💼 सीधा जवाब (2 अगस्त 2026): राजस्थान में न्यूनतम मजदूरी अभी अकुशल ₹285, अर्द्धकुशल ₹297, कुशल ₹309 और उच्च कुशल ₹359 प्रतिदिन है। ये दरें 1 जनवरी 2023 से लागू हैं — यानी साढ़े तीन साल से इनमें एक रुपया नहीं बढ़ा। ⚠️ 2 अगस्त 2026 तक कोई नई अधिसूचना जारी नहीं हुई है — सोशल मीडिया पर चल रही 'अप्रैल 2026 से नई दरें' वाली खबरें केंद्र के लेबर कोड की चर्चा हैं, राजस्थान श्रम विभाग की अधिसूचना नहीं।
जयपुर। दुकान पर काम करने वाले हों, फैक्ट्री मजदूर, ड्राइवर, गार्ड या प्राइवेट स्कूल का स्टाफ — राजस्थान में 52 तरह के कामों (अनुसूचित नियोजनों) पर न्यूनतम मजदूरी अधिनियम, 1948 लागू है। इससे कम देना कानूनन अपराध है। नीचे श्रेणीवार पूरी दरें, आपका काम किस श्रेणी में गिना जाएगा, ओवरटाइम का गणित और कम मिलने पर शिकायत का तरीका — सब आधिकारिक अधिसूचना के आधार पर।
राजस्थान न्यूनतम मजदूरी दर 2026 (श्रेणीवार लिस्ट)
| श्रेणी | प्रतिदिन | प्रतिमाह |
|---|---|---|
| अकुशल (Unskilled) | ₹285 | ₹7,410 |
| अर्द्धकुशल (Semi-Skilled) | ₹297 | ₹7,722 |
| कुशल (Skilled) | ₹309 | ₹8,034 |
| उच्च कुशल (Highly Skilled) | ₹359 | ₹9,334 |
तीन बातें इन दरों के साथ जुड़ी हैं, जो अधिसूचना की टिप्पणियों में साफ लिखी हैं:
- इन्हीं दरों में निर्वाह भत्ता (VDA) शामिल है — अलग से कोई महंगाई भत्ता नहीं जुड़ता।
- मासिक दर में साप्ताहिक छुट्टी का वेतन शामिल है — हफ्ते की छुट्टी के नाम पर पैसा नहीं काटा जा सकता।
- अगर आपको पहले से इनसे ज्यादा मजदूरी मिल रही है, तो वही आपकी न्यूनतम दर मानी जाएगी — नियोक्ता घटाकर ₹285 पर नहीं ला सकता।
आपका काम किस श्रेणी में आता है?
श्रम विभाग की अधिसूचना में हर श्रेणी के लिए पदों की लंबी सूची है। रोजमर्रा के काम इस तरह बंटे हैं:
- अकुशल (₹285): मजदूर, बेलदार, चौकीदार, चपरासी, स्वीपर, धोबी, खलासी, गैंगमैन, पैकर्स, क्लीनर, डिलीवरी बॉय, होटल-रेस्टोरेंट का हमाल।
- अर्द्धकुशल (₹297): मुंशी, जूनियर क्लर्क, हेल्पर, असिस्टेंट फिटर, असिस्टेंट कारपेंटर, टायर फिटर, लिफ्ट ऑपरेटर, पंप अटेंडेंट, वॉशरमैन, लेबर सुपरवाइजर (मेट)।
- कुशल (₹309): मिस्त्री, बढ़ई, लुहार, दर्जी, प्लम्बर, इलेक्ट्रीशियन, सभी तरह के ड्राइवर (हल्के-भारी वाहन, ट्रैक्टर, रोड रोलर), क्लर्क, टाइपिस्ट, कैशियर, कुक, माली, नर्स, सिक्योरिटी मैन, बार्बर, ऑटो मैकेनिक, फोटोग्राफर।
- उच्च कुशल (₹359): स्टेनोग्राफर, एकाउंटेंट, कम्प्यूटर ऑपरेटर, मैनेजर, सेल्स सुपरवाइजर, केमिस्ट, लैब टेक्नीशियन, फार्मासिस्ट, टेलीफोन ऑपरेटर, कार्यालय अधीक्षक।
📈 अनुभव से श्रेणी अपने-आप बढ़ती है — ज्यादातर लोगों को यह नियम पता ही नहीं: अकुशल कामगार 2 साल काम करने के बाद अर्द्धकुशल की दर (₹297) पाने का हकदार है। अर्द्धकुशल 3 साल बाद कुशल की दर (₹309) का, और कुशल कामगार 5 साल के अनुभव पर उच्च कुशल की दर (₹359) का हकदार हो जाता है। यानी 2 साल पुराने हेल्पर को ₹285 देना भी नियम का उल्लंघन है।
महीने और ओवरटाइम का पूरा गणित
- महीने की सैलरी: दैनिक दर × 26 दिन। अकुशल: ₹285 × 26 = ₹7,410।
- घंटे का हिसाब: दिन के 8 घंटे मानक हैं। ₹285 ÷ 8 = ₹35.63 प्रति घंटा।
- ओवरटाइम: 8 घंटे से ज्यादा काम पर दुगुनी दर — अकुशल के लिए करीब ₹71 प्रति घंटा। रोज 2 घंटे ओवरटाइम कराया तो महीने में 52 घंटे × ₹71.25 = करीब ₹3,705 अलग से बनते हैं।
किन कामों-दुकानों पर लागू है?
अधिसूचना में 52 नियोजन गिनाए गए हैं। मोटे तौर पर लगभग हर संगठित काम इसमें आ जाता है — दुकान व वाणिज्यिक संस्थान, होटल-रेस्टोरेंट, निजी स्कूल-कॉलेज, निजी अस्पताल व नर्सिंग होम, फैक्ट्रियां, टैक्सी-ऑटो-ट्रेवलिंग एजेंसियां, पेट्रोल पंप, LPG वितरण, NGO, टेलरिंग-गारमेंट्स, वुड वर्क्स-फर्नीचर और कृषि कार्य (खेती, पशुपालन, दुग्ध उद्योग समेत)।
नरेगा से तुलना: वहां ₹300, यहां ₹285 क्यों?
1 जुलाई 2026 से राजस्थान में नरेगा (अब VB-G RAM G योजना) की मजदूरी ₹300 प्रतिदिन है — यानी सरकारी रोजगार गारंटी की दिहाड़ी, राज्य की अकुशल न्यूनतम मजदूरी से ₹15 ज्यादा हो चुकी है। नरेगा की दर केंद्र हर साल बदलता है, जबकि राज्य की न्यूनतम मजदूरी जनवरी 2023 से जस की तस है। दोनों अलग-अलग कानूनों से तय होती हैं, इसलिए यह अंतर बना हुआ है।
नई दर कब बढ़ेगी? अब तक का सफर
| लागू तारीख | अकुशल | अर्द्धकुशल | कुशल | उच्च कुशल |
|---|---|---|---|---|
| 2019 की अधिसूचना | ₹225 | ₹237 | ₹249 | ₹299 |
| 1 जनवरी 2023 से (मौजूदा) | ₹285 | ₹297 | ₹309 | ₹359 |
पिछली बढ़ोतरी ₹60 प्रतिदिन की थी, और दिलचस्प यह कि उसकी अंतिम अधिसूचना राजपत्र में दिसंबर 2024 में छपी — लागू पिछली तारीख (1 जनवरी 2023) से मानी गई। प्रक्रिया हर बार यही रहती है: श्रम विभाग पहले इरादा अधिसूचना निकालता है, उस पर 2 महीने आपत्तियां-सुझाव लिए जाते हैं, फिर अंतिम दरें राजपत्र में छपती हैं। 2 अगस्त 2026 तक नई इरादा अधिसूचना सार्वजनिक नहीं हुई है — जिस दिन आएगी, यह पेज अपडेट कर दिया जाएगा।
कम मजदूरी मिले तो क्या करें?
- हाजिरी और भुगतान का अपना रिकॉर्ड रखें — डायरी, मैसेज, UPI एंट्री, कुछ भी।
- अपने जिले के श्रम कार्यालय में लिखित शिकायत दें, या राजस्थान संपर्क पोर्टल / हेल्पलाइन 181 पर दर्ज कराएं — शिकायत दर्ज करने और ट्रैक करने का पूरा तरीका यहां है।
- न्यूनतम मजदूरी अधिनियम की धारा 20 के तहत प्राधिकारी बकाया दिलाने के साथ बकाये का 10 गुना तक मुआवजा भी दिला सकता है।
- नियोक्ता शिकायत पर नौकरी से निकाल नहीं सकता — निकाले तो वह अलग से कानूनी मामला बनता है।
राजस्थान के सरकारी पोर्टलों से जुड़ी ऐसी ही काम की जानकारी: नरेगा की जगह आई VB-G RAM G योजना की पूरी ABCD, नरेगा पेमेंट स्टेटस — पैसा कब आएगा और जन सूचना पोर्टल से बिना लॉगिन राशन-पेंशन-नरेगा रिकॉर्ड देखने का तरीका।






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