📢 सीधा जवाब (2 अगस्त 2026): राजस्थान के किसी भी सरकारी विभाग की शिकायत के तीन आधिकारिक रास्ते हैं — sampark.rajasthan.gov.in पोर्टल, टोल-फ्री 181 और Rajasthan Sampark मोबाइल ऐप। तीनों बिल्कुल मुफ्त हैं, शिकायत दर्ज होते ही शिकायत ID मिलती है जिससे स्टेटस ऑनलाइन दिखता है। ⚠️ संपर्क पोर्टल का कोई अलग आधिकारिक व्हाट्सएप नंबर नहीं है — व्हाट्सएप नंबर बांटने वाली वेबसाइटें अनौपचारिक हैं।

जयपुर। बिजली का बिल गड़बड़ आए, राशन डीलर तौल में मारे, पेंशन अटक जाए, मोहल्ले की सड़क टूटी पड़ी हो या पटवारी चक्कर कटवाए — हर ऐसी शिकायत के लिए दफ्तर-दफ्तर भटकने की जरूरत नहीं है। राजस्थान संपर्क राज्य सरकार का एक-खिड़की शिकायत सिस्टम है, जिसमें शिकायत सीधे संबंधित विभाग के जिम्मेदार अधिकारी तक पहुंचती है और उसका रिकॉर्ड ID के साथ बनता है। पूरा तरीका स्टेप-बाय-स्टेप।

ऑनलाइन शिकायत दर्ज करने का तरीका

  • स्टेप 1: sampark.rajasthan.gov.in खोलें और 'शिकायत दर्ज करें' (Lodge Grievance) पर क्लिक करें।
  • स्टेप 2: मोबाइल नंबर डालें — उस पर आया OTP डालकर वेरिफाई करें। कोई लंबा रजिस्ट्रेशन फॉर्म नहीं भरना पड़ता।
  • स्टेप 3: शिकायत का विभाग/श्रेणी और जिला चुनें, फिर साफ शब्दों में शिकायत लिखें — तारीख, जगह और नाम जितने साफ होंगे, कार्रवाई उतनी आसान।
  • स्टेप 4: सबूत हों तो अपलोड करें — बिल, फोटो, रसीद, पुराना आवेदन। यह जरूरी नहीं है, पर शिकायत का वजन बढ़ा देता है।
  • स्टेप 5: सबमिट करें — स्क्रीन पर और SMS से शिकायत ID मिलेगी। यह ID संभालकर रखें, आगे की हर ट्रैकिंग इसी से होगी।

फोन से ज्यादा सहज हों तो यही पूरा काम 181 पर कॉल करके बोलकर करा सकते हैं — ऑपरेटर शिकायत दर्ज कर ID बता देता है। स्मार्टफोन पर Play Store से Rajasthan Sampark ऐप डालकर भी यही सुविधा मिलती है। गांव में ई-मित्र या राजीव गांधी सेवा केंद्र से भी शिकायत दर्ज करवाई जा सकती है — वहां भी यह सेवा निःशुल्क है।

शिकायत की स्थिति (स्टेटस) कैसे देखें

  • पोर्टल पर 'शिकायत की स्थिति देखें' (View Grievance Status) खोलें।
  • शिकायत ID और मोबाइल नंबर डालें।
  • स्क्रीन पर दिखेगा — शिकायत किस विभाग, किस अधिकारी के पास है, क्या टिप्पणी लगी है और मामला लंबित है या निस्तारित।

सरकारी निर्देशों में शिकायतों के जल्द निस्तारण (आमतौर पर 30 दिन के भीतर) का लक्ष्य रखा जाता रहा है, पर यह कोई पक्की कानूनी समय-सीमा नहीं है — इसलिए ID से नजर बनाए रखना ही असली हथियार है।

Advertisement

सुनवाई न हो तो क्या करें? (असली काम की बात)

  • रिमाइंडर भेजें: उसी शिकायत ID पर पोर्टल से रिमाइंडर/फॉलो-अप दर्ज करें — शिकायत फिर से अधिकारी की लंबित सूची में चमकती है।
  • निपटान से असंतुष्ट हों तो जवाब स्वीकार न करें — शिकायत दोबारा खुलवाकर ऊपर के स्तर पर भिजवाई जा सकती है।
  • जनसुनवाई में जाएं: जिला कलेक्ट्रेट और उपखंड स्तर पर होने वाली नियमित जनसुनवाई में वही शिकायत ID लेकर पहुंचें — रिकॉर्ड पहले से सिस्टम में होने का फायदा मिलता है।
  • शिकायत झूठी बताकर बंद की गई हो और आपके पास सबूत हों, तो नई शिकायत में पुरानी ID का हवाला देकर सबूत जोड़ें।

व्हाट्सएप नंबर का सच

गूगल पर बहुत लोग 'राजस्थान संपर्क पोर्टल व्हाट्सएप नंबर' खोजते हैं। साफ बात — शिकायत दर्ज करने का कोई अलग आधिकारिक व्हाट्सएप नंबर सार्वजनिक नहीं है। आधिकारिक रास्ते पोर्टल, 181 और Sampark ऐप ही हैं। किसी निजी वेबसाइट पर दिखे 'व्हाट्सएप हेल्पलाइन' पर निजी दस्तावेज (आधार, जन आधार, बैंक विवरण) भेजना जोखिम भरा है — इनसे बचें।

किस तरह की शिकायतें दर्ज होती हैं?

लगभग हर सरकारी विभाग और योजना से जुड़ी शिकायत — बिजली-पानी (बिल, कटौती, ट्रांसफार्मर), राशन (डीलर, तौल, नाम कटना), पेंशन व सामाजिक सुरक्षा (किस्त अटकना, सत्यापन), सड़क-नाली-सफाई, अतिक्रमण, स्कूल-अस्पताल की व्यवस्था, नरेगा भुगतान, न्यूनतम मजदूरी से कम भुगतान और कर्मचारी-अफसर के व्यवहार तक। हां, अदालत में लंबित मामले, RTI (उसका अलग पोर्टल है) और विशुद्ध निजी विवाद यहां नहीं सुने जाते।

काम की और गाइडें: राजस्थान न्यूनतम मजदूरी 2026 — ₹285 से ₹359 की पूरी दर लिस्ट और कम मिलने पर शिकायत का तरीका, जन सूचना पोर्टल — बिना लॉगिन राशन, पेंशन, नरेगा का रिकॉर्ड देखें और नरेगा का पैसा कब आएगा — पेमेंट स्टेटस चेक करने का तरीका