📜 सीधा जवाब (2 अगस्त 2026): राजस्थान में मृत्यु पंजीकरण पहचान पोर्टल (pehchan.rajasthan.gov.in) या ई-मित्र से होता है — मृत्यु के 21 दिन के भीतर पंजीकरण मुफ्त है। बना हुआ प्रमाण पत्र पोर्टल के ई-प्रमाण पत्र सेक्शन और DigiLocker से डाउनलोड होता है। देरी जितनी लंबी, प्रक्रिया उतनी भारी — 1 साल बाद तो जिला मजिस्ट्रेट/SDM के आदेश के बिना पंजीकरण ही नहीं होता। पूरा तरीका नीचे।
जयपुर। परिवार में किसी की मृत्यु के बाद जिन कागजों की सबसे पहले जरूरत पड़ती है, उनमें मृत्यु प्रमाण पत्र सबसे ऊपर है — विधवा पेंशन, बीमा क्लेम, बैंक खाते का पैसा, जमीन का नामांतरण — हर फाइल इसी से खुलती है। फिर भी ज्यादातर परिवारों को 21 दिन वाला नियम तब पता चलता है जब देर हो चुकी होती है। यहां पंजीकरण से डाउनलोड तक की पूरी प्रक्रिया, और देरी हो जाए तो हर स्थिति का रास्ता।
पहले यह समझ लें: अस्पताल में मृत्यु बनाम घर पर मृत्यु
- अस्पताल/संस्था में मृत्यु: मृत्यु की सूचना रजिस्ट्रार तक पहुंचाने की जिम्मेदारी अस्पताल की है — ज्यादातर मामलों में पंजीकरण अपने-आप हो जाता है। परिवार को अस्पताल से मेडिकल डेथ सर्टिफिकेट जरूर ले लेना चाहिए और बाद में सिर्फ प्रमाण पत्र डाउनलोड/प्राप्त करना होता है।
- घर पर मृत्यु: सूचना देने की जिम्मेदारी परिवार के मुखिया की है — शहर में नगर निगम/नगर पालिका और गांव में ग्राम पंचायत (रजिस्ट्रार) को, 21 दिन के भीतर।
ऑनलाइन आवेदन कैसे करें (पहचान पोर्टल)
- स्टेप 1: pehchan.rajasthan.gov.in खोलें — यही राजस्थान का आधिकारिक जन्म-मृत्यु-विवाह पंजीकरण पोर्टल है।
- स्टेप 2: आमजन (Citizen) वाले विकल्प से मृत्यु पंजीकरण का आवेदन प्रपत्र भरें — मृतक का विवरण, मृत्यु की तारीख-स्थान, सूचक (informant) का विवरण।
- स्टेप 3: दस्तावेज अपलोड कर सबमिट करें — आवेदन/पंजीकरण संख्या मिलेगी, इसे संभालकर रखें (डाउनलोड इसी से होगा)।
- स्टेप 4: रजिस्ट्रार की स्वीकृति के बाद प्रमाण पत्र डिजिटली साइन होकर पोर्टल पर आ जाता है।
ऑनलाइन झंझट न पालना हो तो यही काम ई-मित्र कियोस्क से भी हो जाता है (मामूली सेवा शुल्क)। पोर्टल पर खुद आवेदन करने का कोई शुल्क नहीं है।
दस्तावेज कौन-से लगेंगे
- अस्पताल का मेडिकल डेथ सर्टिफिकेट (घर पर मृत्यु में मुखिया की सूचना/घोषणा)
- मृतक का आधार/जन आधार
- सूचना देने वाले का पहचान पत्र (आधार/वोटर ID)
- मृत्यु की तारीख और स्थान का विवरण
डाउनलोड के दो रास्ते
- पहचान पोर्टल: ई-प्रमाण पत्र (Download Certificate) सेक्शन में पंजीकरण संख्या/पंजीकृत मोबाइल से डिजिटली साइन्ड PDF तुरंत मिलती है।
- DigiLocker: 'Issued Documents' में जारीकर्ता Government of Rajasthan चुनकर मृत्यु प्रमाण पत्र खींच लें — बैंक-बीमा-अदालत हर जगह यही PDF मान्य है।
देरी हो गई? हर स्थिति का रास्ता (21 दिन वाला नियम)
| पंजीकरण में देरी | क्या करना होगा |
|---|---|
| 21 दिन के भीतर | सामान्य पंजीकरण — निःशुल्क |
| 21 से 30 दिन | मामूली विलंब शुल्क के साथ पंजीकरण |
| 30 दिन से 1 साल | रजिस्ट्रार/सक्षम अधिकारी की लिखित अनुमति + शपथ पत्र |
| 1 साल से ज्यादा | जिला मजिस्ट्रेट (कलेक्टर)/उपखंड अधिकारी का आदेश — 2023 के कानून संशोधन के बाद यह काम कोर्ट की बजाय इन्हीं अधिकारियों के पास है, यानी प्रक्रिया पहले से आसान हुई है |
पुरानी मृत्यु (कई साल पहले) का प्रमाण पत्र बनवाना अब भी सबसे लंबा काम है — SDM कार्यालय में आवेदन, शपथ पत्र और मृत्यु के सबूत (अस्पताल रिकॉर्ड, श्मशान/कब्रिस्तान रसीद, पुराने दस्तावेज) लगते हैं। ऐसे मामलों में ई-मित्र की बजाय सीधे SDM कार्यालय से शुरुआत करें।
किन कामों में लगेगा — पहले से सोचकर 2-3 प्रतियां रखें
- विधवा पेंशन और पारिवारिक पेंशन शुरू कराने में
- बीमा क्लेम और बैंक खाते/FD के क्लेम में
- जमीन-मकान के नामांतरण और उत्तराधिकार के मामलों में
- राशन कार्ड/जन आधार से मृतक का नाम हटवाने में
डिजिटल PDF (पहचान/DigiLocker) हर जगह मान्य है, इसलिए बार-बार दफ्तर जाकर प्रतियां निकलवाने की जरूरत नहीं — एक बार डाउनलोड कर संभालकर रखें। पंजीकरण या प्रमाण पत्र में गलती हो (नाम की स्पेलिंग, तारीख) तो उसी रजिस्ट्रार कार्यालय में संशोधन का आवेदन होता है, और सुनवाई न हो तो 181/संपर्क पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें। जन्म प्रमाण पत्र की ऐसी ही पूरी गाइड यहां है।






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