डूंगरपुर में सोम, माही और जाखम — तीनों नदियां एक साथ उफनीं और आदिवासी अंचल की आस्था का केंद्र बेणेश्वर धाम तीन तरफ से कट गया। धाम को जोड़ने वाली पुलियाओं पर चार से सात फीट तक पानी है और टापू बने धाम पर 60 से ज्यादा श्रद्धालु, पुजारी व दुकानदार फंसे हुए हैं। यह इस मानसून के सबसे तीव्र दौर की तस्वीर है — और अब मौसम विभाग के 24 जुलाई रात के बुलेटिन के अनुसार यही सिस्टम पश्चिम की ओर खिसक गया है। कल शनिवार, 25 जुलाई को अतिभारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट सिरोही और जालोर पर है — रेड अलर्ट कल किसी जिले में नहीं है।

कल (25 जुलाई) का जिलेवार अलर्ट

अलर्टजिले
🟠 ऑरेंज — अतिभारी बारिशसिरोही, जालोर
🟡 येलो — भारी बारिशउदयपुर, पाली, बालोतरा, बाड़मेर, जैसलमेर
🟡 येलो — मेघगर्जन/वज्रपातबाकी सभी जिले (बांसवाड़ा-डूंगरपुर समेत पूरा पूर्वी व पश्चिमी राजस्थान)

ध्यान देने वाली बात — कल तक जो बांसवाड़ा-डूंगरपुर रेड अलर्ट में थे, वे अब सामान्य येलो में आ गए हैं, और खतरे की पट्टी पश्चिम-दक्षिण की ओर सरक गई है। आज रात के लिए बुलेटिन में सिरोही, बाड़मेर और जालोर पर रेड अलर्ट है, इसलिए इन जिलों में आज रात-कल सुबह सबसे ज्यादा सतर्कता चाहिए।

सिस्टम कमजोर नहीं हुआ — बस जगह बदली है

IMD के अनुसार 23 जुलाई को दक्षिण-पूर्वी राजस्थान पर बना कम दबाव का क्षेत्र (लो प्रेशर एरिया) अब दक्षिण-पश्चिमी राजस्थान के ऊपर सक्रिय है — और यह कमजोर पड़ने के बजाय गहरा हुआ है: इससे जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण अब 9.4 किलोमीटर की ऊंचाई तक फैला है (कल तक 7.6 किमी था)। मानसून ट्रफ लाइन भी सामान्य से दक्षिण में — जैसलमेर से सिस्टम के केंद्र, कोटा और गुना से होकर बंगाल की खाड़ी तक — बनी हुई है। इसी वजह से उदयपुर और जोधपुर संभाग में अगले 2-3 दिन बारिश का दौर जारी रहेगा।

बीते 24 घंटे: उदयपुर के लसाड़िया में 11 इंच

IMD के आंकड़ों के अनुसार बीते 24 घंटों में सबसे ज्यादा बारिश आमेट (राजसमंद) और पचपदरा (बाड़मेर) में 90-90 मिमी दर्ज हुई; सलूंबर, झाड़ोल (उदयपुर) और बड़ेसर (चित्तौड़गढ़) में 70-70 मिमी। दिन में जवाई बांध (पाली) पर 97 मिमी — आज की सबसे तेज बारिश। इससे पहले के दौर में मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार उदयपुर के लसाड़िया में 24 घंटे में 290 मिमी (करीब 11 इंच) पानी गिरा, जो इस सीजन का सबसे बड़ा आंकड़ा बताया जा रहा है।

दो जिंदगियां बिजली की चपेट में

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार भीलवाड़ा के रायपुर क्षेत्र में आकाशीय बिजली गिरने से एक बुजुर्ग चरवाहे और उनकी 11 वर्षीय पोती की मौत हो गई। यह वही खतरा है जिसे अलर्ट में सबसे कम गंभीरता से लिया जाता है — पूरे प्रदेश में कल मेघगर्जन-वज्रपात का येलो अलर्ट है। खुले खेत, पेड़ के नीचे या पानी के पास बिजली कड़कते समय रुकना जानलेवा हो सकता है; पक्की छत के नीचे जाना ही सुरक्षित है।

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स्कूलों की छुट्टी पर स्थिति

रेड-ऑरेंज अलर्ट के बीच छुट्टी की अफवाहें भी चलीं, लेकिन 24 जुलाई की रात तक किसी जिला कलेक्टर ने 24 या 25 जुलाई के लिए स्कूल अवकाश का आदेश जारी नहीं किया। इंटरनेट पर "11 जिलों में छुट्टी" वाली खबरें जुलाई 2025 की हैं। पुष्ट आदेशों का ताजा रिकॉर्ड हमारे स्कूल छुट्टी ट्रैकर पर है, और अगस्त की तय छुट्टियों की पूरी लिस्ट यहां देखें

राहत कब? 28 जुलाई से पूरा नक्शा हरा

अच्छी खबर यह है कि इस दौर का अंत दिख रहा है। IMD के आउटलुक के अनुसार 26 जुलाई को भारी बारिश का येलो अलर्ट सिर्फ सिरोही, जालोर, बालोतरा और बाड़मेर तक सिमट जाएगा (बीकानेर, जैसलमेर, हनुमानगढ़, चूरू, श्रीगंगानगर में कोई चेतावनी नहीं), 27 जुलाई को यह डूंगरपुर, सिरोही और उदयपुर तक रह जाएगा — और 28 से 30 जुलाई तक पूरे राजस्थान में कोई चेतावनी नहीं है। यानी अगले 48 घंटे संभलकर निकालने हैं, फिर मानसून सुस्ताएगा।

इस बीच बड़ा सवाल अगस्त का है — एल नीनो के चलते अगस्त-सितंबर की बारिश पर मंडराते खतरे का पूरा विज्ञान और IMD का आगामी पूर्वानुमान यहां पढ़ें। इस हफ्ते के पिछले अलर्ट — 24 जुलाई का रेड अलर्ट — और अपने जिले का ताजा हाल मौसम सेक्शन में मिलेगा।

⚠️ नोट: अलर्ट व वर्षा के आंकड़े IMD मौसम केंद्र जयपुर के 24 जुलाई रात 8:30 बजे के आधिकारिक बुलेटिन से हैं; बेणेश्वर धाम, बिजली गिरने व लसाड़िया की बारिश की जानकारी समाचार रिपोर्ट्स पर आधारित है। चेतावनियां हर कुछ घंटों में बदलती हैं — नदी-नालों और रपटों से दूर रहें, प्रशासन के निर्देश मानें।