📊 सीधा जवाब (2 अगस्त 2026): जनगणना 2027 की ड्यूटी करने वाले प्रगणक-पर्यवेक्षक को दोनों चरण मिलाकर ₹25,000 मानदेय मिलना रिपोर्टेड है — पहले चरण (मकान सूचीकरण) के ₹9,000 और फरवरी 2027 की जनसंख्या गणना के ₹16,000, प्रशिक्षण भत्ता अलग। राजस्थान में पहला चरण 14 जून 2026 को पूरा हो चुका है — भुगतान DBT (PFMS) से, पर्यवेक्षक-सत्यापन के बाद आता है। अटका है तो रास्ता नीचे।
जयपुर। मई-जून की धूप में घर-घर घूमकर मकान सूचीकरण करने वाले प्रदेश के हजारों शिक्षकों-कर्मचारियों का अब एक ही सवाल है — मानदेय कब आएगा। यह पेज उसी का हिसाब है: कितना बनता है, किस रास्ते आता है, कहां अटकता है, और फरवरी 2027 वाले बड़े चरण में क्या तैयार रखना है।
मानदेय का पूरा गणित (रिपोर्टेड दरें)
| चरण | काम | मानदेय | स्थिति (राजस्थान) |
|---|---|---|---|
| चरण 1 | मकान सूचीकरण (HLO) — 16 मई से 14 जून 2026 | ₹9,000 | काम पूरा — भुगतान प्रक्रिया में |
| प्रशिक्षण | चरणवार ट्रेनिंग | भत्ता अलग से (लगभग ₹600 प्रति चरण रिपोर्टेड) | — |
| चरण 2 | जनसंख्या गणना — फरवरी 2027 | ₹16,000 | आगे |
| कुल | ₹25,000 | — | |
ये दरें मीडिया रिपोर्ट्स में ORGI (महारजिस्ट्रार कार्यालय) के सर्कुलर के हवाले से आई हैं — आपके लिए अंतिम और पक्का आंकड़ा वही है जो आपके नियुक्ति आदेश/जिला जनगणना कार्यालय के आदेश में लिखा है। कोई वेबसाइट इससे ज्यादा का दावा करे तो आदेश दिखाने को कहिए।
पैसा किस रास्ते आता है — और कहां अटकता है
- रास्ता: ब्लॉक का काम पूरा → पर्यवेक्षक (सुपरवाइजर) सत्यापन → चार्ज अधिकारी स्तर से पुष्टि → भुगतान सूची → DBT/PFMS से सीधे बैंक खाते में।
- अटकने की वजह #1: ब्लॉक-सत्यापन लंबित — पर्यवेक्षक से अपने ब्लॉक की स्थिति पूछें।
- वजह #2: बैंक खाता/IFSC की गलत एंट्री — PFMS में भुगतान फेल होकर लौट जाता है। अपने भरे विवरण की पुष्टि चार्ज केंद्र से कराएं।
- वजह #3: एक ही व्यक्ति के कई ब्लॉक/आंशिक ब्लॉक के हिसाब में अंतर — ऐसे मामलों में भुगतान आनुपातिक बनता है, लिखित में स्थिति पूछें।
अटके मानदेय की सीढ़ी (इसी क्रम में जाएं)
- 1. पर्यवेक्षक — ब्लॉक सत्यापन हुआ या नहीं।
- 2. चार्ज अधिकारी (तहसील/नगर निकाय का जनगणना चार्ज केंद्र) — भुगतान सूची में नाम है या नहीं, लिखित में पूछें।
- 3. जिला जनगणना कार्यालय (कलेक्ट्रेट) — जिला स्तर की भुगतान स्थिति।
- 4. कहीं जवाब न मिले तो 181/राजस्थान संपर्क पोर्टल पर शिकायत ID बनवा लें — सरकारी बकाये के मामलों में लिखित रिकॉर्ड सबसे बड़ा हथियार है।
ड्यूटी के नियम — शिक्षकों के काम की बातें
- प्रगणक-पर्यवेक्षक मुख्यतः सरकारी शिक्षक व कर्मचारी लगाए जाते हैं; एक प्रगणक पर आम तौर पर करीब 150 मकान/800 की आबादी का ब्लॉक रहता है।
- जनगणना अधिनियम के तहत यह वैधानिक ड्यूटी है — सामान्यतः मना नहीं किया जा सकता; गंभीर वजह (स्वास्थ्य आदि) पर चार्ज अधिकारी को लिखित आवेदन से ही छूट संभव है।
- फरवरी 2027 की गिनती पूरी तरह डिजिटल (मोबाइल ऐप) होगी — चरण-2 की ट्रेनिंग में ऐप चलाना ठीक से सीख लेना ही मानदेय समय पर पाने की सबसे अच्छी तैयारी है, क्योंकि सत्यापन ऐप की एंट्रियों से ही होगा।
फरवरी 2027 का चरण: क्या-क्या तय है
- जनसंख्या गणना फरवरी 2027 में, संदर्भ तिथि 1 मार्च 2027 (बर्फीले क्षेत्रों में पहले)।
- 1931 के बाद पहली बार जाति की गिनती साथ होगी।
- आमजन के लिए खुद ऑनलाइन फॉर्म भरने (self-enumeration) की सुविधा फिर मिलने की उम्मीद है — पहले चरण में राजस्थान में यह 1-15 मई 2026 को चली थी; पूरी गाइड यहां है।
जनगणना से जुड़े बाकी पेज: Census 2027 self enumeration — खुद फॉर्म भरने का तरीका और राजस्थान में कितने जिले हैं 2026 — गिनती की पूरी कहानी।






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