✅ सीधा जवाब: इस साल धनतेरस 6 नवंबर (शुक्रवार) को है, और उसी दिन राजस्थान के 26 जिलों की 112 पंचायत समितियों में 3,605 ग्राम पंचायतों के सरपंच और वार्ड पंच चुने जाएंगे। मतदान प्रातः 7 बजे से सायं 6 बजे तक है, यानी शाम के पूजा मुहूर्त से पहले वोट डाला जा सकता है। ध्यान रखें — उसी चरण में जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्य का मतदान 4 नवंबर को है, दो दिन पहले।
राज्य निर्वाचन आयोग ने 3 अक्टूबर को पंचायतीराज संस्थाओं के आम चुनाव, 2026 का कार्यक्रम जारी किया और उसी दिन से ग्रामीण क्षेत्रों में आदर्श आचार संहिता लागू हो गई। कार्यक्रम आते ही सबसे ज़्यादा चर्चा एक तारीख पर है — 6 नवंबर, क्योंकि उसी दिन धनतेरस है। खरीदारी का सबसे बड़ा दिन और गांव की सरकार चुनने का दिन, दोनों एक साथ।
नीचे वही आंकड़े हैं जो आयोग के कार्यक्रम (परिशिष्ट-A और परिशिष्ट-B) से निकलते हैं: किन जिलों की किन पंचायत समितियों में उस दिन वोट पड़ेगा, कितनी ग्राम पंचायतें हैं, और वह एक भ्रम जो लगभग हर जगह दोहराया जा रहा है।
एक नज़र में
| सवाल | जवाब |
|---|---|
| धनतेरस 2026 कब है | 6 नवंबर 2026, शुक्रवार (दिवाली 8 नवंबर) |
| उस दिन किसका मतदान | सरपंच और वार्ड पंच — तीसरा चरण |
| कितनी ग्राम पंचायतें | 3,605, 26 जिलों की 112 पंचायत समितियों में |
| कितने बूथ | 11,566 |
| मतदान का समय | प्रातः 7:00 से सायं 6:00 बजे तक |
| वोट कैसे पड़ेगा | मतपेटी (बैलेट) से — सरपंच-पंच में ईवीएम नहीं |
| उसी चरण का ईवीएम मतदान | जिला परिषद व पंचायत समिति सदस्य — 4 नवंबर |
| सरपंच का नतीजा कब | उसी शाम, ग्राम पंचायत मुख्यालय पर |
| जिला परिषद/पं. समिति का नतीजा | 20 नवंबर — यानी दिवाली के बाद |
सबसे बड़ा भ्रम: एक चरण, दो अलग तारीखें
यह वह गलती है जो सबसे ज़्यादा दोहराई जा रही है, और इसकी कीमत सीधी है — गलत दिन बूथ पहुंचे तो वोट नहीं डाल पाएंगे।
हर चरण में मतदान दो अलग दिन होता है:
- पहले दिन — जिला परिषद सदस्य और पंचायत समिति सदस्य का चुनाव, ईवीएम से। तीसरे चरण में यह 4 नवंबर है।
- दो दिन बाद — सरपंच और वार्ड पंच का चुनाव, मतपेटी से। तीसरे चरण में यह 6 नवंबर, यानी धनतेरस है।
यानी एक ही गांव का मतदाता दो बार बूथ जाएगा — 4 नवंबर को जिला परिषद/पंचायत समिति के लिए, और 6 नवंबर को अपने सरपंच के लिए। ज़्यादातर सुर्खियां सिर्फ पहली तारीख छापती हैं, जबकि गांव का आदमी जिस वोट की परवाह करता है — सरपंच का — वह दूसरी तारीख को पड़ता है।
चारों चरणों की पूरी तारीखें
| चरण | जिला परिषद व पंचायत समिति सदस्य (ईवीएम) | सरपंच व वार्ड पंच (मतपेटी) | जिले | पं. समितियां | ग्राम पंचायतें |
|---|---|---|---|---|---|
| चरण 1 | 23 अक्टूबर 2026 (शुक्रवार) | 25 अक्टूबर 2026 (रविवार) | 17 | 117 | 3,672 |
| चरण 2 | 29 अक्टूबर 2026 (गुरुवार) | 31 अक्टूबर 2026 (शनिवार) | 22 | 124 | 3,626 |
| चरण 3 | 4 नवंबर 2026 (बुधवार) | 6 नवंबर 2026 (शुक्रवार) — धनतेरस | 26 | 112 | 3,605 |
| चरण 4 | 14 नवंबर 2026 (शनिवार) | 16 नवंबर 2026 (सोमवार) | 23 | 107 | 3,500 |
| कुल | — | — | 41 | 460 | 14,403 |
स्रोत: राज्य निर्वाचन आयोग, चुनाव कार्यक्रम दिनांक 3 अक्टूबर 2026, परिशिष्ट-A और परिशिष्ट-B।
धनतेरस को किन जिलों में सरपंच का वोट पड़ेगा
⚠️ ज़रूरी बात: इन 26 में से एक भी जिला ऐसा नहीं है जिसकी सारी पंचायतें 6 नवंबर को वोट डालें। हर जिले का कुछ हिस्सा तीसरे चरण में है और बाकी किसी दूसरे चरण में। इसलिए जिला देखकर तारीख तय न करें — अपनी पंचायत समिति देखिए। हर जिले के नाम पर क्लिक करने से उस जिले की पंचायत समिति-वार सूची खुलेगी।
| जिला | पंचायत समितियां | ग्राम पंचायतें | बूथ | बाकी हिस्सा |
|---|---|---|---|---|
| बालोतरा | 6 | 266 | 618 | + चरण 4 |
| चूरू | 7 | 247 | 670 | + चरण 4 |
| दौसा | 8 | 221 | 763 | + चरण 2 |
| हनुमानगढ़ | 6 | 205 | 753 | + चरण 4 |
| प्रतापगढ़ | 4 | 163 | 409 | + चरण 4 |
| चित्तौड़गढ़ | 5 | 160 | 531 | + चरण 4 |
| भरतपुर | 4 | 156 | 543 | + चरण 4 |
| टोंक | 5 | 153 | 472 | + चरण 4 |
| बारां | 6 | 147 | 418 | + चरण 4 |
| सवाई माधोपुर | 4 | 145 | 497 | + चरण 4 |
| डीग | 3 | 134 | 413 | + चरण 4 |
| सीकर | 5 | 134 | 545 | + चरण 2, 4 |
| जयपुर | 5 | 133 | 442 | + चरण 1, 2, 4 |
| बाँसवाड़ा | 4 | 133 | 314 | + चरण 2, 4 |
| डीडवाना - कुचामन | 5 | 130 | 538 | + चरण 4 |
| धौलपुर | 3 | 126 | 425 | + चरण 4 |
| उदयपुर | 4 | 117 | 309 | + चरण 1, 2 |
| ब्यावर | 4 | 116 | 414 | + चरण 4 |
| बीकानेर | 3 | 112 | 401 | + चरण 1, 2 |
| जालोर | 4 | 111 | 362 | + चरण 2, 4 |
| कोटपूतली - बहरोड़ | 4 | 108 | 342 | + चरण 2 |
| झुन्झुनूं | 4 | 107 | 453 | + चरण 2, 4 |
| श्रीगंगानगर | 3 | 102 | 301 | + चरण 4 |
| करौली | 3 | 76 | 253 | + चरण 2, 4 |
| खैरथल-तिजारा | 2 | 63 | 237 | + चरण 4 |
| बून्दी | 1 | 40 | 143 | + चरण 4 |
| कुल 26 जिले | 112 | 3,605 | 11,566 | — |
परिशिष्ट-B से निकाले गए आंकड़े। "बाकी हिस्सा" बताता है कि उसी जिले की दूसरी पंचायत समितियां किस चरण में हैं।
त्योहार और मतदान, एक ही कैलेंडर पर
| तारीख | दिन | क्या है |
|---|---|---|
| 4 नवंबर | बुधवार | तीसरा चरण — जिला परिषद व पंचायत समिति सदस्य का मतदान (ईवीएम) |
| 6 नवंबर | शुक्रवार | धनतेरस + तीसरा चरण — सरपंच व वार्ड पंच का मतदान (मतपेटी), सुबह 7 से शाम 6 बजे। नतीजा उसी शाम। |
| 7 नवंबर | शनिवार | छोटी दिवाली; उप सरपंच का चुनाव |
| 8 नवंबर | रविवार | दिवाली |
| 14 नवंबर | शनिवार | चौथा चरण — जिला परिषद व पंचायत समिति सदस्य का मतदान |
| 16 नवंबर | सोमवार | चौथा चरण — सरपंच व वार्ड पंच का मतदान |
| 20 नवंबर | शुक्रवार | जिला परिषद व पंचायत समिति सदस्यों की मतगणना (सभी चरणों की एक साथ), प्रातः 8 बजे से |
वोट भी, खरीदारी भी — दोनों कैसे
मतदान का समय प्रातः 7:00 बजे से सायं 6:00 बजे तक है। धनतेरस की खरीदारी और पूजा परंपरागत रूप से प्रदोष काल में, यानी सूर्यास्त के बाद शाम को होती है। दोनों टकराते नहीं — बूथ शाम 6 बजे बंद होता है, और पूजा का मुहूर्त उसके बाद शुरू होता है। दिन में वोट, शाम को खरीदारी।
और एक बात जो इस तारीख को और दिलचस्प बनाती है: सरपंच की गिनती उसी शाम, उसी ग्राम पंचायत मुख्यालय पर होती है। यानी धनतेरस की रात तक गांव को अपना नया सरपंच पता चल जाएगा।
नतीजे कब आएंगे
| पद | मतगणना | कहां |
|---|---|---|
| पंच व सरपंच (तीसरा चरण) | 6 नवंबर की शाम, मतदान के तुरंत बाद | ग्राम पंचायत मुख्यालय |
| उप सरपंच (तीसरा चरण) | 7 नवंबर 2026 | ग्राम पंचायत मुख्यालय |
| जिला परिषद व पंचायत समिति सदस्य | 20 नवंबर 2026, प्रातः 8 बजे से | जिला मुख्यालय |
| जिला प्रमुख / उप जिला प्रमुख | 25 व 26 नवंबर 2026 | जिला मुख्यालय |
| प्रधान / उप प्रधान | 27 व 28 नवंबर 2026 | पंचायत समिति मुख्यालय |
ध्यान दें: सरपंच और वार्ड पंच का चुनाव दलीय आधार पर नहीं होता — उम्मीदवार पार्टी के चुनाव चिह्न पर नहीं लड़ते, इसलिए इन पदों का कोई पार्टीवार नतीजा जारी नहीं होता। पार्टीवार आंकड़े सिर्फ जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के आते हैं, और वे 20 नवंबर को आएंगे।
पूरे राज्य में कितने पद
इस चुनाव में कुल 14,403 सरपंच, 1,30,589 वार्ड पंच, 8,245 पंचायत समिति सदस्य और 1,403 जिला परिषद सदस्य चुने जाएंगे — यानी 41 जिला परिषदों और 457 पंचायत समितियों के लिए कुल मिलाकर 1,55,138 जनप्रतिनिधि।







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