सावन के इस पवित्र महीने में बाबा बर्फानी के दर्शन की यात्रा — अमरनाथ यात्रा 2026 — इस समय जारी है। श्री अमरनाथ जी श्राइन बोर्ड (SASB) के अनुसार इस बार यह पवित्र यात्रा 3 जुलाई 2026 से शुरू होकर 28 अगस्त 2026 (रक्षाबंधन) तक यानी कुल 57 दिन चलेगी। समुद्र तल से करीब 3,880 मीटर की ऊँचाई पर स्थित पवित्र गुफा में हर साल प्राकृतिक रूप से बनने वाले बर्फ के शिवलिंग के दर्शन के लिए देशभर से — राजस्थान से भी हजारों — श्रद्धालु पहुँचते हैं।
एक नज़र में — अमरनाथ यात्रा 2026
| बिंदु | जानकारी |
|---|---|
| यात्रा अवधि | 3 जुलाई से 28 अगस्त 2026 (रक्षाबंधन पर समापन) |
| रजिस्ट्रेशन | ऑनलाइन jksasb.nic.in या SASB ऐप; तय बैंक शाखाओं में ऑफलाइन भी |
| रजिस्ट्रेशन शुल्क | लगभग ₹150 प्रति व्यक्ति |
| दो रूट | पहलगाम (पारंपरिक, ~46 किमी) व बालटाल (छोटा, ~14 किमी) |
| जरूरी | अनिवार्य हेल्थ सर्टिफिकेट (CHC) + फोटो ID (आधार) + RFID कार्ड |
रजिस्ट्रेशन कैसे करें?
- श्राइन बोर्ड की वेबसाइट jksasb.nic.in खोलें या Play Store से "Shri Amarnathji Yatra" ऐप डाउनलोड करें।
- "Yatra Registration" पर जाएं, अपनी जानकारी, यात्रा की तारीख व रूट (पहलगाम/बालटाल) चुनें।
- अधिकृत डॉक्टर/अस्पताल से बना अनिवार्य स्वास्थ्य प्रमाण पत्र (Compulsory Health Certificate) अपलोड करें।
- करीब ₹150 शुल्क भरें — रजिस्ट्रेशन पर्ची व RFID कार्ड मिलेगा। बिना वैध परमिट व RFID कार्ड के किसी भी रूट पर जाना मना है।
बिना ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के, जम्मू व श्रीनगर में मौके पर बनने वाले तत्काल रजिस्ट्रेशन काउंटर से भी परमिट मिल सकता है (सीमित संख्या में)।
दोनों रूट — कौनसा चुनें?
- पहलगाम रूट (अनंतनाग): पारंपरिक व लंबा (~46 किमी, 3–5 दिन) — रास्ता अपेक्षाकृत आसान चढ़ाई वाला, बुजुर्गों के लिए बेहतर माना जाता है।
- बालटाल रूट (गांदरबल): छोटा (~14 किमी) पर खड़ी चढ़ाई — कम दिन में दर्शन, पर शारीरिक रूप से कठिन। यहाँ से हेलिकॉप्टर सेवा भी उपलब्ध रहती है।
राजस्थान से कैसे पहुँचें?
जयपुर, जोधपुर, उदयपुर आदि से पहले जम्मू या श्रीनगर तक ट्रेन/फ्लाइट से पहुँचें। जम्मू से पहलगाम/बालटाल के लिए बस व टैक्सी मिलती हैं। कई श्रद्धालु जम्मू से श्राइन बोर्ड द्वारा अधिकृत यात्रा वाहनों/समूह के साथ बेस कैंप तक जाते हैं।
जरूरी सावधानियां
- ऊँचाई पर ऑक्सीजन कम होती है — यात्रा से पहले रोज़ टहलने/हल्के व्यायाम से शरीर को तैयार करें।
- गर्म व वाटरप्रूफ कपड़े, अच्छे ट्रैकिंग जूते, टॉर्च व जरूरी दवाइयां साथ रखें।
- बीच-बीच में पानी पीते रहें; तबीयत बिगड़े तो तुरंत नज़दीकी मेडिकल कैंप पर रुकें।
- सिर्फ अधिकृत रास्ते व निर्देशों का पालन करें — मौसम खराब होने पर यात्रा रोकी जा सकती है।
सावन के इस महीने में शिव भक्ति से जुड़ी और जानकारी: सावन शिवरात्रि 2026, सावन सोमवार व्रत लिस्ट 2026 और कांवड़ यात्रा 2026।
⚠️ नोट: यात्रा तिथियां, रजिस्ट्रेशन शुल्क व नियम श्री अमरनाथ जी श्राइन बोर्ड द्वारा तय होते हैं और बदल सकते हैं। यात्रा से पहले jksasb.nic.in पर नवीनतम आधिकारिक जानकारी व मौसम की स्थिति जरूर देखें।






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