🗳️ सीधा जवाब (20 अगस्त 2026): राज्य निर्वाचन आयोग ने 309 नगरीय निकायों के आम चुनाव का कार्यक्रम घोषित कर दिया (प्रेस नोट 19 अगस्त) — मतदान दो चरणों में 9 और 11 सितंबर, मतगणना 14 सितंबर, नामांकन 31 अगस्त तक, महापौर/अध्यक्ष चुनाव 21 सितंबर और उप 22 सितंबर को। आदर्श आचार संहिता 19 अगस्त से लागू है। 'एक प्रदेश-एक चुनाव' के तहत 10 नगर निगम, 47 नगर परिषद और 252 नगर पालिकाओं में एक साथ वोट पड़ेंगे — पूरा चरण-दर-चरण कार्यक्रम नीचे।

जयपुर। 1.44 करोड़ शहरी मतदाता, 10,245 वार्ड और 309 निकाय — राजस्थान का सबसे बड़ा शहरी चुनाव अभियान आधिकारिक रूप से शुरू हो गया है। 13 अगस्त की आरक्षण लॉटरी के छह दिन बाद आयोग ने पूरा कार्यक्रम जारी कर दिया, और इसी के साथ हर उम्मीदवार, कर्मचारी और वोटर की उल्टी गिनती शुरू: नामांकन के लिए सिर्फ 31 अगस्त तक का समय है।

निकाय चुनाव 2026: पार्षद चुनाव का पूरा कार्यक्रम

चरणतारीख
लोक सूचना (अधिसूचना)27 अगस्त 2026
नामांकन की अंतिम तारीख31 अगस्त 2026 (सोमवार)
नामांकन पत्रों की जांच (संवीक्षा)1 सितंबर 2026
नाम वापसी3 सितंबर 2026, दोपहर 3 बजे तक
चुनाव चिह्न आवंटन4 सितंबर 2026
मतदान — पहला चरण9 सितंबर 2026 (बुधवार), सुबह 7 – शाम 6
मतदान — दूसरा चरण11 सितंबर 2026 (शुक्रवार), सुबह 7 – शाम 6
मतगणना (नतीजे)14 सितंबर 2026 (सोमवार)

⚠️ किस निकाय में किस चरण में मतदान होगा — जयपुर, जोधपुर, कोटा, उदयपुर समेत निकायवार चरण-सूची आयोग की अधिसूचना के साथ सार्वजनिक होगी; सूची आते ही यहां जुड़ेगी।

महापौर/सभापति और उपाध्यक्ष का चुनाव

चरणनिकाय प्रमुख (महापौर/सभापति/अध्यक्ष)उप-प्रमुख
लोक सूचना15 सितंबर22 सितंबर (मंगलवार) — बैठक सुबह 10 बजे, नामांकन 11 बजे तक, जांच 11:30, नाम वापसी दोपहर 2 बजे तक
नामांकन16 सितंबर
जांच / नाम वापसी व चिह्न17 / 18 सितंबर
मतदान21 सितंबर (सोमवार), सुबह 10 – दोपहर 2; गिनती तुरंत बाद

यानी पार्षद चुनकर आने के ठीक एक हफ्ते में हर शहर को उसका महापौर/सभापति भी मिल जाएगा।

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इस चुनाव का आकार: आंकड़े जो तस्वीर साफ करते हैं

  • कुल मतदाता: 1,44,03,853 — 2019 के मुकाबले 27.24% ज्यादा; इनमें 18-25 साल के 21.30 लाख नए-युवा वोटर (14.7%)।
  • सबसे बड़ा रण: जयपुर नगर निगम — 24,20,833 वोटर; सबसे छोटा: इंद्रगढ़ नगर पालिका — सिर्फ 4,744 वोटर।
  • 10,245 वार्ड, करीब 1,15,255 चुनाव कर्मी और 98,790 पुलिसकर्मी तैनात।
  • EVM: अलवर, भरतपुर, जयपुर, जोधपुर और कोटा जिलों में भारत निर्वाचन आयोग की M-3A मशीनें; बाकी 36 जिलों में मल्टी-पोस्ट मशीनें।

उम्मीदवारों के लिए: खर्च-सीमा और नामांकन के नियम

  • चुनाव खर्च सीमा: नगर निगम पार्षद ₹3.50 लाख, नगर परिषद सदस्य ₹2.50 लाख, नगर पालिका सदस्य ₹1.50 लाख।
  • दो संतान वाली रोक खत्म: दो से अधिक संतान होने पर चुनाव लड़ने की अयोग्यता कानून से हटा दी गई है (राजस्थान अधिनियम 6 व 7, 2026) — इस बार नामांकन की पात्रता का सबसे बड़ा बदलाव यही है।
  • नामांकन दस्तावेज आयोग के निर्देश 4831 के प्रारूपों (परिशिष्टों) के अनुसार ही भरें — पुराना 2019 वाला प्रारूप अब मान्य नहीं है; अधूरे परिशिष्ट नामांकन रद्द कराने की सबसे आम वजह हैं।

आचार संहिता लागू — आपके शहर में क्या बदल गया

घोषणा के साथ ही आदर्श आचार संहिता 19 अगस्त से लागू है: चुनाव वाले क्षेत्रों में नई घोषणाएं, उद्घाटन-शिलान्यास, नए कामों की स्वीकृतियां और बिना अनुमति तबादले रुक गए हैं — जबकि पेंशन, राशन और चालू काम पहले की तरह जारी रहेंगे। क्या-क्या रुकता है और आम आदमी पर असल असर क्या है, इसकी पूरी सूची आचार संहिता गाइड में है।

अब आगे क्या

निकाय चुनाव 2026 की अगली तारीखें क्रम से: 27 अगस्त (अधिसूचना + चरणवार निकाय सूची), 31 अगस्त (नामांकन की अंतिम तारीख), 4 सितंबर (चुनाव चिह्न), 9 व 11 सितंबर (मतदान), 14 सितंबर (नतीजे) और 21-22 सितंबर (महापौर/उप)। वार्ड-वार वोटर लिस्ट में नाम जांचने की गाइड, चरणवार शहरों की सूची और नतीजों का लाइव कवरेज — सब इसी साइट पर मिलेगा। पृष्ठभूमि के लिए पढ़ें: वार्ड आरक्षण लॉटरी के नतीजे और पंचायत चुनाव कब होंगे