मानसून ने राजस्थान में अब तक का सबसे बड़ा कार्ड खेल दिया है — गुरुवार शाम 5:30 बजे दक्षिण-पूर्वी राजस्थान और सटे मध्यप्रदेश के ऊपर कम दबाव का क्षेत्र (लो प्रेशर एरिया) बन गया, और इसी के असर में मौसम विभाग ने कल शुक्रवार, 24 जुलाई के लिए बांसवाड़ा व डूंगरपुर में सीजन का पहला रेड अलर्ट जारी किया है। रेड अलर्ट का मतलब — अत्यधिक भारी बारिश (204.4 मिमी से ज्यादा) की आशंका, यानी बेहद जरूरी न हो तो घर से न निकलें। इनके अलावा 11 जिलों में अतिभारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट है, जिसमें इस बार पश्चिमी राजस्थान के पाली, जालौर, बाड़मेर और बालोतरा भी शामिल हो गए हैं।
कल के अलर्ट की पूरी जिलेवार लिस्ट
| अलर्ट | जिले (24 जुलाई) |
|---|---|
| 🔴 रेड — अत्यधिक भारी बारिश | बांसवाड़ा, डूंगरपुर |
| 🟠 ऑरेंज — अतिभारी बारिश | उदयपुर, प्रतापगढ़, सलूंबर, राजसमंद, चित्तौड़गढ़, भीलवाड़ा, सिरोही, पाली, जालौर, बाड़मेर, बालोतरा |
| 🟡 येलो — भारी बारिश | अजमेर, ब्यावर, कोटा, बूंदी, बारां, झालावाड़, जोधपुर, नागौर, जैसलमेर, फलौदी |
ध्यान दें — कल तक ऑरेंज में रहा हाड़ौती (कोटा, बूंदी, बारां, झालावाड़) अब येलो में आ गया है; बारिश की धुरी उदयपुर संभाग से होते हुए पश्चिम की ओर खिसक रही है। अपने शहर का घंटेवार हाल मौसम सेक्शन में देखें।
बीते 24 घंटे: बांसवाड़ा के जगपुरा में 170 मिमी
गुरुवार सुबह तक के 24 घंटों में IMD के आंकड़ों के अनुसार जगपुरा (बांसवाड़ा) में 170 मिमी, आसींद (भीलवाड़ा) में 160, जवाजा (अजमेर) में 120, घाटोल (बांसवाड़ा) में 120 और नयानगर-ब्यावर व सादुलशहर (श्रीगंगानगर) में 110-110 मिमी बारिश हुई — 9 जगहों पर आंकड़ा 100 मिमी के पार गया। जल संसाधन विभाग के गेज (मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार) बदनोर (ब्यावर) में तो 225 मिमी — सीजन की सबसे बड़ी बारिश — दर्ज हुई। हनुमानगढ़ शहर करीब 80 मिमी बारिश में जलमग्न हो गया और करीब 13 ट्रेनें 3-4 घंटे देरी से चलीं।
क्या कल स्कूल बंद रहेंगे?
गुरुवार को भारी बारिश की चेतावनी पर हनुमानगढ़ में स्कूलों की छुट्टी रही — पर यह आदेश 23 जुलाई के लिए था। 24 जुलाई के लिए यह रिपोर्ट लिखे जाने (रात 12 बजे) तक किसी जिले में अवकाश घोषित नहीं हुआ है। रेड अलर्ट वाले बांसवाड़ा-डूंगरपुर में सुबह-सुबह कलेक्टर के आदेश की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता — जिलेवार ताजा स्थिति, आदेश कैसे जारी होते हैं और कहां चेक करें, यह सब हमारे स्कूल छुट्टी ट्रैकर पर लगातार अपडेट होगा।
यह सिस्टम कितना बड़ा है और कब तक
कम दबाव का क्षेत्र 7.6 किमी ऊंचाई तक फैले चक्रवाती परिसंचरण के साथ बना है — इतनी गहराई वाले सिस्टम भरपूर नमी खींचते हैं, इसीलिए रेड अलर्ट की नौबत आई। राहत की बात: IMD के आउटलुक के अनुसार 25 जुलाई को कहीं भी रेड-ऑरेंज नहीं रहेगा — दक्षिणी जिलों और पश्चिमी बेल्ट में भारी बारिश का येलो अलर्ट भर रहेगा, और 27 जुलाई तक अलर्ट मेघगर्जन तक सिमट जाएंगे। यानी अगले 36 घंटे ही इस दौर के सबसे भारी हैं। अत्यधिक भारी बारिश छोटे इलाके में सिमटे तो 'बादल फटने' जैसे हालात भी बन सकते हैं — बादल फटना असल में क्या होता है, यहां समझें।
बांधों का हाल
झालावाड़ के कालीसिंध बांध का एक गेट बुधवार को खोला गया था (करीब 426 क्यूसेक)। जयपुर-अजमेर की लाइफलाइन बीसलपुर के गेट खुलने की स्थिति अभी नहीं है, पर भीलवाड़ा-अजमेर कैचमेंट (आसींद 160, जवाजा 120 मिमी) की आज की बारिश से आवक बढ़ने की पूरी उम्मीद है। इस हफ्ते के मौसम की पूरी कहानी — 23 जुलाई की रिपोर्ट और अगस्त-सितंबर पर एल नीनो का साया — भी पढ़ें।
⚠️ नोट: अलर्ट व वर्षा आंकड़े IMD मौसम केंद्र जयपुर के 23 जुलाई रात 8:30 बजे के आधिकारिक बुलेटिन से हैं; बदनोर का आंकड़ा जल संसाधन विभाग के गेज (मीडिया रिपोर्ट) से। चेतावनियां हर कुछ घंटों में अपडेट होती हैं — रेड-ऑरेंज अलर्ट वाले जिलों में नदी-नालों से दूर रहें और प्रशासन के निर्देश मानें।






💬 टिप्पणियाँ
इस खबर पर अपनी राय साझा करें। कृपया शालीन भाषा का प्रयोग करें।
अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आप कीजिए!