👮 सीधा जवाब (7 अगस्त 2026): पुलिस चरित्र प्रमाण पत्र के लिए अब थाने के चक्कर जरूरी नहीं — SSO ID से राजस्थान पुलिस के सिटीजन पोर्टल/RajCop Citizen ऐप पर ऑनलाइन आवेदन करें, शुल्क ऑनलाइन जमा करें, थाना सत्यापन के बाद डिजिटल हस्ताक्षरित सर्टिफिकेट पोर्टल से डाउनलोड। SSO न आए तो ई-मित्र से भी हो जाता है। ध्यान रहे: पासपोर्ट का PCC इससे अलग है — वह पासपोर्ट सेवा से बनता है।
जयपुर। सरकारी नौकरी की जॉइनिंग हो, प्राइवेट कंपनी की डिमांड, ठेका-टेंडर, गन लाइसेंस या पेट्रोल पंप की एजेंसी — 'पुलिस वेरिफिकेशन लाओ' सुनते ही ज्यादातर लोग थाने के बाहर लाइन में लग जाते हैं, जबकि यह काम सालों से ऑनलाइन है। यह पेज पूरी प्रक्रिया, दस्तावेज और अटकने पर रास्ता — तीनों एक जगह देता है।
किस काम के लिए कौन-सा सर्टिफिकेट — पहले यह फर्क समझें
| जरूरत | कौन-सा दस्तावेज | कहां से |
|---|---|---|
| नौकरी जॉइनिंग, ठेका, गन लाइसेंस, एजेंसी | पुलिस चरित्र प्रमाण पत्र (Character/Police Verification Certificate) | SSO → पुलिस सिटीजन पोर्टल / RajCop |
| पासपोर्ट/विदेश (वीजा, विदेशी नौकरी) | PCC (Police Clearance Certificate) | passportindia.gov.in (पासपोर्ट सेवा) |
| किरायेदार/घरेलू नौकर रखना | Tenant/Servant Verification | RajCop Citizen ऐप (मकान मालिक की ओर से) |
ऑनलाइन आवेदन — 5 स्टेप
- 1. SSO लॉगिन: sso.rajasthan.gov.in पर लॉगिन करें (ID नहीं है तो 5 मिनट में ऐसे बनाएं) → Citizen Apps में Police Verification/RajCop Citizen सेवा खोलें।
- 2. फॉर्म: नाम-पता, पिछले पतों का इतिहास और मकसद (नौकरी/ठेका/लाइसेंस) भरें — मकसद वही चुनें जो संस्था ने मांगा है, सर्टिफिकेट पर वही छपता है।
- 3. दस्तावेज: आधार, फोटो, पते का प्रमाण अपलोड करें; जहां संस्था का मांग-पत्र है, वह भी लगा दें।
- 4. शुल्क: मामूली फीस ऑनलाइन जमा करें — रसीद संभालें।
- 5. सत्यापन → डाउनलोड: आवेदन आपके क्षेत्र के थाने को जाता है; बीट स्तर पर रिकॉर्ड-जांच (जरूरत पर फोन/विजिट) के बाद डिजिटल हस्ताक्षरित प्रमाण पत्र पोर्टल से डाउनलोड करें।
ऑनलाइन आवेदन में दिक्कत हो तो यही सेवा नजदीकी ई-मित्र कियोस्क से करा लें — तय सेवा शुल्क अलग से लगेगा।
चार बातें जो अटकने से बचाएंगी
- पतों का इतिहास ईमानदारी से भरें — बीच के शहरों/किराए के पते छिपाने पर सत्यापन वहीं लटकता है; हर पते का सत्यापन उसी क्षेत्र के थाने से होता है।
- नाम-जन्मतिथि आधार जैसा ही लिखें — बेमेल विवरण पर आवेदन लौट आता है।
- पुराना सर्टिफिकेट दोबारा नहीं चलता — ज्यादातर संस्थाएं 6 महीने से पुराना प्रमाण पत्र स्वीकार नहीं करतीं, इसलिए जरूरत के समय ही बनवाएं।
- FIR/केस रहा हो तो घबराकर छिपाएं नहीं — रिकॉर्ड में दर्ज मामला सत्यापन में वैसे भी दिखेगा; कोर्ट से बरी होने के कागज साथ अपलोड करें।
स्टेटस ट्रैकिंग और शिकायत
- आवेदन की स्थिति पोर्टल/RajCop ऐप में दिखती है — 'Pending at PS' का मतलब है फाइल थाने में है।
- 2-3 हफ्ते से ज्यादा अटके तो पहले थाने के बीट कांस्टेबल/SHO से पूछें, फिर जिला SP कार्यालय।
- फिर भी सुनवाई न हो तो 181/राजस्थान संपर्क पोर्टल पर शिकायत ID बनवा लें — लिखित शिकायत का जवाब देना विभाग की मजबूरी है।
दस्तावेजों के और पेज: OBC/जाति प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र और गाड़ी की RC डाउनलोड — सब घर बैठे।






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