SOG Action: बाड़मेर में डमी कैंडिडेट बैठाकर बना सरकारी शिक्षक, डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन में दिखाई चालाकी, आरोपी गिरफ्तार | RPSC Teacher Recruitment Scam में श्रवण कुमार विश्नोई की गिरफ्तारी

आरोपी का फोटो: पत्रिका

RPSC Teacher Recruitment Scam में राजस्थान लोक सेवा आयोग (आरपीएससी) की वरिष्ठ अध्यापक भर्ती परीक्षा-2022 में अपनी जगह डमी कैंडिडेट बैठाकर सरकारी नौकरी हासिल करने वाले आरोपी श्रवण कुमार विश्नोई को स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी करीब साढ़े तीन साल से पुलिस को चकमा देकर लगातार अपने ठिकाने बदल रहा था। मामले में गिरफ्तारी के बाद एसओजी अब उस व्यक्ति की पहचान करने में जुटी है जिसने परीक्षा में आरोपी की जगह बैठकर पेपर दिया था।

एडीजी एसओजी विशाल बंसल ने बताया कि हेल्पलाइन पर मिली एक शिकायत में आरोप लगाया गया था कि वरिष्ठ अध्यापक भर्ती परीक्षा-2022 (विज्ञान विषय) में अभ्यर्थी श्रवण कुमार विश्नोई (निवासी धोरीमन्ना, बाड़मेर) ने स्वयं परीक्षा देने के बजाय किसी अन्य युवक को बैठाया था। शिकायत मिलने के बाद एसओजी ने मामले की गहन जांच शुरू की और विभिन्न दस्तावेजों का परीक्षण किया।

जांच के दौरान एसओजी ने आरपीएससी से आरोपी के आवेदन पत्र, प्रवेश पत्र, उपस्थिति पत्रक, ओएमआर शीट तथा पात्रता जांच से जुड़े दस्तावेज जब्त किए। दस्तावेजों के विश्लेषण और हस्ताक्षरों के मिलान में कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए। जांच में पता चला कि श्रवण कुमार ने 24 दिसंबर 2022 को जोधपुर के बालसमंद स्थित परीक्षा केंद्र पर आयोजित विज्ञान विषय की परीक्षा तथा 29 जनवरी 2023 को कालीबेरी स्थित केंद्र पर आयोजित सामान्य ज्ञान की परीक्षा में अपने स्थान पर दूसरे व्यक्ति को बैठाया था।

एसओजी अधिकारियों के अनुसार दोनों परीक्षाओं में उपस्थित व्यक्ति और बाद में नियुक्ति प्रक्रिया में शामिल हुए व्यक्ति के दस्तावेजों में अंतर पाया गया। इसके बाद जांच का दायरा बढ़ाया गया और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी की भूमिका की पुष्टि की गई।

जांच में सबसे चौंकाने वाला खुलासा यह हुआ कि डमी अभ्यर्थी की मदद से परीक्षा पास करने के बाद जब आरोपी का चयन वरिष्ठ अध्यापक पद पर हो गया, तो उसने दस्तावेज सत्यापन के दौरान अपनी असली फोटो प्रस्तुत कर दी। उसने विभाग में विस्तृत आवेदन और पात्रता सत्यापन प्रपत्रों में स्वयं की तस्वीर लगाकर पूरी प्रक्रिया को वैध दिखाने का प्रयास किया और सरकारी सेवा हासिल कर ली।

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एसओजी का मानना है कि इस फर्जीवाड़े में अन्य लोगों की भी भूमिका हो सकती है। फिलहाल आरोपी से पूछताछ की जा रही है और उस डमी कैंडिडेट की तलाश जारी है, जिसने परीक्षा में बैठकर उसे सरकारी नौकरी दिलाने में मदद की। जांच एजेंसी पूरे नेटवर्क का पता लगाने और मामले से जुड़े अन्य व्यक्तियों की भूमिका की भी पड़ताल कर रही है।

यह फर्जीवाड़ा भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता और निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े करता है। लाखों युवा दिन-रात मेहनत करके सरकारी नौकरी का सपना देखते हैं, तब ऐसे मामले उनकी उम्मीदों पर पानी फेर देते हैं। एसओजी की यह कार्रवाई ऐसे गिरोहों पर नकेल कसने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

RPSC Teacher Recruitment Scam: 2022 परीक्षा का पूरा मामला

यह पूरा मामला राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) की वरिष्ठ अध्यापक भर्ती परीक्षा 2022 से जुड़ा है, जो विज्ञान विषय के लिए आयोजित की गई थी। अभ्यर्थी श्रवण कुमार विश्नोई पर आरोप है कि उसने परीक्षा में खुद बैठने के बजाय एक डमी कैंडिडेट को बिठाया था। यह डमी कैंडिडेट न केवल लिखित परीक्षा में बैठा, बल्कि बाद में नियुक्ति प्रक्रिया के दौरान भी दस्तावेजों के सत्यापन में भी धोखाधड़ी की गई। एसओजी को मिली एक गुप्त सूचना के आधार पर इस पूरे रैकेट का खुलासा हुआ।

क्या आप जानते हैं कि डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन में अपनी असली फोटो लगाकर आरोपी ने कैसे सिस्टम को धोखा दिया? यह दिखाता है कि ऐसे गिरोह कितने शातिर हो सकते हैं और वे किस हद तक जाकर सरकारी सिस्टम में सेंध लगाने की कोशिश करते हैं। एसओजी अब इसी नेटवर्क को खंगालने में जुटी है।

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SOG का एक्शन: कैसे हुआ खुलासा?

एसओजी को एक विश्वसनीय सूत्र से इस फर्जीवाड़े की शिकायत मिली थी। शिकायत में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया था कि श्रवण कुमार विश्नोई ने अपनी जगह किसी और को परीक्षा दिलवाई है। इस पर एसओजी ने तुरंत कार्रवाई करते हुए मामले की जांच शुरू की। जांच के दौरान, एसओजी ने आरपीएससी से संबंधित सभी महत्वपूर्ण दस्तावेज जैसे आवेदन पत्र, प्रवेश पत्र, ओएमआर शीट और पात्रता जांच से जुड़े प्रपत्रों को जब्त किया। इन दस्तावेजों का बारीकी से विश्लेषण किया गया, जिसमें हस्ताक्षरों का मिलान और अन्य तकनीकी जांच शामिल थी। इसी जांच के आधार पर एसओजी ने आरोपी श्रवण कुमार विश्नोई की संलिप्तता की पुष्टि की।

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Dummy Candidate की तलाश जारी

एसओजी अब उस डमी कैंडिडेट की तलाश कर रही है जिसने परीक्षा में श्रवण कुमार विश्नोई की जगह बैठकर पेपर दिया था। यह डमी कैंडिडेट भी इस पूरे फर्जीवाड़े का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसकी पहचान होने के बाद ही यह पूरा रैकेट और इसमें शामिल अन्य लोगों के बारे में पता चल पाएगा। एसओजी ने इसके लिए एक विशेष टीम का गठन किया है और तकनीकी सहायता का भी उपयोग किया जा रहा है। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि डमी कैंडिडेट को किसने और कैसे उपलब्ध कराया था।

सरकारी नौकरी में धांधली: क्या है नया नियम?

राजस्थान में सरकारी भर्तियों में पारदर्शिता लाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। परीक्षाओं की शुचिता बनाए रखने के लिए कड़े नियम बनाए गए हैं। हाल के वर्षों में, डमी कैंडिडेट बैठाने या पेपर लीक जैसे मामलों में शामिल पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। राजस्थान सरकार ने इस तरह के अपराधों के लिए कठोर दंड का भी प्रावधान किया है। एसओजी जैसी एजेंसियां इन मामलों की जांच करके यह सुनिश्चित करने का प्रयास कर रही हैं कि योग्य उम्मीदवार को ही उसका हक मिले।

खैर, ऐसे मामले युवाओं के विश्वास को तोड़ते हैं। यह समझना महत्वपूर्ण है कि सरकारी परीक्षाओं में धोखाधड़ी न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि यह उन हजारों ईमानदार उम्मीदवारों के साथ भी अन्याय है जो कड़ी मेहनत और लगन से तैयारी करते हैं।

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निष्कर्ष

एसओजी की यह गिरफ्तारी RPSC Teacher Recruitment Scam जैसे मामलों में हो रही धांधली को उजागर करती है। डमी कैंडिडेट बैठाकर सरकारी शिक्षक बनने का यह मामला दर्शाता है कि कैसे कुछ लोग सरकारी सिस्टम का दुरुपयोग करने की कोशिश करते हैं। एसओजी की जांच जारी है और उम्मीद है कि इस मामले में संलिप्त अन्य लोगों और डमी कैंडिडेट का भी जल्द खुलासा होगा। यह कार्रवाई भविष्य में ऐसी धोखाधड़ी को रोकने के लिए एक महत्वपूर्ण मिसाल कायम करेगी।