🟢 नया अपडेट (25 अगस्त 2026): मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने सभी जिला कलक्टरों को योजना की समीक्षा कर जरूरत वाले स्कूलों में समय पर गेस्ट फैकल्टी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं — यानी योजना फिर सक्रिय हो रही है। साथ ही चयन का पदवार अंकभार (किस डिग्री के कितने प्रतिशत जुड़ेंगे) और हर रिक्त पद पर तीन नामों के पैनल की व्यवस्था भी स्पष्ट कर दी गई है — पूरा गणित नीचे।
🧑🏫 सीधा जवाब: विद्या संबल योजना में सरकारी स्कूल/कॉलेज/छात्रावासों में शिक्षकों की कमी पूरी करने के लिए गेस्ट फैकल्टी रखी जाती है — चयन संस्था स्तर पर मेरिट से, बिना किसी परीक्षा के। मानदेय पद के अनुसार: तृतीय श्रेणी ₹300/घंटा (₹21,000 तक), व्याख्याता ₹400/घंटा (₹30,000 तक), असिस्टेंट प्रोफेसर ₹800/घंटा (₹45,000 तक)। ⚠️ अहम बदलाव: खबरों के अनुसार सरकार पुरानी विद्या संबल व्यवस्था की जगह 2026-27 से नई 5-वर्षीय संविदा गेस्ट फैकल्टी व्यवस्था लाने की तैयारी में है (प्रस्तावित)।
जयपुर। नए सत्र की शुरुआत में जब स्कूल-कॉलेजों में पद खाली रहते हैं, तब पढ़ाई बाधित न हो इसके लिए यह योजना गेस्ट फैकल्टी उपलब्ध कराती है। यहां मानदेय दरें, पात्रता, आवेदन का तरीका और 2026-27 की नई व्यवस्था — सब एक जगह।
मानदेय दरें (पद अनुसार)
| पद | प्रति घंटा | अधिकतम प्रतिमाह |
|---|---|---|
| तृतीय श्रेणी (कक्षा 1-8, लेवल 1 व 2) | ₹300 | ₹21,000 |
| द्वितीय श्रेणी (कक्षा 9-10) | ₹350 | ₹25,000 |
| व्याख्याता/प्रथम श्रेणी (कक्षा 11-12) | ₹400 | ₹30,000 |
| सहायक आचार्य (कॉलेज) | ₹800 | ₹45,000 |
| सह आचार्य | ₹1,000 | ₹52,000 |
| आचार्य (प्रोफेसर) | ₹1,200 | ₹60,000 |
ध्यान दें — कॉलेज गेस्ट फैकल्टी 2026-27 की व्यवस्था आम तौर पर ₹800 प्रति क्लास, अधिकतम 14 घंटे/सप्ताह और हर 50 क्लास पूरी होने पर भुगतान के रूप में होती है — यानी ₹45,000 ऊपरी सीमा है, वास्तविक भुगतान पढ़ाई गई क्लास पर निर्भर करता है।
चयन कैसे होता है? (कोई परीक्षा नहीं)
हर स्कूल/कॉलेज की समिति मेरिट के आधार पर चयन करती है — कोई लिखित परीक्षा नहीं। मेरिट आम तौर पर 100 अंकों की होती है (शैक्षणिक योग्यता + NET/SET/SLET/PhD + शोध प्रकाशन + अनुभव आदि)। हर संस्था अपने खाली पद विषय-वार विज्ञापित करती है और प्राथमिकता सूची जारी करती है। कोई आवेदन शुल्क नहीं।
पात्रता
- स्कूल पद: संबंधित स्तर की शिक्षक योग्यता — B.Ed + REET/शिक्षक पात्रता (लेवल 1/2), व्याख्याता के लिए विषय PG + B.Ed।
- कॉलेज पद: विषय में स्नातकोत्तर + NET/SLET/SET या PhD; PhD धारकों को प्राथमिकता।
- सेवानिवृत्त शिक्षक भी पात्र हैं — अधिकतम आयु सीमा 65 वर्ष।
"कॉलेज लेक्चरर वैकेंसी 2026" — भ्रम दूर करें
ध्यान रखें — विद्या संबल की गेस्ट फैकल्टी (संस्था स्तर, बिना परीक्षा) और RPSC की असिस्टेंट प्रोफेसर (कॉलेज शिक्षा) प्रतियोगी परीक्षा (स्थायी नियुक्ति) — दो अलग चीजें हैं। अक्सर दोनों को एक समझ लिया जाता है। विद्या संबल स्थायी नौकरी नहीं है।
आवेदन कैसे करें?
जिस स्कूल/कॉलेज ने पद विज्ञापित किया है, वहीं निर्धारित फॉर्म पर ऑफलाइन आवेदन करें; समिति मेरिट बनाकर सूची जारी करती है। दस्तावेज: आधार, शपथ पत्र, अंकतालिका/डिग्री, NET/SET/PhD प्रमाण, अनुभव प्रमाण, मूल निवास। कॉलेज शिक्षा की 2026-27 की मुख्य प्रक्रिया जून 2026 में चली; ताज़ा/पूरक सूचना के लिए hte.rajasthan.gov.in व संबंधित कॉलेज की वेबसाइट देखें।
नई व्यवस्था: 5-वर्षीय संविदा गेस्ट फैकल्टी
खबरों के अनुसार सरकार पुरानी विद्या संबल व्यवस्था को समेटकर 2026-27 से नई 5-वर्षीय संविदा गेस्ट फैकल्टी व्यवस्था लाने जा रही है (प्रस्तावित मानदेय ~₹28,800/माह की चर्चा)। पुराने गेस्ट फैकल्टी नियमितीकरण की मांग कर रहे हैं। यह बदलाव अभी प्रक्रिया में है — आधिकारिक आदेश आते ही यह पेज अपडेट होगा।
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चयन का अंकभार: किस डिग्री के कितने प्रतिशत जुड़ेंगे
विद्या संबल में कोई परीक्षा नहीं होती — चयन शैक्षणिक अंकों की मेरिट से होता है। और मेरिट कैसे बनेगी, यह पद के अनुसार तय अंकभार (weightage) से तय होता है। पदवार निर्धारित अंकभार इस प्रकार है:
| पद | कक्षा 10 | कक्षा 12 | स्नातक | स्नातकोत्तर | प्रशैक्षणिक योग्यता (STC/B.Ed) |
|---|---|---|---|---|---|
| अध्यापक लेवल-1 | 30% | 40% | — | — | 30% |
| अध्यापक लेवल-2 | 20% | 20% | 30% | — | 30% |
| वरिष्ठ अध्यापक | 10% | 10% | 50% | — | 30% |
| व्याख्याता | — | — | 20% | 50% | 30% |
इस तालिका से तीन काम की बातें निकलती हैं:
- हर पद में प्रशैक्षणिक योग्यता (STC/B.Ed) का वजन 30% स्थिर है — यानी B.Ed/STC के अंक हर स्तर पर बराबर महत्व रखते हैं, चाहे आप लेवल-1 के लिए आवेदन करें या व्याख्याता के लिए।
- जैसे-जैसे पद ऊपर जाता है, स्कूली अंकों का महत्व घटता जाता है। लेवल-1 में कक्षा 10 और 12 मिलकर 70% तय करते हैं, वरिष्ठ अध्यापक में यही घटकर 20% रह जाता है, और व्याख्याता में स्कूली अंक गिने ही नहीं जाते।
- व्याख्याता में स्नातकोत्तर के 50% अंक निर्णायक हैं और वरिष्ठ अध्यापक में स्नातक के 50% — इसलिए इन दो पदों में मेरिट लगभग पूरी तरह उच्च शिक्षा के अंकों पर टिकी है।
चारों पदों में अंकभार का योग 100% होता है। विभाग का नोट भी साफ है कि उपरोक्त अंकभार विभागीय नियमों एवं शासनादेशों के अनुसार देय होगा — यानी अंतिम गणना संस्था/जिला स्तरीय समिति विभागीय आदेश के अनुसार ही करेगी।
हर खाली पद के लिए तीन नामों का पैनल
चयन जिला स्तर पर होने की स्थिति में योग्य अभ्यर्थियों से ब्लॉकवार और संस्थावार आवेदन लिए जाते हैं, और शैक्षणिक अंकों के आधार पर वरीयता सूची बनती है। इसके बाद प्रत्येक रिक्त पद के लिए तीन अभ्यर्थियों का पैनल तैयार किया जाता है, जिसमें विषय और कक्षा की जरूरत भी देखी जाती है। गेस्ट फैकल्टी के काम की नियमित निगरानी होती है और कार्य संतोषजनक पाए जाने के सत्यापन के बाद ही भुगतान होता है। एक अहम बात — जैसे ही उस पद पर नियमित शिक्षक की नियुक्ति हो जाती है, गेस्ट फैकल्टी की व्यवस्था स्वतः समाप्त हो जाती है।






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