लाडो प्रोत्साहन योजना 2026: राजस्थान सरकार बेटियों के जन्म को प्रोत्साहित करने और उनकी शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए हर नवजात बेटी के लिए ₹1.5 लाख की सहायता देती है (पहले यह राशि ₹1 लाख थी, मार्च 2025 में बढ़ाई गई)। यह राशि एकमुश्त नहीं, बल्कि जन्म से 21 वर्ष की आयु तक 7 किस्तों में शिक्षा के पड़ावों पर दी जाती है। खास बात — इसके लिए अलग से आवेदन की जरूरत नहीं, पंजीकरण PCTS पोर्टल से अपने-आप होता है।

₹1.5 लाख कब-कब और कितना मिलेगा? (7 किस्तें)

पड़ावराशि
बेटी के जन्म पर₹5,000
1 वर्ष पूरा + टीकाकरण₹5,000
विद्यालय में पहला प्रवेश₹10,000
कक्षा 6 में प्रवेश₹15,000
कक्षा 10 में प्रवेश₹20,000
कक्षा 12 में प्रवेश₹25,000
स्नातक + 21 वर्ष की आयु₹70,000
कुल₹1,50,000

पात्रता: किसे मिलेगा लाभ?

  • राजस्थान में सरकारी अस्पताल या जननी सुरक्षा योजना से मान्यता प्राप्त निजी अस्पताल में जन्मी बेटी।
  • सभी आय वर्ग के परिवारों के लिए — कोई आय सीमा नहीं (यूनिवर्सल)।
  • लाभ जारी रहने के लिए बेटी का शिक्षा के हर पड़ाव (टीकाकरण, स्कूल प्रवेश आदि) पर रिकॉर्ड अपडेट होना जरूरी।

आवेदन कैसे करें? (कोई अलग फॉर्म नहीं)

इस योजना के लिए अलग से आवेदन की आवश्यकता नहीं है। सरकारी/मान्यता प्राप्त अस्पताल में जन्मी बेटी का डेटा स्वतः PCTS (Pregnancy, Child Tracking & Health Management System) पोर्टल पर अपलोड हो जाता है, जिसे चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग संचालित करता है। आगे की किस्तें शिक्षा विभाग के रिकॉर्ड (स्कूल प्रवेश) से जुड़कर अपने-आप ट्रिगर होती हैं। इसलिए जन्म के समय जन आधार व बैंक खाता विवरण अस्पताल में सही दर्ज कराना जरूरी है।

ध्यान रखने योग्य बातें

  • जन्म अस्पताल में होना चाहिए और रिकॉर्ड PCTS में दर्ज हो।
  • माता/अभिभावक का जन आधार और आधार-लिंक्ड बैंक खाता सही दर्ज हो।
  • हर किस्त के लिए संबंधित पड़ाव (टीकाकरण/स्कूल प्रवेश) का सत्यापन जरूरी।

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निष्कर्ष

लाडो प्रोत्साहन योजना बेटी के जन्म से लेकर स्नातक तक ₹1.5 लाख की मदद देकर उसकी पढ़ाई का बोझ हल्का करती है। चूंकि पंजीकरण PCTS से अपने-आप होता है, इसलिए जन्म के समय अस्पताल में जन आधार व बैंक विवरण सही दर्ज कराना ही सबसे अहम कदम है।

स्रोत: चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग व महिला एवं बाल विकास विभाग, राजस्थान। राशि व किस्तें आधिकारिक अधिसूचना के अधीन।