🌿 सीधा जवाब: हरियाली तीज 2026 शनिवार, 15 अगस्त को है — इस बार स्वतंत्रता दिवस के साथ दुर्लभ संयोगसिंजारा 14 अगस्त (शुक्रवार) को है, यानी तीज से एक दिन पहले। ⚠️ "14 या 15 अगस्त" का भ्रम क्यों है? तृतीया तिथि 14 अगस्त शाम 6:46 बजे शुरू होती है, इसलिए कुछ जगह 14 अगस्त लिखा मिल रहा है — पर व्रत-पूजा उदयातिथि से तय होती है, और सूर्योदय के समय तृतीया 15 अगस्त को है। इसलिए तीज 15 अगस्त को ही मनाई जाएगी (तिथि उसी दिन शाम 5:28 बजे खत्म)। जयपुर की तीज माता की शाही सवारी 15 अगस्त शाम 5:35 बजे त्रिपोलिया गेट से निकलेगी — पर्यटन विभाग ने कार्यक्रम घोषित कर दिया है (पूरा रूट नीचे)। जो पोस्ट "27 जुलाई" बता रही हैं, वे 2025 की पुरानी तारीख दोहरा रही हैं।

जयपुर। सावन के शुक्ल पक्ष की तृतीया को मनाई जाने वाली हरियाली तीज राजस्थान का सबसे रंगीन त्योहार है — लहरिया, मेहंदी, झूले और जयपुर की शाही सवारी। 2026 में यह पर्व 15 अगस्त को है, यानी तिरंगे और तीज का एक साथ उत्सव। इस लेख में तिथि व पूजा का सही समय, जयपुर की करीब 300 साल पुरानी तीज माता की सवारी का रूट-समय, सिंजारा परंपरा और तीनों तीज का फर्क — सब कुछ पंचांग व आधिकारिक स्रोतों से।

हरियाली तीज 2026 कब है? (तिथि व समय)

विवरणसमय
हरियाली तीजशनिवार, 15 अगस्त 2026
तृतीया तिथि आरंभ14 अगस्त 2026, शाम 6:46 बजे
तृतीया तिथि समाप्त15 अगस्त 2026, शाम 5:28 बजे

(हिंदू पंचांग — श्रावण शुक्ल तृतीया, उत्तर भारत/राजस्थान। स्थानीय पंचांग से समय की पुष्टि कर लें।)

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पूजा कब करें?

हरियाली तीज पर पूजा तृतीया तिथि के भीतर — यानी 15 अगस्त को शाम 5:28 बजे से पहले — करना श्रेष्ठ माना जाता है। 15 अगस्त के शुभ चौघड़िया (जयपुर): सुबह शुभ 7:36–9:15, दोपहर बाद लाभ 2:09–3:48 और अमृत 3:48–5:26 — तिथि के भीतर आखिरी शुभ स्लॉट अमृत चौघड़िया है। इस दिन माता पार्वती (तीज माता) की पूजा कर सुहागिनें अखंड सुहाग की और कुंवारी कन्याएं अच्छे वर की कामना करती हैं; निर्जला/फलाहार व्रत की परंपरा भी है।

जयपुर की तीज माता की सवारी — शाही परंपरा

  • कब: शनिवार, 15 अगस्त — शाम 5:35 बजे। सवारी सिटी पैलेस से रवाना होकर त्रिपोलिया गेट से बाहर निकलती है।
  • रूट: त्रिपोलिया गेट → छोटी चौपड़ → गणगौरी बाजार → तालकटोरा स्थित पौंड्रिक पार्क — वहां से वापस सिटी पैलेस।
  • क्या-क्या: तीज माता (पार्वती) की सजी पालकी, सजे हाथी-ऊंट-घोड़े और प्रदेशभर से आए करीब 175 लोक कलाकार — कच्ची घोड़ी, गैर, कालबेलिया, चरी-घूमर, चंग-ढप, मांगणियार गायन, भपंग, रावणहत्था, कठपुतली और बहुरूपिया। यह करीब 300 साल पुरानी रियासतकालीन परंपरा है।
  • न पहुंच पाएं तो: इस बार जयपुर में 13 LED स्क्रीन पर सवारी का सीधा प्रसारण होगा। त्रिपोलिया गेट के सामने बैठक व्यवस्था रहती है और हिंद होटल की छतों पर विदेशी पर्यटकों के लिए विशेष इंतज़ाम किया गया है। भीड़ शाम से काफी पहले जमने लगती है।
  • दूसरा दिन: परंपरा अनुसार अगले दिन बूढ़ी तीज (16 अगस्त) की सवारी भी निकलती है — इसका कार्यक्रम आमतौर पर तीज वाली सवारी जैसा ही रहता है।

कार्यक्रम की जानकारी पर्यटन विभाग के उपनिदेशक उपेंद्र सिंह शेखावत के अनुसार (11 अगस्त 2026)। मौसम या व्यवस्था के चलते समय में बदलाव संभव है।

सिंजारा क्या होता है?

तीज से एक दिन पहले सिंजारा मनाया जाता है — नवविवाहिताओं को मायके/ससुराल से लहरिया, मेहंदी, चूड़ियां, मिठाई (घेवर!) भेजी जाती हैं। मेहंदी लगाना, झूला झूलना और घेवर — राजस्थान में तीज की पहचान हैं। 2026 में सिंजारा 14 अगस्त (शुक्रवार) को है — यानी तीज से ठीक एक दिन पहले। बाजारों में लहरिया, चूड़ी और घेवर की सबसे ज्यादा खरीदारी इसी दिन होती है।

हरियाली, कजरी और हरतालिका — तीनों तीज का फर्क

तीज2026 में तारीखखासियत
हरियाली तीज15 अगस्त (शनिवार)श्रावण शुक्ल तृतीया — जयपुर की सवारी, लहरिया-मेहंदी
कजरी (बड़ी) तीज31 अगस्त (सोमवार)भाद्रपद कृष्ण तृतीया — बूंदी की प्रसिद्ध सवारी
हरतालिका तीज14 सितंबर (सोमवार)भाद्रपद शुक्ल तृतीया — कठोर निर्जला व्रत

इस बार का दुर्लभ संयोग: तीज + स्वतंत्रता दिवस

15 अगस्त 2026 को शनिवार है — देश का 80वां स्वतंत्रता दिवस और हरियाली तीज एक ही दिन। छुट्टियों के इस संयोग की पूरी जानकारी: 15 अगस्त 2026 — कौन सा स्वतंत्रता दिवस, भाषण व निबंध

हरियाली तीज क्यों मनाई जाती है?

मान्यता है कि माता पार्वती ने भगवान शिव को पति रूप में पाने के लिए 108 जन्मों तक तपस्या की, और श्रावण शुक्ल तृतीया के दिन शिव ने उन्हें स्वीकार किया — इसी मिलन की खुशी में तीज मनाई जाती है। इसे हरियाली तीज कहने की वजह मौसम है: सावन की बारिश के बाद चारों तरफ हरियाली छा जाती है। सुहागिनें अखंड सुहाग की और कुंवारी कन्याएं मनचाहे वर की कामना से व्रत रखती हैं।

तीज पर क्या-क्या किया जाता है?

  • लहरिया: राजस्थान में तीज का रंग — लहरिया साड़ी या ओढ़नी पहनने की परंपरा। जयपुर, जोधपुर और कोटा के बाजारों में सिंजारे से ही भीड़ शुरू हो जाती है।
  • मेहंदी: हाथों पर मेहंदी लगाना तीज की सबसे बड़ी रस्म है। शादी के बाद पहली तीज पर मायके से मेहंदी, चूड़ियां और लहरिया भेजा जाता है।
  • झूला: पेड़ों या आंगन में झूला डालकर सावन के गीत गाए जाते हैं।
  • घेवर: तीज की पहचान मिठाई। सादा, मावा और रबड़ी घेवर — सिंजारे पर बेटी के घर घेवर भेजना रिवाज है।
  • पूजा व व्रत: शिव-पार्वती की पूजा, तीज माता की कथा, और परंपरा अनुसार निर्जला या फलाहार व्रत।

बूढ़ी तीज क्या है? (16 अगस्त)

तीज के अगले दिन बूढ़ी तीज मनाई जाती है — 2026 में रविवार, 16 अगस्त। जयपुर में इस दिन भी तीज माता की सवारी निकलती है और मेला जमता है। कई परिवारों में बड़ी-बुजुर्ग महिलाएं इस दिन पूजा करती हैं, इसलिए इसे बूढ़ी तीज कहा जाता है। ध्यान रखें — यह कजरी (बड़ी) तीज से अलग है, जो 31 अगस्त को आती है।

तीज की शुभकामनाएं — भेजने के लिए संदेश

  • सावन की हरियाली, झूलों की बहार — तीज की शुभकामनाएं, खुशियां हजार। 🌿
  • लहरिया की चमक, मेहंदी की महक — हरियाली तीज मुबारक हो!
  • माता पार्वती आपके सुहाग और घर-परिवार की रक्षा करें — हरियाली तीज की हार्दिक शुभकामनाएं।
  • तीज भी, तिरंगा भी — 15 अगस्त की दोहरी बधाई! 🇮🇳🌿

15 अगस्त को छुट्टी है या नहीं?

15 अगस्त राष्ट्रीय अवकाश है, इसलिए स्कूल, बैंक और सरकारी दफ्तर बंद रहेंगे — पर स्कूलों में सुबह ध्वजारोहण व कार्यक्रम होते हैं, इसलिए बच्चों को जाना होता है। तीज की वजह से कोई अलग सार्वजनिक अवकाश नहीं है। इस बार 15 अगस्त शनिवार को है, तो कई जगह 16 अगस्त (रविवार) के साथ लगातार दो दिन की छुट्टी बन रही है। विस्तार से: राजस्थान स्कूल छुट्टी कैलेंडर — अगस्त 2026

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