🆔 फार्मर रजिस्ट्री राजस्थान: किसान पहचान पत्र (Farmer ID) अब PM किसान सम्मान निधि की आगे की किस्तों के लिए अनिवार्य किया जा चुका है। राजस्थान के किसान rjfr.agristack.gov.in पर घर बैठे खुद निःशुल्क रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं। अपने गांव के कैंप की जानकारी rjfrc.rajasthan.gov.in पर देखें।
जयपुर। केंद्र सरकार की एग्रीस्टैक (AgriStack) पहल के तहत राजस्थान में फार्मर रजिस्ट्री का काम तेज़ी से चल रहा है। हर किसान को एक यूनिक डिजिटल किसान ID दी जा रही है, जिसमें आधार, जमाबंदी/खसरा जैसे भूमि रिकॉर्ड और बैंक खाता एक ही प्रोफाइल में जुड़ जाते हैं। PM किसान की 22वीं किस्त 13 मार्च 2026 को जारी हो चुकी है और मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक 2026 की किस्तों (22वीं से आगे) के लिए फार्मर ID व e-KYC अनिवार्य कर दी गई है — यानी जिन किसानों की रजिस्ट्री नहीं हुई, उनकी ₹2,000 की किस्त अटक सकती है। राहत की बात यह है कि रजिस्ट्रेशन के तीन आसान रास्ते हैं — खुद ऑनलाइन, ग्राम पंचायत के कैंप में, या नज़दीकी CSC/ई-मित्र से।
एक नज़र में
| पहल | फार्मर रजिस्ट्री — एग्रीस्टैक (केंद्र + राजस्थान सरकार) |
| क्या मिलेगा | यूनिक किसान पहचान पत्र (Farmer ID) |
| सेल्फ-रजिस्ट्रेशन पोर्टल | rjfr.agristack.gov.in |
| कैंप की जानकारी | rjfrc.rajasthan.gov.in |
| फीस | निःशुल्क (सरकारी कैंप/पोर्टल पर) |
| दस्तावेज़ | आधार (मोबाइल लिंक), जमाबंदी/खसरा, बैंक पासबुक |
| PM किसान लिंक | 2026 से किस्त के लिए फार्मर ID अनिवार्य (रिपोर्ट्स) |
फार्मर रजिस्ट्री क्या है और क्यों ज़रूरी?
फार्मर रजिस्ट्री किसान का डिजिटल पहचान रिकॉर्ड है। इसमें आपकी ज़मीन के खाता/खसरा नंबर आधार से जुड़कर एक Farmer ID बनती है — इसे किसान का 'आधार' समझिए। एक बार ID बन जाने पर PM किसान, फसल बीमा, MSP पर खरीद, किसान क्रेडिट कार्ड और सब्सिडी जैसी योजनाओं में बार-बार कागज़ जमा कराने की ज़रूरत नहीं रहेगी।
सबसे बड़ी वजह PM किसान है — रिपोर्ट्स के अनुसार बिना फार्मर ID के आगे की किस्तें रोकी जा सकती हैं। अगली (23वीं) किस्त की आधिकारिक तारीख अभी घोषित नहीं हुई है, इसलिए बिना इंतज़ार किए रजिस्ट्री करा लेना ही समझदारी है।
घर बैठे ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन — स्टेप बाय स्टेप
- rjfr.agristack.gov.in खोलें और Farmer विकल्प चुनकर Login as Farmer पर जाएं।
- नए यूज़र हैं तो Create New User Account पर क्लिक करें।
- आधार नंबर दर्ज करें — आधार से लिंक मोबाइल पर आए OTP से e-KYC पूरी करें।
- अपना मोबाइल नंबर OTP से वेरिफाई करें और पासवर्ड सेट करें।
- बने अकाउंट से लॉगिन करें — Register as Farmer में आधार से आई व्यक्तिगत जानकारी जांचें।
- Land Ownership Details में जिला, तहसील, गांव चुनकर अपने खाता/खसरा नंबर जोड़ें और जमाबंदी में दर्ज नाम से मिलान (Verify) करें।
- विभाग (Agriculture), सामाजिक श्रेणी जैसी बाकी जानकारी भरें।
- आधार OTP से e-Sign कर फॉर्म Submit करें — स्क्रीन पर एनरोलमेंट ID मिलेगी, इसे संभालकर रखें।
नोट: पोर्टल पर विकल्पों के नाम समय-समय पर थोड़े बदल सकते हैं, लेकिन क्रम यही रहता है — अकाउंट → e-KYC → भूमि विवरण → e-Sign → सबमिट।
कैंप और ई-मित्र/CSC विकल्प
जिन किसानों के पास स्मार्टफोन नहीं है या ऑनलाइन प्रक्रिया कठिन लगती है, उनके लिए ग्राम पंचायत मुख्यालयों पर चरणबद्ध सरकारी कैंप लगाए जा रहे हैं। अपने क्षेत्र के कैंप की तारीख और स्थान rjfrc.rajasthan.gov.in पोर्टल पर देखे जा सकते हैं, या पंचायत/तहसील कार्यालय से पूछें। कैंप में रजिस्ट्रेशन पूरी तरह निःशुल्क है — मौके पर एनरोलमेंट स्लिप मिलती है और आमतौर पर फार्मर ID SMS से मोबाइल पर भेज दी जाती है। इसके अलावा नज़दीकी CSC/ई-मित्र कियोस्क से भी रजिस्ट्री कराई जा सकती है (कियोस्क पर मामूली सेवा शुल्क संभव)।
कौन से दस्तावेज़ चाहिए?
- आधार कार्ड — मोबाइल नंबर से लिंक होना अनिवार्य (OTP इसी पर आएगा)
- जमाबंदी नकल / खाता-खसरा विवरण — अपना खाता पोर्टल से निकाल सकते हैं
- बैंक पासबुक — वही खाता जो PM किसान में दर्ज है तो बेहतर
- जन आधार — राजस्थान में साथ रखें, प्रक्रिया आसान होती है
स्टेटस चेक और किसान ID कार्ड डाउनलोड
सबमिट करने के बाद आवेदन सत्यापन में जाता है। स्टेटस देखने के लिए rjfr.agristack.gov.in पर लॉगिन कर Check Enrolment Status विकल्प चुनें और एनरोलमेंट ID या आधार नंबर दर्ज करें। रजिस्ट्री स्वीकृत होते ही पोर्टल पर Download Farmer ID Card विकल्प से अपना किसान पहचान पत्र PDF में डाउनलोड कर सकते हैं। कैंप में बनवाई रजिस्ट्री की ID आमतौर पर SMS से भी मिल जाती है।
आम दिक्कतें और समाधान
- आधार से मोबाइल लिंक नहीं — OTP नहीं आएगा और e-KYC अटक जाएगी। पहले नज़दीकी आधार सेवा केंद्र पर मोबाइल नंबर अपडेट कराएं।
- जमाबंदी और आधार में नाम अलग-अलग — नाम मिलान (name match) फेल हो सकता है। कैंप में पटवारी/ऑपरेटर की मदद से सुधार कराएं।
- भूमि रिकॉर्ड अपडेट नहीं — विरासत/नामांतरण दर्ज न होने पर खसरा आपके नाम नहीं दिखेगा; पहले तहसील में नामांतरण कराएं।
- संयुक्त खाते की ज़मीन — हर हिस्सेदार किसान को अपनी अलग फार्मर ID बनवानी होती है।
- पोर्टल धीमा/OTP में देरी — भीड़ के समय सर्वर धीमा रहता है; सुबह जल्दी कोशिश करें या कैंप/ई-मित्र का रास्ता चुनें।






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