✅ सीधा जवाब: राजस्थान का सबसे ऊंचा पहाड़ गुरु शिखर है, सिरोही ज़िले में माउंट आबू के ऊपर, समुद्र तल से 1,722 मीटर। जिला जनगणना पुस्तिका इसे हिमालय और नीलगिरि के बीच की सबसे ऊंची जगह कहती है। जयपुर शहर से यह चोटी करीब 1,300 मीटर ऊपर है।
राजस्थान का नाम आते ही रेत याद आती है। पर राज्य के दक्षिण-पश्चिम कोने में, गुजरात की सीमा के पास, एक पहाड़ मैदान से अचानक उठता है और 1,722 मीटर तक जाता है। नीचे का वीडियो इसी पहाड़ को असली ऊंचाई के आंकड़ों से बने 3D नक्शे पर दिखाता है। इस लेख में वही बातें हैं, सरकारी दस्तावेज़ों की कटिंग के साथ, ताकि हर आंकड़ा आप खुद पढ़ सकें।
1,722 मीटर: जनगणना पुस्तिका क्या कहती है
भारत की जनगणना 2011 की जिला जनगणना पुस्तिका सिरोही (भाग XII-A) के पेज 18 पर ज़िले की भौगोलिक बनावट लिखी है। उसके मुताबिक माउंट आबू करीब 1,219 मीटर की ऊंचाई पर एक ऊबड़-खाबड़ पठार पर बसा है, जिसके चारों ओर चोटियां और कटक हैं। आबू रोड तहसील का ओरिया का पठार माउंट आबू स्टेशन से करीब आठ किलोमीटर दूर है और आबू से 152 मीटर ऊंचा है, और वह भी 'गुरु शिखर' की मुख्य चोटी से नीचे है, जो समुद्र तल से 1,722 मीटर ऊपर है। पुस्तिका इसी वाक्य में जोड़ती है कि यह हिमालय और नीलगिरि के बीच की सबसे ऊंची जगह है।

यानी राजस्थान की सबसे ऊंची चोटी किसी पहाड़ी राज्य की नहीं, उसी ज़िले की है जिसका बड़ा हिस्सा पुस्तिका के शब्दों में "थार मरुस्थल का पूर्वी किनारा" है।
मैदान से पत्थर का टापू: आबू रोड से गुरु शिखर
यह पहाड़ धीरे-धीरे नहीं चढ़ता। भारत का राजपत्र (11 नवंबर 2020, S.O. 4047(E)), जिसमें पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने माउंट आबू वन्यजीव अभयारण्य का पारिस्थितिकी संवेदी क्षेत्र घोषित किया, इसे अपने शब्दों में कहता है: पहाड़ियों का यह अलग समूह "समतल मैदान से अचानक पत्थर के टापू की तरह उठता है"। वही अधिसूचना अभयारण्य की ऊंचाई 300 से 1,722 मीटर के बीच बताती है, और उसका क्षेत्र 326.09 वर्ग किलोमीटर, सिरोही ज़िले की आबू रोड, पिंडवाड़ा और रेवदर तहसीलों में।

यह चढ़ाई कितनी है, इसके लिए हमने यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी के खुले Copernicus DEM (90 मीटर) उपग्रह ऊंचाई आंकड़े पढ़े। ये आंकड़े 90 मीटर के खानों का औसत देते हैं, इसलिए शहरों के लिए "करीब" पढ़िए:
| जगह | ऊंचाई (करीब, मीटर) | स्रोत |
|---|---|---|
| गुरु शिखर (चोटी) | 1,722 | जनगणना पुस्तिका / राजपत्र |
| माउंट आबू शहर | 1,219 | जनगणना पुस्तिका |
| उदयपुर (सिटी पैलेस) | 600 | Copernicus DEM |
| जयपुर (हवा महल) | 443 | Copernicus DEM |
| सिरोही शहर | 308 | Copernicus DEM |
| जोधपुर (किला) | 299 | Copernicus DEM |
| आबू रोड स्टेशन | 265 | Copernicus DEM |
| जैसलमेर (किला) | 252 | Copernicus DEM |
| कोटा | 238 | Copernicus DEM |
| बीकानेर | 229 | Copernicus DEM |
आबू रोड स्टेशन करीब 265 मीटर पर है और चोटी 1,722 पर: यानी स्टेशन से करीब 1,450 मीटर की सीधी चढ़ाई। जयपुर से यह चोटी करीब 1,300 मीटर ऊपर है, और राज्य के ज़्यादातर बड़े शहर 220 से 450 मीटर के बीच हैं। इसीलिए नक्शे पर यह पहाड़ टापू जैसा दिखता है।
माउंट आबू शहर सबसे ऊपर नहीं है
बहुत लोग मानते हैं कि माउंट आबू का बाज़ार ही सबसे ऊंची जगह है। जनगणना पुस्तिका के मुताबिक शहर करीब 1,219 मीटर पर है, ओरिया का पठार उससे 152 मीटर और ऊपर, और गुरु शिखर की मुख्य चोटी उससे भी ऊपर, 1,722 मीटर पर। पुस्तिका के पर्यटन वाले हिस्से में यह भी लिखा है कि गुरु शिखर अचलगढ़ से थोड़ा आगे है।

सबसे पुरानी पर्वतमालाओं में, और राजस्थान-गुजरात के बीच अकेला हिल स्टेशन
राजपत्र की वही अधिसूचना अरावली को "the oldest mountain ranges", यानी सबसे पुरानी पर्वतमालाओं में गिनती है। ('दुनिया की सबसे पुरानी' शब्द राजपत्र में नहीं हैं, इसलिए हम भी वही कह रहे हैं जो दस्तावेज़ कहता है।) अधिसूचना यह भी लिखती है कि माउंट आबू राजस्थान और गुजरात के बीच अकेला हिल स्टेशन है, जहां हर साल 15 लाख से ज़्यादा पर्यटक आते हैं, और अभयारण्य में वनस्पतियों के 112 कुल, 449 वंश और 820 प्रजातियां दर्ज हैं।

यह नक्शा कैसे बना
वीडियो का नक्शा किसी कलाकार की कल्पना नहीं है। यह Copernicus DEM GLO-90 के 80 टाइलों (23° से 31° उत्तर, 69° से 79° पूर्व) से बना है, जिनमें हर 90 मीटर पर ज़मीन की ऊंचाई दर्ज है। इस डेटा में पूरे राजस्थान की ऊंचाई का फर्क सिर्फ कुछ सौ मीटर है, इसलिए पहाड़ दिखाने के लिए ऊंचाई 12 गुना बढ़ाकर दिखाई गई है, और यह बात वीडियो के हर फ्रेम पर लिखी है। रंग कागज़ के नक्शे जैसे रखे गए हैं, उपग्रह तस्वीर नहीं। अरावली की कतार, थार का मैदान और आबू का टापू जैसा पहाड़, तीनों इसी डेटा से अपने आप उभरते हैं।
यह "राजस्थान भूगोल" सीरीज़ का पहला एपिसोड है। हर एपिसोड में राज्य के नक्शे की एक बात, सरकारी दस्तावेज़ की कटिंग के साथ। आप कभी गुरु शिखर गए हैं तो नीचे कमेंट में बताइए कि ऊपर से क्या दिखा था, और किस मौसम में गए थे।
कवर फोटो: गुरु शिखर, माउंट आबू। Akshaykhaire23, Wikimedia Commons, CC BY-SA 4.0। नक्शा: Copernicus DEM GLO-90 (ESA) से, ऊंचाई 12 गुना बढ़ाकर।







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