जयपुर। राजस्थान सरकार की गोपाल क्रेडिट कार्ड योजना (सरकारी नाम: राजस्थान सहकारी गोपाल क्रेडिट कार्ड ऋण योजना) में गोपालक परिवारों को ₹1 लाख तक का ब्याज मुक्त, अल्पकालीन (short term) ऋण देने का प्रावधान है। बजट भाषण के अनुसार यह ऋण गौवंश के लिए शेड और खेली बनाने तथा दूध, चारा और बांटा से जुड़े उपकरण खरीदने के लिए है। सहकारिता विभाग के आवेदन-फॉर्म में ऋण की अवधि 12 महीने लिखी है और पैसा 12 बराबर मासिक किश्तों में उसी खाते से लौटता है जिसमें डेयरी समिति दूध का भुगतान करती है। आवेदन SSO ID से राज-सहकार पर, जन आधार और OTP के साथ होता है। 2026-27 के लिए सरकार ने 1 लाख गोपालकों का लक्ष्य और ₹80 करोड़ रखे हैं। नीचे हर बात उसी सरकारी दस्तावेज़ की कॉपी के साथ है जिसमें वह लिखी है।
आज की स्थिति (25 अक्टूबर 2026): योजना सहकारिता विभाग की है और वित्तीय वर्ष 2024-25 से चल रही है। राज्य के 2026-27 के आउटपुट-आउटकम बजट में 2024-25 की उपलब्धि के आगे लिखा है कि 33,929 गोपालकों का अनुदान अगले साल देय है, और 2026-27 का लक्ष्य 1,00,000 गोपालकों को ब्याज मुक्त ऋण है, जिसके लिए ₹80 करोड़ रखे गए। 11 फरवरी 2026 के बजट भाषण में इस योजना पर कोई नई घोषणा नहीं है। ऋण के कागज़ों पर स्टाम्प ड्यूटी 19 फरवरी 2025 की अधिसूचना से माफ है। आवेदन के नियम विभाग के अगस्त 2024 के यूज़र मैनुअल से लिए गए हैं; 2025-26 के बजट में प्रावधान सरल करने की घोषणा हुई थी, इसलिए फॉर्म की शर्तें उसके बाद बदली हो सकती हैं।
गोपाल क्रेडिट कार्ड: एक नज़र में
| बात | सरकारी दस्तावेज़ में क्या लिखा है | कहां लिखा है |
|---|---|---|
| ऋण की रकम | ₹1 लाख तक, ब्याज मुक्त, अल्पकालीन | बजट 2024-25 (लेखानुदान), पैरा 24 |
| किस काम के लिए | गौवंश के लिए शेड, खेली का निर्माण, दुग्ध/चारा/बांटा से जुड़े उपकरण | बजट 2024-25 (लेखानुदान), पैरा 24 |
| ऋण की अवधि | 12 महीने | विभाग का आवेदन-फॉर्म (यूज़र मैनुअल) |
| चुकाना कैसे | 12 बराबर मासिक किश्तें, दूध-भुगतान वाले खाते से ECS मेंडेट | आवेदन-फॉर्म का घोषणा-पत्र |
| डेयरी समिति | डेयरी सहकारी समिति की अनुशंसा अपलोड करनी है | आवेदन-फॉर्म |
| जमानत | दो जमानतदार और रहन के लिए संपत्ति का ब्योरा | आवेदन-फॉर्म |
| एक परिवार में | एक ही सदस्य को इस योजना का ऋण | आवेदन-फॉर्म का घोषणा-पत्र |
| आवेदन | SSO ID से राज-सहकार पर, जन आधार और OTP से; 28 अगस्त 2024 से | यूज़र मैनुअल; विधानसभा प्रश्न 1168 |
| स्टाम्प ड्यूटी | ऋण स्वीकृति के कागज़ों पर माफ | अधिसूचना S.O.121, 19 फरवरी 2025 |
| 2026-27 का लक्ष्य | 1,00,000 गोपालक, ₹80 करोड़ (राज्य निधि) | आउटपुट-आउटकम बजट 2026-27 |
1. घोषणा: ₹1 लाख तक, बिना ब्याज, गौवंश और दूध के काम के लिए
8 फरवरी 2024 को विधानसभा में रखे लेखानुदान 2024-25 के बजट भाषण (पैरा 24) में वित्त मंत्री ने कहा कि गांवों के परिवार खेती के साथ दूध उत्पादन पर भी बहुत निर्भर हैं। इसी के लिए उन्होंने किसान क्रेडिट कार्ड की तर्ज पर 'Gopal Credit Card' (GCC) योजना शुरू करने की घोषणा की। भाषण में ऋण के तीन काम गिनाए गए हैं: गौवंश के लिए शेड, खेली का निर्माण, और दूध, चारा व बांटा से जुड़े उपकरण खरीदना। पहले चरण में लगभग 5 लाख गोपालक परिवारों को ऋण देने की बात कही गई।

2024 के बजट सत्र में विधानसभा के एक लिखित सवाल (अतारांकित प्रश्न 1168) के जवाब में सहकारिता विभाग ने बताया कि "राजस्थान सहकारी गोपाल क्रेडिट कार्ड ऋण योजना" वित्तीय वर्ष 2024-25 में जारी हुई है और "दिनांक 28.08.2024 से आवेदन लिया जाकर ऋण वितरण किया जाना प्रस्तावित है"। यह जवाब विधानसभा की प्रश्न वेबसाइट पर सदन 16, सत्र 2 चुनकर विषय में "गोपाल" लिखने पर मिलता है।
2. किसके लिए: फॉर्म डेयरी समिति से जुड़ा है
पात्रता की अलग सूची इन दस्तावेज़ों में नहीं है, पर विभाग का आवेदन-फॉर्म बताता है कि ऋण किस तरह के गोपालक के लिए बना है। यह फॉर्म राज-सहकार के यूज़र मैनुअल ("प्रशिक्षण मैनुअल: गोपाल क्रेडिट कार्ड के लिए आवेदन") में दिखाया गया है:
- गोपालक किस ग्राम सेवा सहकारी समिति के क्षेत्र में रहता है: जिला, बैंक, शाखा और पैक्स का नाम।
- क्या गोपालक डेयरी सहकारी समिति को दूध बेचता है (हां/नहीं), और अगर वह पैक्स या लैम्पस का सदस्य है तो सदस्यता क्रमांक।
- गोपालक का वह बैंक खाता जिसमें डेयरी सहकारी समिति से दूध का भुगतान आता है।
- डेयरी सहकारी समिति की अनुशंसा अपलोड करनी है, और फॉर्म में डेयरी समिति द्वारा अनुशंसित ऋण राशि भी भरी जाती है।
फॉर्म में "पशुपालक परिवार" की परिभाषा भी दी है: पति/पत्नी, आश्रित माता-पिता, 25 वर्ष से कम उम्र के अविवाहित बेटे-बेटी, और परित्यक्ता, विधवा या तलाकशुदा बेटी। एक परिवार में एक ही सदस्य इस योजना का ऋण ले सकता है (नीचे घोषणा-पत्र देखें)।

फॉर्म में दूध बेचने वाले सवाल का जवाब "हां" या "नहीं" दोनों हो सकता है, पर डेयरी समिति की अनुशंसा, दूध-भुगतान वाला खाता और उसी खाते से किश्तें, ये तीनों बताते हैं कि योजना डेयरी समिति से जुड़े गोपालकों के लिए बनी है। इसलिए आवेदन से पहले अपनी डेयरी समिति से अनुशंसा के बारे में बात कर लें।
3. रकम, अवधि और किश्तें: 12 महीने, 12 किश्तें
आवेदन-फॉर्म के "अन्य विवरण" हिस्से में ये बातें भरी जाती हैं: वांछित साख सीमा (ऋण राशि), डेयरी सहकारी समिति द्वारा अनुशंसित राशि, ऋण का उद्देश्य, क्या गोपालक का केन्द्रीय सहकारी बैंक में बचत खाता है, और बजट घोषणा में अनुमत कामों की कुल लागत का सबूत (एस्टीमेट, कोटेशन या स्वप्रमाणित हस्तलिखित ब्योरा)। ऋण अवधि का खाना पहले से 12 महीने भरा हुआ है।
फॉर्म जमा करने से पहले चार घोषणाओं पर टिक करना होता है। पहली घोषणा कहती है कि ऋण बंटने से पहले गोपालक उस खाते का, जिसमें डेयरी समिति दूध का भुगतान करती है, स्वीकृत राशि की 12 समान मासिक किश्तों का ECS मेंडेट केन्द्रीय सहकारी बैंक की शाखा में खुले ऋण खाते के लिए जमा करेगा। दूसरी घोषणा कहती है कि परिवार के किसी दूसरे सदस्य ने पहले इस योजना का ऋण नहीं लिया है और आगे भी नहीं लेगा। तीसरी में सभी तरह के बीमा के लिए सहमति है, और चौथी में जानकारी सही होने और समिति, लैम्पस, बैंक और सहकारी विभाग की शर्तें मानने की घोषणा।


ब्याज के बारे में: बजट भाषण ऋण को ब्याज मुक्त कहता है और 2026-27 का आउटपुट-आउटकम बजट इसे "अनुदान" (Subsidy) वाली योजना के रूप में दिखाता है, जिसका पूरा पैसा (₹80 करोड़) राज्य निधि से है। बैंक की ब्याज दर कितनी है और उसमें से कितना सरकार भरती है, यह बंटवारा इन दस्तावेज़ों में नहीं लिखा है। किश्त चूकने पर क्या होगा, यह भी इनमें नहीं है, इसलिए ऋण लेते समय बैंक से लिखित में पूछें।
4. फॉर्म में कौन से कागज़ और ब्योरे लगते हैं
- अपना ब्योरा: नाम, पिता/पति का नाम, जन्म तिथि, आधार संख्या, पैन कार्ड नंबर, मोबाइल नंबर। आधार कार्ड और पैन कार्ड की कॉपी अपलोड (2 MB तक)।
- पता: जन आधार वाला पता चुनने का विकल्प, या अलग से भरें।
- बैंक खाता: वह खाता जिसमें डेयरी समिति से दूध का पैसा आता है (खाता नंबर, IFSC, बैंक, शाखा)।
- रहन (गिरवी) के लिए संपत्ति: खेती की ज़मीन का ब्योरा और जमाबंदी की कॉपी, या दूसरी संपत्ति (ज़मीन/भवन का पट्टा) और उसकी कॉपी, दोनों का बाज़ार मूल्य।
- खेती की ज़मीन: गांव, पटवार सर्किल, सिंचित और असिंचित क्षेत्र (हेक्टेयर), खसरा नंबर।
- पुराना फसली ऋण: सहकारी समिति या दूसरी संस्था से लिए गए फसली ऋण की बकाया राशि।
- दो जमानतदार: हर एक का नाम, पिता/पति का नाम, जन्म तिथि, जन आधार, आधार, पैन, मोबाइल, पता, ज़मीन/संपत्ति का ब्योरा और मूल्य, फोटो और हस्ताक्षर।
- डेयरी समिति की अनुशंसा और काम की लागत का सबूत (एस्टीमेट, कोटेशन या स्वप्रमाणित हस्तलिखित ब्योरा, 5 MB तक)।
यह सूची अगस्त 2024 के फॉर्म की है। 2025-26 के बजट (पैरा 142) में "योजना के प्रावधानों को सरल" करने की घोषणा हुई थी, इसलिए आवेदन के समय मौजूदा फॉर्म में कुछ खाने बदले हुए मिल सकते हैं।
5. आवेदन कैसे करें, कदम-दर-कदम
विभाग का मैनुअल "नागरिक" स्तर के उपयोगकर्ता के लिए है, यानी गोपालक अपनी SSO ID से खुद आवेदन कर सकता है:
- SSO राजस्थान पर अपनी SSO ID और पासवर्ड से लॉग-इन करें।
- एप्लिकेशन बटन दबाएं, खोज में "राजसहकार" लिखें और राजसहकार आइकन पर क्लिक करें।
- मेनू में गोपाल क्रेडिट कार्ड के नीचे "जीसीसी के लिए आवेदन" चुनें।
- "नया गोपाल क्रेडिट कार्ड या प्रोफाइलिंग जोड़ें" पर क्लिक करें। सेव किया गया आवेदन सूची में दिखता है, जहां से उसे देखा या बदला जा सकता है।
- आवेदक का जन आधार नंबर डालकर "सत्यापित करें" दबाएं, परिवार की सूची में से आवेदक चुनें और OTP भेजकर सत्यापित करें।
- फॉर्म के सारे खाने भरें, कागज़ अपलोड करें, चारों घोषणाओं पर टिक करें और सेव करें।
मैनुअल में आवेदन की सूची के आगे "PARTIALLY SUBMITTED" और "SUBMITTED" जैसी स्थिति दिखती है, यानी अधूरा फॉर्म सेव करके बाद में पूरा किया जा सकता है। जन आधार में परिवार का ब्योरा पहले से सही होना चाहिए, क्योंकि आवेदक उसी सूची से चुना जाता है: जन आधार में नाम कैसे जोड़ें।
6. 2025-26 बजट: 2.5 लाख परिवार और स्टाम्प ड्यूटी माफ
19 फरवरी 2025 के बजट भाषण (पैरा 117) में घोषणा हुई कि अगले साल गोपाल क्रेडिट कार्ड योजना में 2 लाख 50 हजार गोपालक परिवारों को ब्याज मुक्त ऋण दिया जाएगा, और इसके लिए ₹150 करोड़ का अनुदान रखा गया।


उसी भाषण में स्टाम्प ड्यूटी की घोषणाओं के साथ (पैरा 142) गोपाल क्रेडिट कार्ड के लिए जरूरी सभी दस्तावेज़ों पर स्टाम्प ड्यूटी माफ करने और योजना के प्रावधान सरल करने का प्रस्ताव आया। उसी दिन वित्त विभाग (कर) की अधिसूचना S.O.121 राजस्थान राजपत्र में छपी, जो राजस्थान स्टाम्प अधिनियम 1998 की धारा 9(1) के तहत इस योजना में ऋण स्वीकृति के कागज़ों पर लगने वाली स्टाम्प ड्यूटी माफ करती है।


7. 2026-27: भाषण में कुछ नया नहीं, लक्ष्य 1 लाख गोपालक
11 फरवरी 2026 को पेश 2026-27 के बजट भाषण में गोपाल क्रेडिट कार्ड का कोई पैरा नहीं है। उसके सहकारिता वाले हिस्से (पैरा 182) में ब्याज मुक्त अल्पकालीन फसली ऋण की घोषणा है (35 लाख से ज़्यादा किसान, ₹25 हजार करोड़), जो फसली ऋण है, गोपाल क्रेडिट कार्ड नहीं।
पर उसी साल के राज्य के आउटपुट-आउटकम बजट में सहकारिता विभाग की सूची में "Gopal Credit Card Scheme" की अलग पंक्ति है। 2024-25 की उपलब्धि में वित्तीय खाने में 0 और भौतिक खाने में "Subsidy due in the next year for 33929 Gopalaks" लिखा है। 2026-27 के लिए ₹80 करोड़ (सब राज्य निधि से), काम "dairy related activities" के लिए ब्याज मुक्त अल्पकालीन ऋण, लक्ष्य 1,00,000 गोपालक, और नतीजे का पैमाना यह कि 90% गोपालक ऋण समय पर लौटाएं।

2024 की घोषणा में पहले चरण का लक्ष्य लगभग 5 लाख परिवार था और 2025-26 का 2.5 लाख। सरकारी दस्तावेज़ में 2024-25 की गिनती 33,929 गोपालक दर्ज है, और 2026-27 का लक्ष्य 1 लाख।
8. कार्ड वालों को मंगला पशु बीमा में प्राथमिकता
मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना में पशुओं के मुफ्त बीमा के लिए पशुपालकों का चयन लॉटरी से होता है, और योजना की पुस्तिका कहती है कि गोपाल क्रेडिट कार्ड धारक पशुपालकों और लखपति दीदी पशुपालकों को इस चयन में प्राथमिकता दी जाएगी। मंगला योजना की वेबसाइट के योजना-परिचय में भी यही लिखा है।

मंगला बीमा में कितने पशुओं का और कितने रुपये तक बीमा होता है, यह हमारे मंगला पशु बीमा योजना वाले लेख में है।
9. हिसाब: ₹1 लाख के ऋण की किश्त
मान लीजिए डेयरी समिति की अनुशंसा पर पूरा ₹1 लाख स्वीकृत हुआ। फॉर्म के अनुसार यह 12 बराबर मासिक किश्तों में लौटेगा:
| हर महीने की किश्त | ₹1,00,000 ÷ 12 = करीब ₹8,333 |
| 12 महीने में कुल वापसी (ब्याज मुक्त होने पर) | ₹1,00,000 |
| 2026-27 का बजट प्रति गोपालक (औसत) | ₹80 करोड़ ÷ 1,00,000 = ₹8,000 |
| 2025-26 का अनुदान प्रति परिवार (औसत) | ₹150 करोड़ ÷ 2,50,000 = ₹6,000 |
किश्त उसी खाते से कटेगी जिसमें डेयरी समिति दूध का पैसा डालती है। यानी अगर किसी महीने दूध का भुगतान ₹8,333 से कम आया, तो बाकी रकम खाते में अलग से रखनी होगी। ₹8,000 और ₹6,000 बजट के औसत हैं; ये सरकार का खर्च बताते हैं, किसी एक गोपालक को मिलने वाली रकम नहीं।
10. ध्यान रखने की बातें
- ₹1 लाख ऊपरी सीमा है: बजट में "एक लाख रुपये तक" लिखा है। फॉर्म में आप वांछित राशि भरते हैं और डेयरी समिति अपनी अनुशंसित राशि अलग भरती है।
- बिना डेयरी समिति के मुश्किल: फॉर्म में डेयरी समिति की अनुशंसा, दूध-भुगतान वाला खाता और उसी से किश्तें मांगी गई हैं।
- बकरी या भेड़ पालन के लिए? बजट भाषण में गिनाए काम गौवंश और दूध से जुड़े हैं, और आउटपुट-आउटकम बजट "dairy related activities" लिखता है। बकरी पालन के सरकारी रास्ते हमारे बकरी पालन लोन वाले लेख में हैं।
- परिवार में एक ही ऋण: घोषणा-पत्र के अनुसार परिवार का एक सदस्य ऋण ले चुका हो तो दूसरा इस योजना में ऋण नहीं ले सकता।
- जमानत और रहन: अगस्त 2024 के फॉर्म में दो जमानतदार और रहन के लिए संपत्ति का ब्योरा मांगा गया है। प्रावधान सरल करने की घोषणा के बाद यह बदला है या नहीं, आवेदन के समय देखें।
- "यह किसान क्रेडिट कार्ड ही है": बजट के शब्द हैं "Kisan Credit Card की तर्ज पर"। गोपाल क्रेडिट कार्ड राज्य की अलग योजना है, जिसका बजट और फॉर्म अलग है।
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स्रोत: राजस्थान विधानसभा पर रखे बजट भाषण: लेखानुदान 2024-25 (8 फरवरी 2024), पैरा 24; बजट 2025-26 (19 फरवरी 2025), पैरा 117 और 142; बजट 2026-27 (11 फरवरी 2026)। राजस्थान विधानसभा, अतारांकित प्रश्न 1168 (सहकारिता) का उत्तर, प्रश्न खोज। सहकारिता विभाग, राज-सहकार प्रशिक्षण मैनुअल: गोपाल क्रेडिट कार्ड के लिए आवेदन (rajsahakar.rajasthan.gov.in; Internet Archive copy of 3 अप्रैल 2025) और आवश्यक दस्तावेज़ पेज, जिस पर गोपाल क्रेडिट कार्ड के लिए यही यूज़र मैनुअल दिया है (Internet Archive copy of 18 सितंबर 2025)। वित्त विभाग (कर) की अधिसूचना S.O.121, 19 फरवरी 2025 (Internet Archive copy of 19 मार्च 2025)। आउटपुट-आउटकम बजट 2026-27 (Internet Archive copy of 17 अप्रैल 2026)। मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना पुस्तिका और योजना-परिचय। विभाग के नियम इन तारीखों के बाद बदले हो सकते हैं। कवर फोटो: टोंक जिले के नगर गांव में गाय का दूध निकालते पशुपालक (2008), ILRI/Stevie Mann, विकिमीडिया कॉमन्स, CC BY 2.0। Rajasthan365 सहकारिता विभाग की वेबसाइट नहीं है; आवेदन से पहले राज-सहकार पोर्टल या अपनी सहकारी समिति पर ताज़ा फॉर्म और शर्तें देखें।







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