🙏 सीधा जवाब (5 अगस्त 2026): पितृ पक्ष 2026 26 सितंबर (पूर्णिमा श्राद्ध) से 10 अक्टूबर (सर्वपितृ अमावस्या) तक रहेगा। नियम सीधा है — जिस तिथि को पूर्वज का देहांत हुआ, उसी तिथि के दिन श्राद्ध; तिथि याद न हो तो सर्वपितृ अमावस्या सबके लिए है। पूरी तिथिवार तालिका नीचे — अपनी तिथि अभी नोट कर लें।
जयपुर। भाद्रपद पूर्णिमा से आश्विन अमावस्या तक के ये पंद्रह दिन पूर्वजों की स्मृति के हैं — श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान के। हर परिवार का पहला सवाल एक ही होता है: हमारे पितरों का श्राद्ध किस दिन पड़ेगा? नीचे 2026 की पूरी तालिका है, साथ में घर पर तर्पण की सरल विधि।
श्राद्ध कैलेंडर 2026 — किस तिथि का श्राद्ध किस दिन
| दिन | तारीख | श्राद्ध |
|---|---|---|
| शनिवार | 26 सितंबर | पूर्णिमा श्राद्ध (पितृ पक्ष आरंभ) |
| रविवार | 27 सितंबर | प्रतिपदा श्राद्ध |
| सोमवार | 28 सितंबर | द्वितीया श्राद्ध |
| मंगलवार | 29 सितंबर | तृतीया श्राद्ध व महाभरणी श्राद्ध |
| बुधवार | 30 सितंबर | चतुर्थी व पंचमी श्राद्ध |
| गुरुवार | 1 अक्टूबर | षष्ठी श्राद्ध |
| शुक्रवार | 2 अक्टूबर | सप्तमी श्राद्ध |
| शनिवार | 3 अक्टूबर | अष्टमी श्राद्ध |
| रविवार | 4 अक्टूबर | नवमी श्राद्ध (सौभाग्यवती/मातृ नवमी) |
| सोमवार | 5 अक्टूबर | दशमी श्राद्ध |
| मंगलवार | 6 अक्टूबर | एकादशी श्राद्ध |
| बुधवार | 7 अक्टूबर | द्वादशी व मघा श्राद्ध |
| गुरुवार | 8 अक्टूबर | त्रयोदशी श्राद्ध |
| शुक्रवार | 9 अक्टूबर | चतुर्दशी श्राद्ध (अकाल मृत्यु वालों का) |
| शनिवार | 10 अक्टूबर | सर्वपितृ अमावस्या (महालया) |
तिथियों में पंचांग-भेद संभव है — अपने पुरोहित/स्थानीय पंचांग से एक बार मिलान कर लें। चतुर्दशी श्राद्ध केवल उनके लिए है जिनकी मृत्यु दुर्घटना/अकाल हुई हो; सामान्य चतुर्दशी-तिथि वालों का श्राद्ध अमावस्या को करने की परंपरा है।
घर पर तर्पण की सरल विधि
- प्रातः स्नान कर दक्षिण दिशा की ओर मुख करके बैठें — पितरों की दिशा यही मानी गई है।
- तांबे के पात्र में जल, काले तिल, कुश और दूध लेकर पितरों का स्मरण करते हुए तीन बार अंजलि से जल अर्पित करें।
- पितरों के निमित्त बने भोजन में से गाय, कौए, कुत्ते और अतिथि का अंश (पंचबलि) निकालें — कौए को पितरों का दूत माना गया है।
- सामर्थ्य हो तो ब्राह्मण भोजन/वस्त्र-दान; न हो तो श्रद्धा से किया सरल तर्पण भी पूर्ण फलदायी माना गया है — श्राद्ध का मूल श्रद्धा है, खर्च नहीं।
ध्यान रखने की बातें
- पिता जीवित हों तो पुत्र श्राद्ध नहीं करता — यह अधिकार क्रम से चलता है (पुत्र, पौत्र, भाई…)। महिलाएं भी तर्पण कर सकती हैं, विशेषकर जब कुल में पुरुष न हो।
- नवमी को माता/सौभाग्यवती स्त्रियों का श्राद्ध विशेष रूप से होता है।
- पितृ पक्ष के तुरंत बाद 11 अक्टूबर से शारदीय नवरात्रि शुरू हो रही है — घटस्थापना की तैयारी की तारीखें नवरात्रि 2026 गाइड में।
- खरीदारी की लोक-मान्यता पर हमारा FAQ नीचे है — जरूरी कामों पर कोई शास्त्रीय रोक नहीं।
तारीखों की प्लानिंग के और पेज: सरकारी अवकाश कैलेंडर 2026 (दशहरा 19-20 अक्टूबर की छुट्टियों समेत) और हरतालिका तीज 14 सितंबर की पूरी गाइड।






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