राजस्थान में राशन कार्ड से जुड़ा सबसे बड़ा सिरदर्द — नाम जुड़वाने के लिए ई-मित्र के चक्कर — अब खत्म होने जा रहा है। खाद्य विभाग ने पहचान पोर्टल (जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र) को राशन कार्ड के RRCC पोर्टल से सीधे जोड़ दिया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार अब बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र बनते ही उसका नाम परिवार के राशन कार्ड में अपने-आप जुड़ जाएगा और गेहूं का आवंटन भी अपने-आप शुरू हो जाएगा — न कोई आवेदन, न कोई फीस, न ई-मित्र का चक्कर। इसी तरह मृत्यु प्रमाण पत्र जारी होते ही दिवंगत सदस्य का नाम कार्ड से अपने-आप हट जाएगा।

नई व्यवस्था कैसे काम करेगी

घटनाअब क्या होगा
बच्चे का जन्मपहचान पोर्टल से जन्म प्रमाण पत्र बनते ही जन आधार/आधार से परिवार का मिलान कर नाम राशन कार्ड में ऑटोमैटिक जुड़ेगा, गेहूं मिलना शुरू
परिवार में मृत्युमृत्यु प्रमाण पत्र जारी होते ही नाम कार्ड से अपने-आप हटेगा
आवेदन/फीसकुछ नहीं — पूरी प्रक्रिया पोर्टल-टू-पोर्टल

यानी जो काम पहले नया सदस्य जुड़वाने का आवेदन करके हफ्तों में होता था, वह अब जन्म प्रमाण पत्र के साथ ही हो जाएगा। जन्म प्रमाण पत्र घर बैठे कैसे बनता है, यह यहां देखें — और अब तो WhatsApp से भी पहचान पोर्टल के प्रमाण पत्र मिल जाते हैं।

दो बातों का ध्यान रखें

  • जन्म प्रमाण पत्र की जानकारी सही भरवाएं — अगर बच्चे का नाम दर्ज नहीं है तो राशन कार्ड में "Baby of [माता का नाम]" जैसी अधूरी एंट्री दिखेगी, जो पहचान पोर्टल पर सुधार के बाद ही ठीक होगी।
  • 5 साल की उम्र पर e-KYC जरूरी — छोटे बच्चों को मिली छूट खत्म हो चुकी है; रिपोर्ट्स के अनुसार 5 साल पूरे होते ही बच्चे की e-KYC (आधार सत्यापन) करानी होगी, वरना यूनिट कट सकती है।

94 लाख नाम हटे, 99 लाख नए जुड़े — इसलिए हुई यह सख्ती-सफाई

यह ऑटो-व्यवस्था खाद्य सुरक्षा सूची के बड़े शुद्धिकरण अभियान की अगली कड़ी है। सरकारी आंकड़ों के हवाले से रिपोर्ट्स बताती हैं कि नवंबर 2024 से अब तक 67 लाख लोगों ने गिव-अप अभियान में स्वेच्छा से नाम हटवाया और करीब 27 लाख नाम अधूरी e-KYC के कारण हटाए गए — जबकि इसी दौरान 99 लाख नए पात्र लोगों के नाम जोड़े गए। यानी करीब 4.43 करोड़ की सूची का हर पांचवां नाम बदला है।

चेतावनी भी साफ है: अपात्र होते हुए भी सूची में बने रहने पर ₹30.57 प्रति किलो की दर से गेहूं की वसूली और कानूनी कार्रवाई हो सकती है — दौसा में ऐसे 1,158 लोगों को नोटिस भेजे जा चुके हैं।

Advertisement

जिनका नाम अभी नहीं जुड़ा है, वे क्या करें

नई ऑटो-व्यवस्था जन्म-मृत्यु से जुड़े बदलावों के लिए है। अगर आपके पूरे परिवार या किसी सदस्य का नाम खाद्य सुरक्षा (NFSA) में नहीं है, तो rrcc.rajasthan.gov.in पर आवेदन का फॉर्म उपलब्ध है — पात्रता, दस्तावेज और स्टेप-बाय-स्टेप प्रक्रिया हमारी खाद्य सुरक्षा में नाम जोड़ने की गाइड में है। आवेदन स्वीकृत होने के 90 दिन के भीतर e-KYC कराना अनिवार्य है। अपने गांव-वार्ड की मौजूदा सूची राशन कार्ड लिस्ट में देखें और कार्ड ऑनलाइन डाउनलोड भी किया जा सकता है।

⚠️ नोट: ऑटो नाम जुड़ने-हटने की व्यवस्था की जानकारी खाद्य विभाग के अधिकारियों के हवाले से मीडिया रिपोर्ट्स (ETV भारत, दैनिक भास्कर) पर आधारित है; आंकड़े सरकारी विज्ञप्तियों से हैं। व्यवस्था लागू होने की स्थिति जिले-दर-जिले अलग हो सकती है — ताजा जानकारी के लिए अपने नजदीकी राशन डीलर या खाद्य विभाग (food.rajasthan.gov.in) से पुष्टि करें।