🛠️ सीधा जवाब (7 अगस्त 2026): पीएम विश्वकर्मा योजना में 18 पारंपरिक कामों (बढ़ई, दर्जी, लोहार, सुनार, कुम्हार, मोची, राजमिस्त्री, नाई, धोबी…) वालों को ट्रेनिंग के ₹500 रोज + ₹15,000 का टूलकिट ई-वाउचर + 5% ब्याज पर ₹3 लाख तक बिना-गारंटी लोन मिलता है। आवेदन CSC/ई-मित्र से मुफ्त — pmvishwakarma.gov.in पर। पात्रता की तीन बड़ी शर्तें और स्टेटस देखने का तरीका नीचे।

जयपुर। राजस्थान के कस्बों-गांवों में लाखों परिवार आज भी हाथ के हुनर से चलते हैं — पर औजार पुराने हैं और उधार महंगा। यह योजना इसी की भरपाई के लिए है: हुनर का सरकारी प्रमाण पत्र, नए औजारों का पैसा और बैंक का सस्ता लोन, तीनों एक पैकेज में। नीचे पूरा नक्शा है — कौन पात्र है, क्या-क्या मिलता है, और फॉर्म कहां भरा जाता है।

क्या-क्या मिलता है — पांच लाभ, क्रम से

लाभकितनाकब
ट्रेनिंग भत्ता₹500 प्रतिदिन5-7 दिन की बेसिक ट्रेनिंग के दौरान
टूलकिट ई-वाउचर₹15,000ट्रेनिंग पूरी होने पर
लोन — पहली किस्त₹1 लाख (5% ब्याज, बिना गारंटी)ट्रेनिंग के बाद, 18 महीने में चुकाना
लोन — दूसरी किस्त₹2 लाख (5% ब्याज)पहली किस्त चुकाने व डिजिटल लेन-देन अपनाने पर
प्रमाण पत्र + ID कार्डपीएम विश्वकर्मा डिजिटल IDपंजीकरण सत्यापन पर

18 काम — पूरी सूची

बढ़ई (सुथार) · नाव निर्माता · अस्त्रकार · लोहार · हथौड़ा-औजार निर्माता · ताला बनाने वाले · सुनार · कुम्हार · मूर्तिकार/पत्थर तराशने वाले · मोची/जूता कारीगर · राजमिस्त्री · टोकरी-चटाई-झाड़ू निर्माता · गुड़िया-खिलौना निर्माता · नाई · माला निर्माता · धोबी · दर्जी · मछली जाल निर्माता।

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शर्त यह है कि काम हाथ और औजार से, पारंपरिक तरीके से होता हो — फैक्ट्री-मशीन आधारित इकाइयां योजना से बाहर हैं।

पात्रता की तीन शर्तें जिन पर सबसे ज्यादा आवेदन कटते हैं

  • एक परिवार, एक लाभ: पति-पत्नी और अविवाहित बच्चों में से सिर्फ एक सदस्य को लाभ — दूसरे का आवेदन सत्यापन में कट जाता है।
  • पुराना सरकारी लोन: पिछले 5 साल में PMEGP, पीएम स्वनिधि या मुद्रा लोन लिया है तो अपात्र (स्वनिधि/मुद्रा चुका चुके हों तो नियम अलग से जांच लें — CSC पर स्क्रीनिंग में साफ हो जाता है)।
  • सरकारी नौकरी: परिवार में कोई सरकारी सेवा में है तो लाभ नहीं मिलता।

आवेदन के 4 स्टेप (मुफ्त — कोई फीस नहीं)

  • 1. नजदीकी CSC/जन सेवा केंद्र जाएं — आधार, आधार से लिंक मोबाइल, बैंक पासबुक और राशन कार्ड/परिवार विवरण साथ लें। आवेदन pmvishwakarma.gov.in पर CSC ही करता है (बायोमेट्रिक जरूरी) — यह सेवा पूरी तरह मुफ्त है, फीस मांगे तो शिकायत करें।
  • 2. तीन-स्तरीय सत्यापन: ग्राम पंचायत/नगर निकाय → जिला कमेटी → स्क्रीनिंग कमेटी। सबसे ज्यादा समय पहले स्तर पर लगता है — सरपंच/वार्ड कार्यालय से पैरवी करते रहें।
  • 3. मंजूरी पर SMS आता है → 5-7 दिन की ट्रेनिंग (₹500/दिन) → प्रमाण पत्र + टूलकिट वाउचर।
  • 4. लोन चाहिए तो ट्रेनिंग के बाद बैंक/पोर्टल से ₹1 लाख की पहली किस्त — ब्याज सिर्फ 5%, बाकी सरकार वहन करती है।

स्टेटस और आगे के काम

  • स्टेटस: pmvishwakarma.gov.in → Login → Applicant/Beneficiary Login → आधार-लिंक मोबाइल + OTP — आवेदन किस स्तर पर है, दिखेगा।
  • पैसा DBT से आता है — भत्ता/वाउचर अटकने की सबसे आम वजह बैंक खाते की आधार-सीडिंग है, 2 मिनट में ऐसे जांचें
  • टूलकिट वाउचर तय औजार-विक्रेताओं पर ही चलता है — नकद नहीं मिलता; 'कैश दिलाने' का दावा करने वाले दलालों से दूर रहें।

काम के और पेज: ई-श्रम कार्ड — असंगठित कामगारों का दूसरा जरूरी कार्ड, SSO ID बनाने की गाइड और काम अटके तो 181/संपर्क पोर्टल पर शिकायत