🏠 क्यों ट्रेंड में है: 8वें वेतन आयोग की कोलकाता बैठक (9–10 जुलाई) में कर्मचारी संगठनों ने HRA 40/35/30% करने की मांग दोहराई — जिसके बाद 'HRA कितना बढ़ेगा' देश भर में खोजा जा रहा है। अपना हिसाब यहां लगाएं → सैलरी कैलकुलेटर

जयपुर। बेसिक और DA के बाद सरकारी सैलरी का सबसे बड़ा हिस्सा मकान किराया भत्ता (HRA) होता है — और 8वें वेतन आयोग की परामर्श बैठकों में यही सबसे गर्म मुद्दा बनकर उभरा है। मौजूदा दरें, संगठनों की मांग और नई बेसिक पर गणित — तीनों यहां साफ-साफ।

अभी बनाम मांग: HRA दरें

शहर श्रेणीअभी (7वां CPC, DA>50% के बाद)संगठनों की मांग (8वां CPC)
X — 50 लाख+ आबादी (दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु...)30% (न्यूनतम ₹5,400)40%
Y — 5–50 लाख (जयपुर, जोधपुर, कोटा...)20% (न्यूनतम ₹3,600)35%
Z — बाकी शहर/कस्बे10% (न्यूनतम ₹1,800)30%

7वें आयोग में HRA 24/16/8% से शुरू होकर DA 25% पार करने पर 27/18/9% और DA 50% पार करने पर 30/20/10% हुआ था। 40/35/30 अभी सिर्फ मांग है — आयोग की सिफारिश नहीं।

गणित: HRA दो तरफ से बढ़ता है

HRA नई बेसिक पर लगेगा, इसलिए दरें न भी बढ़ें तो फिटमेंट से HRA बढ़ जाता है। उदाहरण — बेसिक ₹35,400, Y शहर (जयपुर):

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परिदृश्यबेसिकHRA दरHRA
अभी₹35,40020%₹7,080
फिटमेंट 1.92, दर वही 20%₹67,96820%₹13,594
फिटमेंट 2.57, दर वही 20%₹90,97820%₹18,196
फिटमेंट 2.57 + मांग वाली दर 35%₹90,97835%₹31,843

यानी सिर्फ HRA में ही ₹7,080 से ₹31,843 तक का फासला संभव है — इसीलिए हर घोषणा पर नज़र रखना ज़रूरी है। अपने बेसिक के लिए पूरा हिसाब: 8वां वेतन आयोग कैलकुलेटर

राजस्थान के कर्मचारियों के लिए नोट

X/Y/Z ढांचा केंद्रीय कर्मचारियों का है। राजस्थान अपने संशोधित वेतन नियमों में अपना HRA स्लैब रखता है (राज्य में शीर्ष दर जयपुर जैसे बड़े शहरों पर) — राज्य 8वें आयोग को अपनाते समय अपनी अधिसूचना से दरें तय करेगा, जैसा 7वें आयोग (नियम 2017) में हुआ था। पूरा राज्य-टाइमलाइन: 8वां वेतन आयोग और राजस्थान

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