जन सूचना पोर्टल से पालनहार भुगतान स्थिति कैसे देखें
- jansoochna.rajasthan.gov.in खोलें → "योजनाओं के लाभार्थी"।
- पालनहार योजना सेवा चुनें।
- जन आधार संख्या या आवेदन संख्या डालें व कैप्चा भरें — बिना लॉगिन भुगतान/आवेदन स्थिति दिख जाएगी।
जयपुर। राजस्थान की पालनहार योजना के तहत हर महीने पालनहार परिवारों के खाते में ₹750–₹2,500 प्रति बच्चा (उम्र और श्रेणी के अनुसार) DBT से आते हैं — लेकिन हजारों परिवार हर महीने यही खोजते हैं: "पालनहार का पेमेंट स्टेटस कैसे देखें?" और "इस बार पैसा क्यों नहीं आया?" अच्छी खबर यह है कि स्टेटस देखने के लिए किसी दफ्तर जाने की जरूरत नहीं — जन आधार नंबर या एप्लीकेशन नंबर से मोबाइल पर ही 2 मिनट में पूरा भुगतान विवरण देखा जा सकता है। नीचे तीनों तरीके, पेमेंट रुकने के असली कारण और नवीनीकरण (renewal) की पूरी प्रक्रिया दी गई है।
जरूरी अलर्ट: जुलाई = नवीनीकरण का समय
नया शैक्षणिक सत्र शुरू होते ही पालनहार योजना का वार्षिक नवीनीकरण (सत्यापन) कराना अनिवार्य होता है — बच्चे का अध्ययन प्रमाण पत्र (स्कूल) या आंगनबाड़ी पंजीकरण प्रमाण (0–6 वर्ष) जमा करना होता है। नवीनीकरण न कराने पर भुगतान अपने-आप रुक जाता है — "पैसा आना बंद हो गया" के ज्यादातर मामलों की वजह यही है। नवीनीकरण हर साल जून–जुलाई में होता है और अब फेस रिकग्निशन (चेहरा स्कैन) से — SJED Palanhar Scheme ऐप से खुद, या नज़दीकी ई-मित्र से करवाया जा सकता है। भुगतान अब केंद्रीकृत DBT से आता है।
तरीका 1: SJE पोर्टल पर जन आधार या एप्लीकेशन आईडी से (आधिकारिक)
- विभाग का आधिकारिक स्टेटस पेज खोलें — sje.rajasthan.gov.in → Palanhaar Payment Status।
- फॉर्म में सिर्फ तीन चीजें भरनी हैं: वित्तीय वर्ष चुनें → 10 अंकों का जन आधार नंबर या एप्लीकेशन आईडी डालें (दोनों में से कोई एक चलेगा, एप्लीकेशन नंबर होना जरूरी नहीं) → कैप्चा भरें।
- सबमिट करने पर आवेदन की स्थिति, स्वीकृति और भुगतान का पूरा विवरण दिख जाएगा।
- पुराने आवेदनों के लिए विभाग का लिगेसी पालनहार मॉड्यूल भी चलता है — यहां एप्लीकेशन आईडी, भामाशाह या जन आधार, तीनों में से किसी एक से Application और Payment status अलग-अलग देखे जा सकते हैं।
तरीका 2: जन सूचना पोर्टल पर जन आधार से (सबसे आसान)
- jansoochna.rajasthan.gov.in खोलें।
- योजनाओं की सूची में "पालनहार योजना एवं लाभार्थियों की जानकारी" चुनें।
- "अपने बारे में जानें / Know About Your Application" में जन आधार नंबर डालें।
- सबमिट करते ही परिवार के सभी पालनहार लाभार्थी बच्चों की किस्त-वार भुगतान स्थिति खुल जाएगी — किस महीने का पैसा कब और कितना आया।
तरीका 3: ई-मित्र / SSO से
जिनके पास एप्लीकेशन या जन आधार नंबर उपलब्ध नहीं है, वे नज़दीकी ई-मित्र कियोस्क पर जन आधार कार्ड ले जाकर स्टेटस निकलवा सकते हैं। SSO ID वाले sso.rajasthan.gov.in से SJMS पोर्टल में भी विवरण देख सकते हैं।
आपका जन आधार नंबर या एप्लीकेशन आईडी कहां मिलेगा?
स्टेटस न देख पाने की सबसे आम वजह यही है — नंबर ही पता नहीं होता। दोनों में से कोई एक काफी है:
- जन आधार नंबर (10 अंक) — परिवार के जन आधार कार्ड/रसीद पर छपा होता है। कार्ड न मिले तो janaadhaar.rajasthan.gov.in पर परिवार की जानकारी से नंबर देखा जा सकता है, या किसी भी ई-मित्र से।
- एप्लीकेशन आईडी — इसका फॉर्मैट PALANHAR/2017-18/XXXXXX जैसा होता है (जिस साल आवेदन किया, वही वर्ष उसमें रहता है)। यह आवेदन के समय मिली ई-मित्र रसीद पर लिखा होता है।
- दोनों न मिलें तो जन आधार कार्ड लेकर ई-मित्र जाएं — वहीं से नंबर और स्टेटस दोनों निकल जाएंगे।
सावधानी: जन आधार नंबर या एप्लीकेशन आईडी सिर्फ ऊपर दिए सरकारी पोर्टल (sje.rajasthan.gov.in, jansoochna.rajasthan.gov.in) पर ही डालें। किसी भी निजी वेबसाइट या ऐप पर यह नंबर न डालें — हम भी यह नंबर नहीं मांगते, सिर्फ आधिकारिक लिंक देते हैं।
पालनहार में कितना पैसा मिलता है? (मौजूदा दरें)
| बच्चे की आयु | मासिक राशि | शर्त |
|---|---|---|
| 0 – 6 वर्ष | ₹750 प्रति बच्चा (अनाथ: ₹1,500) | आंगनबाड़ी केंद्र जाना अनिवार्य |
| 6 – 18 वर्ष | ₹1,500 प्रति बच्चा (अनाथ: ₹2,500) | स्कूल में पंजीकृत होना अनिवार्य |
इसके अलावा वस्त्र, जूते-स्वेटर आदि के लिए सालाना अतिरिक्त सहायता (श्रेणी अनुसार) दी जाती है। पात्रता की 9 श्रेणियां (अनाथ, विधवा/तलाकशुदा माता के बच्चे, HIV/कुष्ठ पीड़ित माता-पिता के बच्चे आदि), दस्तावेज़ और आवेदन प्रक्रिया की पूरी जानकारी हमारे मुख्य लेख में — पालनहार योजना राजस्थान 2026: पात्रता व आवेदन।
पैसा नहीं आया? ये हैं 4 सबसे आम कारण
- वार्षिक नवीनीकरण पेंडिंग (सबसे बड़ा कारण): हर साल अध्ययन/आंगनबाड़ी प्रमाण जमा न होने पर भुगतान रुक जाता है — SJED Palanhar ऐप या ई-मित्र से तुरंत नवीनीकरण कराएं।
- बैंक खाता/जन आधार अपडेट नहीं: खाता बंद, आधार से लिंक नहीं, या जन आधार में बच्चे का नाम/खाता गलत होने पर DBT फेल होता है।
- आयु सीमा पार: बच्चे के 18 वर्ष पूरे होते ही सहायता स्वतः बंद हो जाती है।
- सत्यापन में आपत्ति: दस्तावेज़ों में विसंगति पर जिला कार्यालय आवेदन रोक सकता है — स्टेटस में कारण देखकर जिला सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता कार्यालय से संपर्क करें।
किस्त कब-कब आती है?
भुगतान मासिक आधार पर सीधे बैंक खाते में DBT से होता है, हालांकि व्यवहार में राशि अक्सर 2–3 महीने की इकट्ठी आती है — इसलिए एक महीने पैसा न आए तो घबराएं नहीं, पहले ऊपर दिए तरीकों से स्टेटस देखें। केंद्र की किसान सम्मान निधि का स्टेटस देखने का तरीका — PM Kisan किस्त स्टेटस व लाभार्थी सूची; आवास योजना की सूची — पीएम आवास ग्रामीण लिस्ट।







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