🌺 सीधा जवाब (5 अगस्त 2026): शारदीय नवरात्रि 2026 रविवार, 11 अक्टूबर को घटस्थापना से शुरू होगी — दुर्गाष्टमी 19 अक्टूबर, विजयदशमी (दशहरा) 20 अक्टूबर। बोनस: दशहरे के साथ शनि-रवि जुड़कर 17-20 अक्टूबर की 4 दिन की छुट्टियां बन रही हैं। नौ दिनों का पूरा देवी-कैलेंडर नीचे।
जयपुर। पितृ पक्ष की सर्वपितृ अमावस्या (10 अक्टूबर) के अगले ही दिन मां दुर्गा के नौ दिन शुरू हो जाएंगे। घर-घर कलश स्थापना, मंदिरों में दुर्गा सप्तशती, शहरों में गरबा-डांडिया और रामलीला — साल की सबसे बड़ी उत्सव-श्रृंखला की तारीखें अभी से नोट कर लीजिए।
नवरात्रि 2026 का पूरा कैलेंडर
| दिन | तारीख | देवी स्वरूप |
|---|---|---|
| पहला (घटस्थापना) | रविवार, 11 अक्टूबर | मां शैलपुत्री |
| दूसरा | सोमवार, 12 अक्टूबर | मां ब्रह्मचारिणी |
| तीसरा | मंगलवार, 13 अक्टूबर | मां चंद्रघंटा |
| चौथा | बुधवार, 14 अक्टूबर | मां कूष्मांडा |
| पांचवां | गुरुवार, 15 अक्टूबर | मां स्कंदमाता |
| छठा | शुक्रवार, 16 अक्टूबर | मां कात्यायनी |
| सातवां | शनिवार, 17 अक्टूबर | मां कालरात्रि |
| आठवां (दुर्गाष्टमी) | रविवार, 18/सोमवार, 19 अक्टूबर* | मां महागौरी |
| नौवां (नवमी) | सोमवार, 19 अक्टूबर* | मां सिद्धिदात्री |
| विजयदशमी | मंगलवार, 20 अक्टूबर | रावण दहन/शस्त्र पूजा |
*राजस्थान के सरकारी कैलेंडर में दुर्गाष्टमी की छुट्टी 19 अक्टूबर को घोषित है — अष्टमी-नवमी की तिथियों का सूक्ष्म समय पंचांग-भेद से घट-बढ़ सकता है; कन्या पूजन का दिन अपने पंचांग/कुल-परंपरा से तय करें। घटस्थापना का मिनट-वार मुहूर्त हम नवरात्रि से पहले यहीं अपडेट करेंगे।
घटस्थापना की विधि (11 अक्टूबर, सुबह)
- ईशान कोण में चौकी पर लाल वस्त्र बिछाकर मिट्टी के पात्र में जौ बोएं।
- उसके ऊपर जल भरा कलश — कलश पर मौली, आम के पत्ते और नारियल (लाल चुनरी में) स्थापित करें।
- मां दुर्गा की प्रतिमा/तस्वीर के सामने अखंड ज्योत (जिनके घर परंपरा हो) प्रज्वलित करें।
- नौ दिन सुबह-शाम आरती; कई घरों में दुर्गा सप्तशती/रामचरितमानस पाठ की परंपरा।
व्रत के नियम — जो अक्सर पूछे जाते हैं
- पूरे नौ दिन या पहले-आखिरी दिन (जोड़े का व्रत) — दोनों परंपराएं मान्य हैं; सामर्थ्य अनुसार चुनें।
- फलाहार में सेंधा नमक, कुट्टू-सिंघाड़े का आटा, साबूदाना, आलू, दूध-फल — सादा नमक और अन्न वर्जित माने जाते हैं।
- बीमार, गर्भवती और बुजुर्ग व्रत की कठोरता के बजाय पूजा-भावना पर ध्यान दें — यही शास्त्र-सम्मत है।
राजस्थान में नवरात्रि: कहां क्या खास
- गरबा-डांडिया: जयपुर, उदयपुर, जोधपुर के बड़े आयोजनों के पास आयोजन-तिथियां नवरात्रि शुरू होते ही आती हैं।
- मंदिर: आमेर की शिला माता, करौली की कैला देवी, बीकानेर की करणी माता — नौ दिन विशेष मेले-दर्शन।
- दशहरा: कोटा का राष्ट्रीय स्तर का दशहरा मेला 20 अक्टूबर की विजयदशमी के साथ शुरू होता है।
- छुट्टियों का जुगाड़: शनि 17 + रवि 18 + सोम 19 (दुर्गाष्टमी) + मंगल 20 (विजयदशमी) = 4 दिन का ब्रेक — पूरी छुट्टी-प्लानिंग अवकाश कैलेंडर 2026 में।
इससे पहले की तारीखें भी नोट कर लें: हरतालिका तीज — 14 सितंबर और पितृ पक्ष की तिथिवार सूची (26 सितंबर–10 अक्टूबर)।






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