📊 तुलना: राजस्थान सरकारी नौकरी सैलरी 2026 — किस पद पर कितनी सैलरी (सभी पदों की तुलना)

जयपुर। REET मुख्य परीक्षा (REET Mains) के ज़रिए चयनित राजस्थान तृतीय श्रेणी अध्यापक (3rd Grade Teacher) — Level-1 (कक्षा 1 से 5) व Level-2 (कक्षा 6 से 8) की नियुक्ति के बाद सबसे बड़ा सवाल यही उठता है — "3rd grade teacher की सैलरी कितनी मिलती है, इन-हैंड हाथ में कितना आता है, और प्रोबेशन के दो साल में कितना वेतन मिलेगा?" इसका सीधा जवाब है: तृतीय श्रेणी अध्यापक का पद राजस्थान वेतन मैट्रिक्स के Pay Level L-10 (ग्रेड पे ₹3,600, पुराना पे बैंड PB-2 9300–34800) में आता है, जिसका प्रारंभिक मूल वेतन (basic pay) ₹33,800 प्रतिमाह है। लेकिन एक अहम राजस्थान-विशिष्ट पेच है — परिवीक्षा (probation) के पहले दो वर्ष आपको पूरी सैलरी नहीं, बल्कि केवल एक फिक्स वेतन ₹23,700 प्रतिमाह (fixed remuneration) मिलता है, जिस पर DA, HRA व अन्य भत्ते नहीं जुड़ते। इस गाइड में पूरा वेतन ढाँचा, इन-हैंड का गणित, प्रोबेशन वेतन, Level-1 बनाम Level-2 का सच, भत्ते और नए शिक्षकों की ट्रांसफर (स्थानांतरण) नीति — सब एक जगह।

ध्यान दें: कई वेबसाइट प्रोबेशन के दौरान भी ₹33,800 बेसिक दिखा देती हैं, या ₹23,700 की फिक्स राशि को छिपा जाती हैं। राजस्थान में 1 अक्टूबर 2017 के बाद नियुक्त सभी नए सीधी भर्ती कर्मचारियों की तरह तृतीय श्रेणी अध्यापक को भी परिवीक्षा के दो साल केवल फिक्स पारिश्रमिक ₹23,700 ही मिलता है — पूरी सैलरी नहीं। इस लेख के सभी आँकड़े राजस्थान राज्य के अपने pay matrix पर आधारित हैं।

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नियुक्ति, पोस्टिंग व काउंसलिंग की प्रक्रिया के लिए पहले देखें — REET Mains जॉइनिंग व पोस्टिंग प्रक्रिया 2026 और REET Mains जिला आवंटन 2026। अपनी रैंक जाँचने के लिए देखें — REET Mains मेरिट लिस्ट 2026

एक नज़र में: Rajasthan 3rd Grade Teacher वेतन ढाँचा 2026

घटक (Component) विवरण / राशि
पदतृतीय श्रेणी अध्यापक (Level-1 व Level-2)
भर्ती माध्यमREET मुख्य परीक्षा (REET Mains)
Pay LevelL-10 (राजस्थान वेतन मैट्रिक्स)
ग्रेड पे (पुराना संदर्भ)₹3,600 (PB-2, 9300–34800)
प्रारंभिक मूल वेतन (Basic Pay)₹33,800 प्रतिमाह
वेतन मैट्रिक्स रेंज (L-10)₹33,800 से ₹1,06,700
महँगाई भत्ता (DA)60% (1 जनवरी 2026 से लागू)
मकान किराया भत्ता (HRA)शहर वर्ग अनुसार (नीचे देखें)
परिवीक्षा अवधि2 वर्ष — फिक्स वेतन ₹23,700

प्रोबेशन (परिवीक्षा काल) में कितना वेतन मिलता है? — सबसे ज़रूरी बात

यह वह बिंदु है जिस पर ज़्यादातर अभ्यर्थी confused रहते हैं। राजस्थान सिविल सेवा (संशोधित वेतन) नियम, 2017 (RCS Revised Pay Rules, 2017 — 1 अक्टूबर 2017 से लागू) के अनुसार, 1 अक्टूबर 2017 के बाद सीधी भर्ती से नियुक्त हुए सभी नए कर्मचारियों को परिवीक्षा (probation) के दौरान केवल "फिक्स पारिश्रमिक" (fixed remuneration) दिया जाता है। Pay Level L-10 के लिए यह फिक्स राशि ₹23,700 प्रतिमाह निर्धारित है।

तृतीय श्रेणी अध्यापक के लिए इसका सीधा मतलब:

  • परिवीक्षा के दो साल: केवल ₹23,700 प्रतिमाह (फिक्स) मिलेगा — ₹33,800 बेसिक नहीं।
  • इन दो वर्षों में DA, HRA, CCA, विशेष भत्ता या कोई अन्य भत्ता नहीं जुड़ता — नियम स्पष्ट रूप से इन्हें probationer-trainee के लिए वर्जित करता है।
  • GPF/NPS अंशदान व RGHS जैसी मामूली कटौतियों के बाद हाथ में लगभग ₹21,000–₹21,500 आता है।
  • परिवीक्षा सफलतापूर्वक पूरी होने पर ही कर्मचारी को नियमित Level L-10 में ₹33,800 पर फिक्सेशन मिलता है और तभी से DA + HRA + अन्य भत्ते जुड़ने शुरू होते हैं।

यह कोई जुर्माना नहीं, बल्कि सभी राजस्थान सरकारी सीधी भर्तियों (पुलिस SI, पटवारी, LDC, प्रयोगशाला सहायक आदि सहित) पर समान रूप से लागू नियम है।

परिवीक्षा के बाद इन-हैंड सैलरी का पूरा गणित

दो साल की probation पूरी होने के बाद आपको पूरा वेतन मिलना शुरू होता है। 1 जनवरी 2026 से राजस्थान में DA 60% है। HRA पोस्टिंग शहर के वर्ग पर निर्भर करता है। नीचे ₹33,800 बेसिक पर अनुमानित गणना देखें (TA व अन्य छोटे भत्ते लगभग ₹1,000 मानकर; कटौतियाँ — GPF/NPS अंशदान, RGHS, बीमा आदि — लगभग 10%):

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घटक Z वर्ग शहर (HRA 9%) Y वर्ग शहर (HRA 18%) X वर्ग शहर — जयपुर/जोधपुर (HRA 27%)
मूल वेतन (Basic)₹33,800₹33,800₹33,800
DA (60%)₹20,280₹20,280₹20,280
HRA₹3,042₹6,084₹9,126
अन्य भत्ते (TA आदि, लगभग)₹1,000₹1,000₹1,000
कुल सकल वेतन (Gross)≈ ₹58,120≈ ₹61,160≈ ₹64,200
अनुमानित इन-हैंड (कटौती बाद)≈ ₹48,000≈ ₹49,500≈ ₹51,000

अनुमान (Assumptions): उपरोक्त आँकड़े प्रारंभिक सेल (₹33,800) पर आधारित हैं और राजस्थान में लागू मौजूदा DA 60% (जनवरी 2026) मानकर निकाले गए हैं। HRA दरें शहर वर्गीकरण (X/Y/Z) पर निर्भर हैं और सरकारी अधिसूचना से बदल सकती हैं; कटौतियों में पेंशन अंशदान शामिल है। हर वार्षिक वेतनवृद्धि (increment) के साथ बेसिक बढ़ने पर इन-हैंड भी बढ़ता है। अतः परिवीक्षा के बाद तृतीय श्रेणी अध्यापक की इन-हैंड सैलरी मोटे तौर पर ₹48,000 से ₹51,000 प्रतिमाह की रेंज में रहती है।

Level-1 बनाम Level-2 अध्यापक — वेतन में कोई अंतर?

एक आम भ्रम यह है कि Level-2 (कक्षा 6–8) अध्यापक को Level-1 (कक्षा 1–5) से ज़्यादा वेतन मिलता है। यह गलत है। राजस्थान में दोनों — Level-1 और Level-2 — तृतीय श्रेणी अध्यापक एक ही Pay Level L-10 (ग्रेड पे ₹3,600, बेसिक ₹33,800) में आते हैं। दोनों की मूल वेतन, DA, HRA, परिवीक्षा फिक्स वेतन (₹23,700) और इन-हैंड — सब समान है। अंतर केवल कार्य-स्तर (पढ़ाई जाने वाली कक्षाएँ व विषय) का है, वेतन का नहीं।

तृतीय श्रेणी अध्यापक को मिलने वाले प्रमुख भत्ते (Allowances)

  • महँगाई भत्ता (DA): मूल वेतन का 60% (जनवरी 2026 से); साल में दो बार (जनवरी व जुलाई) संशोधित।
  • मकान किराया भत्ता (HRA): X वर्ग (जयपुर, जोधपुर) ~27%, Y वर्ग (कोटा, अजमेर, बीकानेर आदि) ~18%, Z वर्ग/ग्रामीण ~9% — DA की दर बढ़ने के साथ HRA स्लैब भी बदलते हैं।
  • यात्रा/परिवहन भत्ता (TA): नियमानुसार निश्चित मासिक राशि।
  • चिकित्सा सुविधा एवं अवकाश: RGHS मेडिकल कवर, आकस्मिक व अर्जित अवकाश, गर्मियों की दीर्घ छुट्टियाँ (शैक्षणिक कैलेंडर अनुसार)।
  • पेंशन/NPS: राज्य की प्रचलित पेंशन नीति अनुसार अंशदान।

प्रमोशन पथ (Promotion Path) — तृतीय श्रेणी से आगे क्या?

तृतीय श्रेणी अध्यापक स्थायी कैरियर growth वाला पद है। सामान्य पदोन्नति क्रम (वरिष्ठता व विभागीय नियमों के अधीन):

  1. तृतीय श्रेणी अध्यापक (Level-1/Level-2) — प्रवेश पद, Pay Level L-10।
  2. द्वितीय श्रेणी अध्यापक (वरिष्ठ अध्यापक / 2nd Grade Teacher) — Pay Level L-11 की ओर पदोन्नति।
  3. प्रधानाध्यापक (Headmaster) / व्याख्याता (Lecturer — 1st Grade) स्तर तक।
  4. आगे प्रधानाचार्य (Principal) व प्रशासनिक पदों तक।

इसके अतिरिक्त, निश्चित वर्षों की सेवा पर ACP/MACP (Assured Career Progression) के तहत वित्तीय उन्नयन भी मिलता है, भले ही नियमित प्रमोशन में देरी हो।

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ट्रांसफर (स्थानांतरण) नीति — नए शिक्षकों के लिए ज़रूरी बातें

तृतीय श्रेणी अध्यापक एक राज्य-स्तरीय (state cadre) पद है, अतः राज्य के भीतर स्थानांतरण संभव है। पर नए शिक्षकों के लिए कुछ अहम बिंदु ध्यान रखें —

  • परिवीक्षा में ट्रांसफर नहीं: परिवीक्षाधीन (probationer) शिक्षक का सामान्यतः स्थानांतरण नहीं किया जाता — पहली पोस्टिंग पर ही सेवा करनी होती है। ट्रांसफर का प्रश्न परिवीक्षा पूरी होने के बाद ही व्यावहारिक रूप से उठता है।
  • न्यूनतम सेवा-अवधि: राजस्थान की प्रचलित स्थानांतरण मार्गदर्शिका के अनुसार, अंतर-जिला (inter-district) स्थानांतरण के लिए कर्मचारी को वर्तमान पदस्थापन स्थान पर न्यूनतम 5 वर्ष की सेवा पूर्ण करनी होती है।
  • TSP / अनुसूचित क्षेत्र: अनुसूचित क्षेत्र (TSP — जनजातीय उप-योजना क्षेत्र, जैसे उदयपुर, बाँसवाड़ा, डूँगरपुर आदि) में नियुक्त शिक्षकों का अंतर-जिला स्थानांतरण अनुसूचित क्षेत्र के भीतर ही किया जा सकता है — TSP से Non-TSP या Non-TSP से TSP में सीधा स्थानांतरण सामान्यतः प्रतिबंधित है।
  • नीति की मौजूदा स्थिति (जून 2026): राजस्थान सरकार ने तृतीय श्रेणी शिक्षकों के लिए एक नई ऑनलाइन स्थानांतरण नीति का ड्राफ्ट तैयार किया है, जिसके तहत शिक्षक साल में दो बार अपनी पसंद के स्कूल/ब्लॉक के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे और लंबे समय (जैसे एक ही स्कूल पर 10 वर्ष) से जमे शिक्षकों को अनिवार्य रूप से प्रक्रिया में शामिल किया जाएगा। यह नीति अभी ड्राफ्ट/प्रस्तावित चरण में है; अंतिम अधिसूचना जारी होने तक स्थानांतरण मौजूदा स्थानांतरण मार्गदर्शिका और प्रशासनिक आवश्यकता के अनुसार ही होंगे।

संक्षेप में: नए तृतीय श्रेणी अध्यापक को कम-से-कम परिवीक्षा (2 वर्ष) के बाद, और अंतर-जिला ट्रांसफर के लिए सामान्यतः 5 वर्ष की सेवा के बाद ही आवेदन का मौका मिलता है; TSP-क्षेत्र की पोस्टिंग TSP में ही सीमित रहती है। अंतिम/नई ऑनलाइन नीति की पुष्टि शिक्षा विभाग की आधिकारिक अधिसूचना से करें।

(स्रोत: राजस्थान सिविल सेवा (संशोधित वेतन) नियम, 2017 — probationer-trainee फिक्स पारिश्रमिक प्रावधान, Level L-10 फिक्स ₹23,700; राजस्थान वेतन मैट्रिक्स Level L-10 (न्यूनतम ₹33,800, ग्रेड पे ₹3600); राजस्थान वित्त विभाग का DA आदेश (60%, 1 जनवरी 2026 से लागू); राजस्थान शिक्षा विभाग स्थानांतरण मार्गदर्शिका व प्रस्तावित ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी ड्राफ्ट। आधिकारिक वेतन, भत्ते व ट्रांसफर नीति की पुष्टि finance.rajasthan.gov.in एवं education.rajasthan.gov.in से करें। इन-हैंड आँकड़े अनुमानित हैं तथा पोस्टिंग शहर, increment व कटौतियों पर निर्भर करते हैं।)