✅ सीधा जवाब: पंचायत चुनाव 2026 में गांव का हर वोटर 4 वोट, 2 अलग दिन डालेगा। पहले दिन EVM पर जिला परिषद सदस्य और पंचायत समिति सदस्य, फिर दो दिन बाद मतपेटी में सरपंच (सफेद मतपत्र) और वार्ड पंच (गुलाबी मतपत्र)। मतदान सुबह 7 से शाम 6 बजे तक। वोटर आईडी न हो तो आयोग के तय 11 फोटो दस्तावेजों में से कोई एक मूल दस्तावेज, जो चुनाव की घोषणा से पहले जारी हुआ हो।
🗓️ पहला चरण: EVM वाला वोट 22 अक्टूबर (गुरुवार), मतपेटी वाला वोट 24 अक्टूबर (शनिवार)। बाकी चरण: 28 और 30 अक्टूबर, 3 और 5 नवंबर, 14 और 16 नवंबर। आपकी पंचायत समिति किस चरण में है: जिलेवार चरण सूची देखें →
राजस्थान की 14,403 ग्राम पंचायतों में इस बार 4,03,07,308 मतदाता 45,384 मतदान केंद्रों पर वोट डालेंगे। इस चुनाव में वोट दो तरह से पड़ेगा: जिला परिषद और पंचायत समिति के लिए मशीन, सरपंच और पंच के लिए कागज़ का मतपत्र। दोनों के दिन अलग हैं, मतपत्र के रंग अलग हैं, और मतपत्र पर उम्मीदवार का नाम छपा नहीं, हाथ से लिखा होगा। नीचे हर बात राज्य निर्वाचन आयोग के आदेश की असली कॉपी के साथ है। पहले 55 सेकंड का वीडियो देख लीजिए:
चार वोट, दो दिन: किस दिन कौन-सा वोट
| वोट | किस दिन | कैसे |
|---|---|---|
| 1. जिला परिषद सदस्य | पहला दिन | EVM पर बटन |
| 2. पंचायत समिति सदस्य | पहला दिन | EVM पर बटन |
| 3. सरपंच | दो दिन बाद | सफेद मतपत्र पर मुहर, मतपेटी में |
| 4. वार्ड पंच | दो दिन बाद | गुलाबी मतपत्र पर मुहर, मतपेटी में |
जिस पद पर कोई उम्मीदवार पहले ही निर्विरोध चुना जा चुका है, वहां उस पद का वोट नहीं पड़ता, इसलिए कुछ गांवों में वोट चार से कम भी हो सकते हैं।

आपके चरण की तारीखें
| चरण | EVM वाला वोट (जिला परिषद, पंचायत समिति) | मतपेटी वाला वोट (सरपंच, पंच) | उप-सरपंच चुनाव |
|---|---|---|---|
| पहला | 22 अक्टूबर (गुरुवार) | 24 अक्टूबर (शनिवार) | 25 अक्टूबर |
| दूसरा | 28 अक्टूबर (बुधवार) | 30 अक्टूबर (शुक्रवार) | 31 अक्टूबर |
| तीसरा | 3 नवंबर (मंगलवार) | 5 नवंबर (गुरुवार) | 6 नवंबर |
| चौथा | 14 नवंबर (शनिवार) | 16 नवंबर (सोमवार) | 17 नवंबर |
आयोग ने 6 अक्टूबर को आदेश 10090 से पहले तीन चरणों की तारीखें एक-एक दिन पहले कर दीं; पुराने कार्यक्रम में तीसरे चरण का सरपंच मतदान 6 नवंबर, धनतेरस के दिन था। चौथे चरण की तारीखें वही हैं जो 3 अक्टूबर को घोषित हुई थीं। सभी जिलों में चार चरण नहीं हैं: किसी जिले में एक, किसी में दो, तीन या चार चरणों में मतदान है, इसलिए अपनी पंचायत समिति का चरण यहां देख लीजिए।

मतपत्र पहचानिए: सफेद सरपंच का, गुलाबी पंच का
दूसरे दिन मतदान केंद्र पर आपको दो मतपत्र मिलेंगे। आयोग के 2 अक्टूबर 2026 के निर्देश (क्रमांक 9809) के मुताबिक सरपंच का मतपत्र सफेद और वार्ड पंच का मतपत्र गुलाबी रंग का होगा। गिनती में भी यही रंग काम आता है: आयोग के गिनती वाले निर्देश में पंचों के गुलाबी और सरपंच के सफेद मतपत्रों के अलग-अलग बंडल बनाने को कहा गया है।


एक बात जो बहुत लोगों को चौंकाएगी: मतपत्र पर उम्मीदवारों के नाम छपे नहीं होंगे। मतपत्र पर सिर्फ चुनाव चिन्ह छपे होते हैं। नामांकन, जांच और नाम वापसी एक ही दिन (मतदान से एक दिन पहले) होते हैं, इसलिए उसके बाद मतदान दल हर उम्मीदवार का नाम उसके चिन्ह के सामने काले बॉल पेन से हाथ से लिखता है। इसलिए बूथ पर जाने से पहले अपने उम्मीदवार का चुनाव चिन्ह पक्का जान लीजिए।

नोटा (इनमें से कोई नहीं) का विकल्प भी मतपत्र पर रहेगा, पर वह छपा नहीं होगा: आयोग का छपा हुआ नोटा स्टिकर आखिरी उम्मीदवार के ठीक बाद चिपकाया जाता है। एक मतपत्र पर 10 खाने होते हैं; उम्मीदवार ज़्यादा हों तो मतपत्र के नीचे अतिरिक्त पर्चियां जोड़कर उसे लंबा किया जाता है, इसलिए किसी गांव में मतपत्र सामान्य से लंबा दिखे तो हैरान मत होइए।

मुहर कैसे लगानी है, यह मतपत्र वाले वोट का सबसे नाजुक हिस्सा है: निशान सिर्फ बूथ पर दी गई मुहर से, एक ही उम्मीदवार के खाने में। टिक, अंगूठा, दो खानों में मुहर या उम्मीदवार के साथ नोटा पर निशान, ये सब वोट खारिज करा देते हैं। आयोग के 11 असली उदाहरणों के साथ पूरी जानकारी: मतपत्र पर ये 11 गलतियां कीं तो वोट खारिज।
पहचान के लिए क्या ले जाएं: वोटर आईडी या ये 11 दस्तावेज
वोट डालने के लिए मुख्य दस्तावेज भारत निर्वाचन आयोग का वोटर आईडी कार्ड (EPIC) है। आयोग के 30 जुलाई 2026 के आदेश (क्रमांक 5310) के मुताबिक वोटर आईडी न दिखा पाएं तो इन 11 में से कोई एक मूल फोटो दस्तावेज मान्य है:
- आधार कार्ड
- VB-G RAM G / मनरेगा जॉब कार्ड
- बैंक या डाकघर की फोटो वाली पासबुक
- श्रम मंत्रालय का स्वास्थ्य बीमा स्मार्ट कार्ड / आयुष्मान भारत हेल्थ कार्ड
- ड्राइविंग लाइसेंस
- पैन कार्ड
- भारतीय पासपोर्ट
- फोटो वाला पेंशन दस्तावेज
- केंद्र/राज्य सरकार, सार्वजनिक उपक्रम या पब्लिक लिमिटेड कंपनी का फोटो वाला सेवा पहचान पत्र
- सांसदों और विधायकों का सरकारी पहचान पत्र
- UDID (यूनिक डिसएबिलिटी आईडी) कार्ड
दो शर्तें ध्यान रखिए: दस्तावेज चुनाव की घोषणा से पहले जारी हुआ हो, और उस पर कोई वैधता तारीख लिखी हो तो वह उस तारीख तक ही मान्य है। फोटोकॉपी नहीं, मूल दस्तावेज ले जाइए।


घर के बुजुर्गों के लिए एक राहत: परिवार का मुखिया अपने वोटर आईडी या वैकल्पिक दस्तावेज के आधार पर परिवार के उन सदस्यों की पहचान करा सकता है जो उसके साथ आएं, बशर्ते मुखिया उनकी पहचान स्थापित कर सके। और एक चेतावनी भी इसी आदेश में है: किसी और के नाम से या नकली पहचान पत्र से वोट डालने की कोशिश पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 172 (प्रतिरूपण) के तहत कार्रवाई होगी।

बूथ पर: समय, कतार और मदद
मतदान सुबह 7 बजे शुरू होकर शाम 6 बजे बंद होगा। शाम 6 बजे तक जो मतदाता मतदान केंद्र के परिसर में पहुंच चुके होंगे, उन्हें कतार में लगाकर वोट डलवाया जाएगा, इसलिए 6 बजने से पहले परिसर के अंदर पहुंचना काफी है।

इस बार नए परिसीमन से कई वार्डों की सीमाएं और मतदान केंद्र बदल गए हैं। इसलिए मतदान वाले दिन मतदान भवन के पास मतदाता सहायता केंद्र (Voter Assistance Booth) लगेगा, जहां बूथ लेवल अधिकारी स्तर के कर्मचारी मतदाता सूची में आपका क्रमांक और बूथ बताएंगे। किसी शिकायत के लिए आयोग का चुनाव नियंत्रण कक्ष 24 घंटे खुला है: 0141-2227407।

दो दिन, दो बार स्याही: दूसरी बार दायां हाथ
पहले दिन EVM पर वोट डालते समय उंगली पर अमिट स्याही लगेगी। दो दिन बाद सरपंच-पंच का वोट डालने जाएंगे तब तक वह निशान दिख रहा होगा, तो आयोग के निर्देश के मुताबिक इस बार स्याही दाएं हाथ की तर्जनी उंगली पर लगेगी। अधिकारी दायां हाथ मांगे तो वह नियम के मुताबिक ही है।

नतीजा कब आएगा
सरपंच और वार्ड पंच: मतदान खत्म होते ही उसी दिन ग्राम पंचायत मुख्यालय पर गिनती होगी और नतीजा उसी दिन घोषित होगा। अगले दिन नए पंच और सरपंच मिलकर उप-सरपंच चुनते हैं।

जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्य: EVM के वोट सभी चरणों के बाद एक साथ गिने जाएंगे, 20 नवंबर 2026 (शुक्रवार) को सुबह 8 बजे से जिला मुख्यालय पर। उसके बाद जिला प्रमुख का चुनाव 25 नवंबर, उप जिला प्रमुख 26 नवंबर, प्रधान 27 नवंबर और उप प्रधान 28 नवंबर को होगा। बारां, श्रीगंगानगर, करौली और कोटा के प्रमुख-प्रधान का कार्यकाल दिसंबर 2026 में पूरा होता है, इसलिए वहां इन पदों की तारीखें आयोग अलग से बताएगा।

वोट डालने के 7 कदम
- अपना चरण देखिए: अपनी पंचायत समिति का चरण और दोनों तारीखें जिलेवार सूची में देखिए।
- पहचान साथ रखिए: वोटर आईडी, या ऊपर के 11 में से कोई एक मूल फोटो दस्तावेज।
- पहले दिन, EVM: जिला परिषद सदस्य और पंचायत समिति सदस्य के लिए मशीन पर बटन दबाइए।
- दो दिन बाद, दो मतपत्र: सफेद मतपत्र सरपंच का, गुलाबी वार्ड पंच का। उम्मीदवार का नाम हाथ से लिखा होगा, अपने उम्मीदवार का चिन्ह पहचानिए।
- सिर्फ दी गई मुहर से, एक खाने में: टिक, अंगूठा या दो खानों में मुहर से वोट खारिज हो जाता है।
- गलती हो जाए तो: मतपत्र पेटी में डालने से पहले मतदान अधिकारी को लौटाइए, नियम 42 के तहत नया मतपत्र मिल सकता है।
- स्याही: दूसरे दिन पहले वाली स्याही दिख रही हो तो इस बार दाएं हाथ की तर्जनी पर लगेगी।
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- पंचायत चुनाव 2026: आपकी पंचायत में मतदान किस तारीख को
- सरपंच चुनाव चिन्ह 2026: मतपत्र पर दिखने वाले सभी चिन्ह
- उप-सरपंच का चुनाव कैसे होता है 2026
- पंचायत चुनाव की तारीख धनतेरस के कारण क्यों बदली
स्रोत: राज्य निर्वाचन आयोग, राजस्थान: चुनाव कार्यक्रम प्रेस नोट और परिशिष्ट-A (9836, 3 अक्टूबर 2026), संशोधित समय-सारणी आदेश 10090 (6 अक्टूबर 2026), पंच-सरपंच चुनाव मतपेटी से कराने के दिशा-निर्देश 9809 (2 अक्टूबर 2026), EVM और मतपेटी का आदेश 1711 (13 फरवरी 2026), पंच-सरपंच मतगणना आदेश 1323 (3 फरवरी 2026), मतदाता पहचान के वैकल्पिक दस्तावेज आदेश 5310 (30 जुलाई 2026), अमिट स्याही आदेश 1408 व पत्र 2235 (25 जून 2019); पंचायती राज (निर्वाचन) नियम 1994, नियम 42। फोटो: अलवर के जलगांव के मतदान केंद्र पर महिला मतदाता की उंगली पर स्याही लगाते मतदान अधिकारी, लोकसभा चुनाव 2009, भारत निर्वाचन आयोग (GODL-India), विकिमीडिया कॉमन्स के जरिए (प्रतीकात्मक)।







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