🌾 खरीफ गिरदावरी का सीज़न नज़दीक है: राजस्थान में खरीफ फसलों की गिरदावरी आमतौर पर 15 अगस्त के आसपास शुरू होती है। अपनी गिरदावरी देखने या नकल डाउनलोड करने के लिए webgirdawari.rajasthan.gov.in पर संवत वर्ष, सीज़न, गांव और खाता नंबर चुनें — रिपोर्ट मिनटों में स्क्रीन पर आ जाती है।
जयपुर। राजस्थान के किसानों के लिए गिरदावरी अब पटवारी के चक्कर काटने का काम नहीं रही। राजस्व विभाग ने गिरदावरी देखना, नकल निकालना और खुद अपनी फसल की गिरदावरी दर्ज करना — तीनों काम ऑनलाइन कर दिए हैं। फसल बीमा क्लेम से लेकर आपदा मुआवजे और समर्थन मूल्य (MSP) पर उपज बेचने के पंजीकरण तक, हर जगह गिरदावरी रिकॉर्ड ही आधार बनता है। इस गाइड में जानिए गिरदावरी ऑनलाइन कैसे देखें, नकल कैसे डाउनलोड करें और सरकारी 'राज किसान गिरदावरी' ऐप से खुद गिरदावरी कैसे करें।
एक नज़र में
| गिरदावरी देखने/नकल का पोर्टल | webgirdawari.rajasthan.gov.in |
|---|---|
| धरा गिरदावरी | khasra.rbaas.in |
| खुद गिरदावरी का ऐप | राज किसान गिरदावरी (Kisan Girdawari) — DoIT&C, राजस्थान सरकार |
| खरीफ गिरदावरी सीज़न | आमतौर पर 15 अगस्त के आसपास से; आधिकारिक तिथि अधिसूचना से तय |
| किसके काम की | फसल बीमा क्लेम, आपदा मुआवजा, MSP पंजीकरण, बैंक/KCC |
गिरदावरी क्या है और क्यों ज़रूरी है
गिरदावरी खेत के हर खसरे में बोई गई फसल का सरकारी रिकॉर्ड है — किस खसरे में कौन-सी फसल, कितने रकबे में बोई गई, सिंचित है या असिंचित। पहले यह काम हर सीज़न (खरीफ, रबी, जायद) में सिर्फ पटवारी करता था; अब ई-गिरदावरी व्यवस्था में किसान भी ऐप से अपनी फसल दर्ज कर सकता है। यह रिकॉर्ड इसलिए अहम है क्योंकि:
- फसल बीमा (PMFBY): क्लेम के समय बोई गई फसल का प्रमाण गिरदावरी से ही मिलता है।
- आपदा मुआवजा: ओलावृष्टि, बाढ़ या सूखे से खराबे पर सरकार गिरदावरी करवाकर ही मुआवजा तय करती है।
- MSP खरीद: समर्थन मूल्य पर उपज बेचने के पंजीकरण में आमतौर पर गिरदावरी मांगी जाती है।
- बैंक/KCC: फसली ऋण और किसान क्रेडिट कार्ड के मामलों में भी यह रिकॉर्ड काम आता है।
यानी जिस किसान की गिरदावरी में फसल दर्ज नहीं है, उसके लिए बीमा-मुआवजे का दावा कमजोर पड़ सकता है — इसीलिए सीज़न में अपनी गिरदावरी जांचना ज़रूरी है।
गिरदावरी ऑनलाइन कैसे देखें और नकल कैसे निकालें
- ब्राउज़र में webgirdawari.rajasthan.gov.in खोलें और 'Girdawari Document Download' (खसरा गिरदावरी रिपोर्ट) सेक्शन में जाएं — सीधा पेज: webgirdawari.rajasthan.gov.in/Web/GirdawariDoc।
- संवत वर्ष चुनें। ध्यान रहे — पोर्टल विक्रम संवत मांगता है, ईस्वी सन नहीं। संवत 2082 यानी मोटे तौर पर अप्रैल–दिसंबर 2025 की फसलें और संवत 2083 यानी 2026 की फसलें।
- सीज़न/फसल चुनें — खरीफ, रबी या जायद।
- अपना जिला-तहसील (ILR), पटवार हल्का और गांव चुनें।
- खाता या खसरा नंबर डालकर रिपोर्ट देखें और PDF के रूप में गिरदावरी नकल डाउनलोड कर लें।
पिछले वर्षों की गिरदावरी के लिए पोर्टल पर अलग 'Previous Years' सेक्शन है। इसके अलावा धरा गिरदावरी (khasra.rbaas.in) से भी खसरेवार गिरदावरी देखी जा सकती है। खाता-खसरा नंबर याद न हो तो पहले अपना खाता पोर्टल से जमाबंदी नकल निकालकर मिलान कर लें।
राज किसान गिरदावरी ऐप से खुद गिरदावरी कैसे करें
राजस्थान सरकार ने किसानों को खुद अपनी फसल की गिरदावरी दर्ज करने की सुविधा दी है। तरीका यह है:
- Google Play Store से 'राज किसान गिरदावरी' ऐप डाउनलोड करें — डेवलपर DoIT&C, Govt. of Rajasthan ही देखकर इंस्टॉल करें, मिलते-जुलते गैर-सरकारी ऐप्स से बचें।
- मोबाइल नंबर OTP या जन आधार से लॉगिन करें।
- अपना जिला, तहसील, गांव और खसरा नंबर चुनें।
- फसल का ब्योरा भरें — कौन-सी फसल बोई है, बुवाई की जानकारी आदि।
- खेत में खड़े होकर फसल की जियो-टैग फोटो खींचकर अपलोड करें। मोबाइल की लोकेशन (GPS) ऑन रखना ज़रूरी है — पूरी प्रक्रिया उसी खेत पर पूरी करनी होती है जिसकी गिरदावरी करनी है।
- सबमिट करने के बाद सत्यापन/अनुमोदन होता है और आपकी दर्ज जानकारी आधिकारिक गिरदावरी रिकॉर्ड में जुड़ जाती है।
समय-सीमा और सीज़न
खरीफ गिरदावरी परंपरागत रूप से 15 अगस्त के आसपास शुरू होती है — खरीफ 2024 (संवत 2081) में यह 15 अगस्त से शुरू हुई थी। खरीफ 2026 की सटीक तिथि राजस्व विभाग की अधिसूचना से ही तय होगी, इसलिए अगस्त की शुरुआत से पोर्टल, ऐप और अपने पटवारी से अपडेट लेते रहें। रबी की गिरदावरी आमतौर पर जनवरी–मार्च और जायद की गर्मियों में होती है। स्व-गिरदावरी की विंडो सीमित समय के लिए खुलती है — समय निकल जाने पर पटवारी/सर्वेयर की दर्ज गिरदावरी ही रिकॉर्ड में रहती है, इसलिए फसल खड़ी होते ही अपनी एंट्री कर देना बेहतर है।
आम दिक्कतें और समाधान
- संवत वर्ष की उलझन: पोर्टल पर 2025-26 जैसा ईस्वी सन नहीं, विक्रम संवत (2082/2083) चुनना होता है — गलत संवत चुनने पर रिकॉर्ड खाली दिखता है।
- खसरा/खाता नंबर नहीं मिल रहा: अपना खाता पोर्टल से जमाबंदी नकल निकालकर नंबर का मिलान करें; नाम बदलाव या बंटवारे के बाद नंबर बदल सकते हैं।
- OTP नहीं आ रहा: कुछ देर बाद दोबारा कोशिश करें या जन आधार लॉगिन विकल्प आज़माएं।
- फोटो अपलोड फेल: लोकेशन ऑन रखें और खेत पर ही फोटो लें — ऐप खेत से बाहर की फोटो स्वीकार नहीं करता; नेटवर्क कमजोर हो तो खेत में ही सिग्नल वाली जगह से दोबारा कोशिश करें।
- रिकॉर्ड में गलत फसल दर्ज: संबंधित पटवारी या तहसील कार्यालय में आपत्ति दर्ज कराएं — सत्यापन के बाद सुधार वहीं से होता है।
- पोर्टल स्लो/डाउन: गिरदावरी सीज़न में लोड बढ़ने पर पोर्टल धीमा हो सकता है — सुबह जल्दी या देर शाम कोशिश करें।
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