA को बदलने या पुनर्गठित करने की मांग वाली याचिका कोर्ट में है। |
इन आंकड़ों में जहां "कथित" लिखा है, वहां अदालत में कुछ साबित नहीं हुआ है — आरोप जांच एजेंसी के हैं।
दिल्ली में क्या चल रहा है
यह आंदोलन 6 जून 2026 को शुरू हुआ था। इसे चलाने वाला संगठन खुद को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) कहता है — एक व्यंग्यात्मक युवा राजनीतिक आंदोलन, जिसके संस्थापक अभिजीत दीपके हैं। मीडिया में इसे "जेन-ज़ी प्रोटेस्ट" या "कॉकरोच प्रोटेस्ट" भी कहा जा रहा है।
पिछले हफ्ते दिल्ली में हालात बिगड़े। अल जज़ीरा के मुताबिक संसद की ओर बढ़ते मार्च पर सोमवार को आंसू गैस और लाठियां चलीं, और बुधवार रात जब दस हज़ार से ज़्यादा लोग जुटे तो हिंसा हुई। इसके बाद CJP ने सड़कों पर मार्च रोक दिया — दीपके ने कहा कि समर्थकों की सुरक्षा को देखते हुए वे दोबारा मार्च नहीं करेंगे। दिल्ली में एक दिन 17 मेट्रो स्टेशन बंद रखे गए थे।
शुक्रवार को दो केंद्रीय मंत्रियों और CJP के दो नेताओं के बीच बातचीत हुई। CJP के प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से जारी रहेंगे — "हम पीछे नहीं हट रहे।" अल जज़ीरा की रिपोर्ट है कि सरकार ने इस्तीफे की मांग पर जवाब देने के लिए शनिवार दोपहर तक का समय मांगा। यही वजह है कि आज का दिन इस आंदोलन के लिए अहम है।
आंदोलन की एक मांग उन परिवारों के लिए मुआवजा भी है जिनके बच्चों ने पेपर लीक और परीक्षा रद्द होने के बाद जान दे दी। अल जज़ीरा ने इस मुआवजे की रकम करीब 1.05 लाख डॉलर बताई है, पर मृतकों की कोई संख्या नहीं दी। कुछ रिपोर्ट्स में कम से कम एक दर्जन NEET अभ्यर्थियों की आत्महत्या का जिक्र है — इस आंकड़े की हम स्वतंत्र पुष्टि नहीं कर सके, इसलिए इसे अंतिम न मानें।
अगर आप या आपका कोई परिचित परीक्षा के दबाव या मानसिक तनाव से गुज़र रहा है, तो मदद मौजूद है। टेली-मानस: 14416 (24 घंटे, कई भाषाओं में) या किरण हेल्पलाइन: 1800-599-0019। बात करना कमज़ोरी नहीं है।
NEET काउंसलिंग पर इसका क्या असर पड़ेगा
अभ्यर्थियों के लिए यह सबसे व्यावहारिक सवाल है, और ईमानदार जवाब यह है: अभी तक कोई असर नहीं।
रिजल्ट 16 जुलाई को आ चुका है। MCC ने ऑल इंडिया कोटा (15%) की काउंसलिंग का शेड्यूल अभी जारी नहीं किया है — रिपोर्ट्स में इसे अगस्त के पहले हफ्ते में आने की बात कही जा रही है। राजस्थान स्टेट कोटा (85%) का नोटिफिकेशन भी बाकी है। प्रदर्शन की वजह से इन तारीखों में बदलाव की कोई आधिकारिक सूचना नहीं है।
इसलिए सलाह वही है जो हम पिछले हफ्ते भी दे रहे थे — दस्तावेज़ अभी तैयार कर लें, शेड्यूल आने का इंतज़ार बाद में करें। मूल निवास, आय प्रमाण पत्र और जाति प्रमाण पत्र बनवाने में वक्त लगता है, और काउंसलिंग खुलने के बाद ई-मित्र पर भीड़ बढ़ जाती है।
हां, एक चीज़ बदल सकती है: अगर सुप्रीम कोर्ट NTA के ढांचे पर कोई आदेश देता है, तो उसका असर आगे की परीक्षाओं पर पड़ेगा — इस साल की काउंसलिंग पर नहीं।
हम इस खबर को आगे कैसे देख रहे हैं
दो चीज़ों पर नज़र है। पहली, आज दोपहर सरकार का जवाब आता है या तारीख आगे बढ़ती है। दूसरी, CBI की चार्जशीट — उसमें सीकर के कोचिंग नेटवर्क की भूमिका पर जो लिखा जाएगा, वह राजस्थान के लिए इस पूरे प्रकरण का सबसे भारी हिस्सा होगा। जैसे ही इनमें कुछ बदलता है, यह पेज अपडेट होगा।
इसी मामले से जुड़ी हमारी बाकी रिपोर्ट






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