रविन्द्र सिंह भाटी के पेट्रोल कांड पर एक्शन, सुरक्षा में तैनात PSO तखत सिंह निलंबित

रविन्द्र सिंह भाटी के पेट्रोल कांड पर एक्शन, सुरक्षा में तैनात PSO तखत सिंह इस वजह से हुए निलंबित

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Ravindra Singh Bhati PSO Suspended: बाड़मेर में शिव विधायक रविन्द्र सिंह भाटी के आंदोलन के दौरान खुद पर पेट्रोल छिड़कने के मामले में बड़ा प्रशासनिक एक्शन हुआ है. विधायक की सुरक्षा में तैनात PSO तखत सिंह को ड्यूटी में लापरवाही बरतने के आरोप में निलंबित कर दिया गया है. गिरल लिग्नाइट माइन्स मजदूरों की मांगों को लेकर चल रहे आंदोलन के दौरान 19 मई को यह घटनाक्रम हुआ था. पुलिस जांच में सुरक्षा प्रोटोकॉल के पालन में चूक सामने आने के बाद विभाग ने कार्रवाई की. घटना के बाद राजनीतिक हलकों में भी चर्चा तेज हो गई है.

बाड़मेर. शिव विधायक रविन्द्र सिंह भाटी के आंदोलन के दौरान पेट्रोल छिड़कने के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए उनके साथ तैनात पुलिस सुरक्षा अधिकारी (PSO) को निलंबित कर दिया गया है. यह कार्रवाई सुरक्षा ड्यूटी में लापरवाही बरतने को लेकर की गई है. पुलिस विभाग की ओर से जारी आदेश में बताया गया कि विधायक के साथ मौजूद PSO तखत सिंह ने ड्यूटी के दौरान आवश्यक सतर्कता नहीं बरती, जिसके चलते यह कदम उठाया गया है.

दरअसल, गिरल लिग्नाइट माइन्स के मजदूरों की मांगों को लेकर पिछले दिनों आंदोलन चल रहा था. मजदूर अपनी विभिन्न मांगों को लेकर धरने पर बैठे थे और इसी मुद्दे को लेकर शिव विधायक रविन्द्र सिंह भाटी ने बाड़मेर कूच किया था. 19 मई को आंदोलन के दौरान विधायक भाटी ने विरोध जताते हुए खुद पर पेट्रोल छिड़क लिया था. इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया था और राजनीतिक गलियारों में भी इसकी काफी चर्चा हुई थी.

शिव विधायक रविन्द्र सिंह भाटी के PSO तखत सिंह निलंबित

बताया जा रहा है कि विधायक द्वारा पेट्रोल छिड़कने के दौरान उनके साथ सुरक्षा ड्यूटी में तैनात पुलिसकर्मी मौके पर मौजूद थे, लेकिन समय रहते स्थिति को नियंत्रित करने में लापरवाही सामने आई. मामले को गंभीरता से लेते हुए विभागीय स्तर पर जांच शुरू की गई थी. जांच में प्रथम दृष्टया सुरक्षा प्रोटोकॉल के पालन में चूक सामने आने पर PSO तखत सिंह को निलंबित कर दिया गया. पुलिस अधिकारियों के अनुसार, जनप्रतिनिधियों की सुरक्षा में तैनात जवानों की जिम्मेदारी केवल सुरक्षा देना ही नहीं, बल्कि किसी भी अप्रिय स्थिति को रोकना भी होती है. ऐसे में विधायक द्वारा सार्वजनिक रूप से पेट्रोल छिड़कने जैसी घटना को रोकने में विफल रहना गंभीर लापरवाही माना गया है. विभाग ने इस मामले में अन्य पहलुओं की भी जांच शुरू कर दी है.

गिरल लिग्नाइट माइन्स के मजदूर अपनी मांगों को लेकर आंदोलनरत हैं

इस कार्रवाई के बाद राजनीतिक हलकों में भी चर्चा तेज हो गई है. समर्थकों का कहना है कि विधायक रविन्द्र सिंह भाटी मजदूरों की मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे थे और उन्होंने प्रतीकात्मक विरोध दर्ज कराया था. वहीं प्रशासन का मानना है कि सुरक्षा ड्यूटी के दौरान किसी भी प्रकार की जोखिमपूर्ण स्थिति को टालना पुलिसकर्मियों की प्राथमिक जिम्मेदारी होती है. गौरतलब है कि गिरल लिग्नाइट माइन्स के मजदूर लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर आंदोलनरत हैं. मजदूरों का आरोप है कि उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया जा रहा, जिसके कारण आंदोलन लगातार उग्र होता जा रहा है. फिलहाल विधायक के PSO के निलंबन के बाद यह मामला फिर से चर्चा में आ गया है और आगे भी इस पर राजनीतिक बयानबाजी तेज होने के आसार हैं.

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निष्कर्ष

शिव विधायक रविन्द्र सिंह भाटी के पेट्रोल कांड मामले में PSO तखत सिंह के निलंबन से प्रशासन की सख्ती साफ दिख रही है. यह कार्रवाई जनप्रतिनिधियों की सुरक्षा प्रोटोकॉल की गंभीरता को दर्शाती है. हालांकि, इस घटना ने गिरल लिग्नाइट माइन्स के मजदूरों के आंदोलन को फिर से चर्चा में ला दिया है, जिससे यह मामला राजनीतिक गलियारों में गर्मा सकता है.

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स्रोत: News18 Rajasthan