🤱 सीधा जवाब (6 अगस्त 2026): सरकारी (या योजना से जुड़े) अस्पताल में डिलीवरी कराने पर जननी सुरक्षा योजना से ग्रामीण महिला को ₹1,400 और शहरी को ₹1,000 मिलते हैं — और बेटी होने पर राजश्री योजना की पहली किस्त ₹2,500 अलग से। साथ में 104/108 एम्बुलेंस मुफ्त। शर्त बस एक: प्रसव अस्पताल में हो, घर पर नहीं। पूरा तरीका नीचे।
जयपुर। 2005 से चल रही इस योजना का गणित सीधा है — सरकार चाहती है कि हर प्रसव अस्पताल में हो, ताकि जच्चा-बच्चा दोनों सुरक्षित रहें; बदले में वह खर्च का हाथ बंटाती है। फिर भी हजारों परिवार हर साल यह पैसा सिर्फ इसलिए छोड़ देते हैं कि उन्हें प्रक्रिया पता नहीं — या पैसा अटक जाता है और पीछा करना नहीं आता। दोनों कमियां यह पेज पूरी करता है।
कितना पैसा, किस हालत में
| लाभ | राशि | शर्त |
|---|---|---|
| JSY — ग्रामीण क्षेत्र की माता | ₹1,400 | संस्थागत प्रसव |
| JSY — शहरी क्षेत्र की माता | ₹1,000 | संस्थागत प्रसव |
| राजश्री योजना — पहली किस्त (बेटी के जन्म पर) | ₹2,500 | सरकारी/JSY-मान्यता प्राप्त अस्पताल में जन्म |
| राजश्री — दूसरी किस्त | ₹2,500 | 1 वर्ष का पूर्ण टीकाकरण |
| 104/108 एम्बुलेंस (आने-जाने) | मुफ्त | — |
यानी बेटी के जन्म पर ग्रामीण परिवार को पहले ही दिन ₹1,400 + ₹2,500 = ₹3,900 का हक बनता है — और आशा सहयोगिनी को भी प्रोत्साहन राशि अलग से मिलती है, इसलिए वे इस प्रक्रिया में आपकी सबसे बड़ी मददगार हैं।
पैसा पक्का मिले, इसके 4 स्टेप (प्रसव से पहले ही)
- 1. गर्भावस्था का पंजीकरण: ANM/आशा सहयोगिनी के पास पंजीकरण कराएं — ममता कार्ड (PCTS पंजीकरण) बनवा लें; JSY भुगतान इसी रिकॉर्ड से जुड़ता है।
- 2. बैंक खाता तैयार: माता के नाम खाता, आधार से NPCI-सीड और चालू — भुगतान DBT से आता है; अटकने की #1 वजह यही सेटिंग है, 2 मिनट में ऐसे जांचें।
- 3. डिलीवरी अस्पताल में: प्रसव पीड़ा शुरू होते ही 104/108 पर कॉल करें — एम्बुलेंस मुफ्त है।
- 4. कागज संभालें: डिस्चार्ज टिकट, ममता कार्ड और बैंक पासबुक की कॉपी — भुगतान/शिकायत दोनों में यही काम आते हैं।
बेटी हुई है? ये दो काम तुरंत करें
- राजश्री की पहली किस्त अस्पताल के रिकॉर्ड से ही प्रोसेस होती है — डिस्चार्ज से पहले काउंटर पर पुष्टि कर लें कि एंट्री हो गई।
- जन्म प्रमाण पत्र 21 दिन में मुफ्त बनता है और आगे हर काम (टीकाकरण रिकॉर्ड, राजश्री की अगली किस्तें, स्कूल दाखिला) में लगेगा — पहचान पोर्टल से बनवाने का तरीका।
- आगे की किस्तों के लिए टीकाकरण समय पर कराते रहें — आंगनवाड़ी/ANM इसका रिकॉर्ड रखती हैं।
पैसा अटक जाए तो सीढ़ी
- 1. अस्पताल का JSY काउंटर/ANM — भुगतान की एंट्री और स्थिति पूछें।
- 2. बैंक-सीडिंग जांचें — आधार-DBT स्टेटस गाइड; खाता बंद/अनसीड होने पर भुगतान लौट जाता है।
- 3. ब्लॉक CHC/जिला CMHO कार्यालय में लिखित शिकायत।
- 4. सुनवाई न हो तो 181/राजस्थान संपर्क पोर्टल — डिस्चार्ज टिकट के साथ शिकायत ID बनवा लें।
मां-बच्चे से जुड़े और काम के पेज: आंगनवाड़ी (पोषाहार-टीकाकरण की पहली कड़ी) की भर्ती गाइड, बेटी की शादी पर कन्यादान योजना के ₹51,000 तक और स्कूल जाते ही बनने वाली APAAR ID।






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