📵 सीधा जवाब (6 अगस्त 2026): इंदिरा गांधी स्मार्टफोन योजना में अगस्त-नवंबर 2023 में करीब 40 लाख महिलाओं को फोन मिले थे। उसके बाद — कोई नया वितरण चरण घोषित नहीं हुआ है; औपचारिक बंदी की अधिसूचना भी नहीं है। और सबसे जरूरी बात: 'फ्री मोबाइल रजिस्ट्रेशन 2026' कराने वाली हर वेबसाइट फर्जी है — इस योजना में खुद रजिस्ट्रेशन का विकल्प कभी था ही नहीं।

जयपुर। वॉट्सऐप पर हर कुछ हफ्तों में यह मैसेज लौट आता है — 'सरकार फिर बांट रही है फ्री मोबाइल, यहां रजिस्ट्रेशन करें'। लाखों महिलाएं आज भी गूगल पर योजना का नाम खोजती हैं, और इसी तलाश पर ठगों की दुकानें चलती हैं। इसलिए यह पेज — योजना की असली, तारीख-दर-तारीख स्थिति और ठगी से बचाव, दोनों एक जगह।

अब तक क्या हुआ — बिना लाग-लपेट

समयक्या हुआ
अगस्त 2023योजना शुरू (तत्कालीन गहलोत सरकार) — लक्ष्य: चिरंजीवी परिवारों की 1.35 करोड़ महिलाओं को फोन + 3 साल इंटरनेट
अगस्त–नवंबर 2023पहला चरण: शिविरों में करीब 40 लाख फोन बंटे (नरेगा/शहरी रोजगार कार्डधारी, विधवा-एकल नारी पेंशनधारी, सरकारी स्कूल-कॉलेज की छात्राएं प्राथमिकता पर)
दिसंबर 2023सरकार बदली — नई सरकार ने पिछली योजनाओं को समीक्षा में डाला
2024 से अब तककोई नया वितरण चरण नहीं — न दूसरा, न तीसरा; औपचारिक बंदी की घोषणा भी सार्वजनिक नहीं

'रजिस्ट्रेशन 2026' का झूठ — ऐसे पहचानें

  • योजना में आम रजिस्ट्रेशन कभी नहीं था — सूची सरकार जन आधार डेटा से खुद बनाती थी और फोन शिविरों में बंटते थे। यानी 'रजिस्ट्रेशन कराओ' कहने वाला हर लिंक पहली नजर में ही फर्जी है।
  • ऐसे पेज आधार नंबर, OTP या 'प्रोसेसिंग फीस' मांगते हैं — OTP देना = खाता खाली। सरकारी योजना के नाम पर फीस मांगना हमेशा ठगी है।
  • आधिकारिक जानकारी के सिर्फ दो ठिकाने हैं — सरकार की प्रेस विज्ञप्तियां और जन सूचना पोर्टल; बाकी 'yojana' नाम वाली वेबसाइटें निजी हैं।

जिनको फोन मिल चुका है — 2026 की दो जरूरी बातें

  • रिचार्ज की घड़ी: फोन के साथ मिला 3 साल का इंटरनेट-कॉलिंग प्लान 2026 में पूरा हो रहा है (2023 + 3 साल)। प्लान खत्म होते ही रिचार्ज अपनी जेब से — सरकारी विस्तार की कोई घोषणा नहीं है। सिम बंद न हो, इसलिए समय पर रिचार्ज करा लें (वही नंबर बैंक-OTP और योजनाओं से जुड़ा है)।
  • अपना रिकॉर्ड देखें: जन सूचना पोर्टल पर जन आधार नंबर से देखा जा सकता है कि आपके परिवार को योजना का लाभ रिकॉर्ड में दर्ज है या नहीं।

बाकी 95 लाख+ महिलाओं का क्या?

मूल लक्ष्य 1.35 करोड़ का था — पहला चरण ही पूरा हुआ, यानी ज्यादातर पात्र महिलाओं तक फोन पहुंचा ही नहीं। मौजूदा सरकार ने न इसे आगे बढ़ाने की तारीख दी है, न बंद करने की अधिसूचना निकाली है — बजट घोषणाओं में भी इसका जिक्र नहीं रहा। जब तक आधिकारिक घोषणा न हो, 'अगले महीने से बंटेंगे' जैसे हर दावे को अफवाह मानिए। कोई नई घोषणा होते ही हम यह पेज उसी दिन अपडेट करेंगे।

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महिलाओं के काम की पक्की योजनाएं (जो अभी चालू हैं): कन्यादान योजना — बेटी की शादी पर ₹51,000 तक, जननी सुरक्षा — डिलीवरी पर ₹1,400 और वृद्धावस्था पेंशन